Yogguru Corruption

अपने शत्रु को पहचानिये

योगगुरु रामदेव आधुनिक कालनेमि और सोनिया के उपकरण हैं| जो भी ईसाइयत और इस्लाम का समर्थक है, मानव जाति का शत्रु है| वह जीवित नहीं बचेगा!

मुंबई एटीएस वालों ने हमारे आधुनिक दुर्गा साध्वी प्रज्ञा को नंगा किया. उनकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी. हमारे सेनापति पुरोहित का पैर तोड़ दिया. हमारे जगतगुरु स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ के मुहं में गोमांस ठूसने वालों, हेमंत करकरे व अन्य १७ को, योगगुरू रामदेव ने शहीद घोषित किया और ९० लाख रूपये इनाम भी दिए. अब योगगुरु रामदेव व अन्ना अनशन कुटरचित परभक्षी भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) व दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ को बचाने के लिए कर रहे हैं.

http://www.thaindian.com/newsportal/world-news/kin-of-martyrs-of-mumbai-attacks-honoured-in-capital_100131300.html

http://www.aryavrt.com/Home/1-wary-of-yogguru-2

http://www.vijayvaani.com/FrmPublicDisplayArticle.aspx?id=941

http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-05-13/india/31689005_1_hindu-dalits-muslim-dalits-quota-benefits

ईसाइयत और इस्लाम का लक्ष्य क्रमशः अर्मगेद्दन (armageddon) द्वारा ईसा के द्वितीय आगमन पर संसार को दास बना कर ईसा का राज्य स्थापित करना है और जिहाद द्वारा मानवमात्र को दास बनाकर धरती पर इस्लामी शरियत का राज्य स्थापित करना है. यदि  ईसाइयत रहेगी तो सबको ईसा की बुद्धिहीन भेंड़ बन कर ईसा की दासता स्वीकार करनी पड़ेगी (बाइबल, लूका १९:२७) और इस्लाम धरती पर रहेगा तो सबका खतना होगा| (कुरान ८:३९). ईसाइयत और इस्लाम रहेगा तो कोई मंदिर नहीं बच सकता. किसी नारी की मर्यादा नहीं बच सकती. इस्लाम सदा सदा के लिए काफिरों के गले पर रखी हुई तलवार है. अजान गैर-मुसलमान मानव जाति के आराध्य देवों का अपमान और भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अधीन संज्ञेय गैर-जमानती अपराध है-जिसके बदले दण्डित करने के स्थान पर ईमामों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद २७ का उल्लंघन कर १० अरब रुपयों वार्षिक से अधिक वेतन दिया जा रहा है. (एआईआर, एससी, १९९३, प० २०८६).

मस्जिदों से ईमाम और मौलवी मुसलमानों को बताते हैं कि गैर-मुसलमानों को कत्ल कर दो| इतना ही नहींमस्जिद से इस्लामी सिद्धांत को स्पष्ट करते हुए पाकिस्तानी मौलिक धर्मतंत्री सैयद अबुल आला मौदूदी घोषित करता है कि इस्लाम विश्व की पूरी धरती चाहता है उसका कोई भूभाग नहीं, बल्कि पूरा ग्रह इसलिए नहीं कि ग्रह पर इस्लाम की सार्वभौमिकता के लिए तमाम देशों को आक्रमण कर छीन लिया जाये बल्कि इसलिए कि मानव जाति को इस्लाम से, जो कि मानव मात्र के सुख-समृद्धि(?) का कार्यक्रम है, लाभ हो|

मौदूदी जोर दे कर कहता है कि यद्यपि गैर-मुसलमान झूठे मानव निर्मित मजहबों को मानने के लिए स्वतन्त्र हैं, तथापि उनके पास अल्लाह के  धरती के किसी भाग पर अपनी मनुष्य निर्मित गलत धारणा की हुकूमत चलाने का कोई अधिकार नहीं| यदि वे (काफ़िर) ऐसा करते हैं, तो मुसलमानों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे काफिरों की राजनैतिक शक्ति छीन लें और उनको (काफिरों को) इस्लामी तौर तरीके से जीने के लिए विवश करें|

आत्मघाती और धर्मद्रोही योगगुरु रामदेव व उनके समर्थकों को ज्ञात होना चाहिए कि यह संस्कृतियों का युद्ध है. ईसाइयत और इस्लाम आतताई और दास बनाने वाली संस्कृतियां हैं. भारतीय संविधान, ईसाइयत और इस्लाम है तो मानव जाति बच नहीं सकती| इस सत्य को छिपाने के लिए दंप्रसं की धारा १९६ का संकलन किया गया है| जो भी सच लिखेगा, मिटा दिया जायेगा| यानी आप की मृत्यु पक्की|

हमने बाबरी ढांचा गिराया है. क्यों कि विवाद का मूल बिंदु है कि अपराध स्थल मस्जिद धरती पर क्यों रहें? मस्जिद बचाने वाले अपराधी हैं. स्वयं मैकाले के कथनानुसार १८३५ ई० तक मैकाले को पूरे इंडिया में एक भी भिखारी या चोर नहीं मिला क्यों कि तब वैदिक सनातन धर्म आधारित राजतंत्र था. पढ़ें मेरी पुस्तक ‘अजान’. हम आर्यावर्त सरकार के बागी हैं| हमारे १२ अधिकारी मक्कामालेगांव आदि के विष्फोट में बंद हैं. मनुष्य के पुत्र का मांस खाने वाली और लहू पीने वाली सोनिया (बाइबल, यूहन्ना ६:५३) द्वारा हम इसलिए सताए जा रहे हैं कि हम जानना चाहते हैं कि सबको अपने अधीन कराने वाला, (बाइबललूका १९:२७), मनुष्य के पुत्र का मांस खाने व लहू पीने की शिक्षा देने वाला (बाइबलयूहन्ना ६:५३), तलवार चलवाने वाला (बाइबलमत्ती १०:३४), धरती पर आग लगवाने वाला (बाइबललूका १२:४९), परिवार में शत्रुता पैदा कराने वाला {(बाइबलमत्ती १०:३५-३६) व (बाइबललूका १२:५१-५३)}, बेटी से विवाह कराने वाला (बाइबलकोरिन्थिंस ७:३६) व मनुष्य को भेंड़ बनाने वाला ईशा ईश्वर का पुत्र कैसे है?

इसी प्रकार पूजा स्थल तोड़वाने वाला, (बाइबलव्यवस्था विवरण १२:१-३), लूट व दूसरे के नारी के अपहरण की शिक्षा देने वाला (बाइबलव्यवस्था विवरण २०:१३-१४), दुधमुहों की हत्या कराने वाला और नारियों का उनके पुरूषों के आँखों के सामने बलात्कार कराने वाला जेहोवा ईश्वर कैसे है? (बाइबलयाशयाह १३:१६)

नारियों की लूट व उनके बलात्कार को निंदनीय न मानने वाला अल्लाह ईश्वर कैसे है? (कुरान ४:२४; २३:६; ३३:५० व ७०:३०). मुहम्मद की अपनी ही पुत्रवधू जैनब के साथ मुहम्मद का निकाह कराने वाला अल्लाह ईश्वर कैसे है? (कुरान, ३३:३७-३८). लुटेरा व हत्यारा अल्लाह ईश्वर कैसे है? मूर्ति भंजन कराने वाला अल्लाह ईश्वर कैसे है? (कुरान, बनी इस्राएल १७:८१ व कुरान, सूरह अल-अम्बिया २१:५८). हत्या, लूट, बलात्कार, धर्मान्तरण और राष्ट्रांतरण की संहिता कुरान धर्मपुस्तक कैसे है?

जब हमने बाबरी ढांचा गिराया था तो मात्र कश्मीर में १०८ मंदिर तोड़े गए, जिनमे से ३८ की विधिवत प्राथमिकियां पंजीकृत हैं. जिसका विवरण हमारी पुस्तक 'अजान' के १० वें संलग्नक में उपलब्ध है. इन्हें आप हमारी वेब साईट http://www.aryavrt.com/azaan पर निः शुल्क पढ़ सकते हैं.

http://www.youtube.com/watch?v=yutaowqMtd8

बाबरी विध्वंस के ४९ अभियुक्त बने और १७ वर्षों तक लिब्रहान आयोग जाँच की नौटंकी करता रहा. हमने १५ जनवरी २००१ को शपथपत्र दिया कि ढांचा हमने गिराया है, उसे चुरा लिया. जनता का ८ करोड़ रुपया डकार गया. लेकिन हमारे मंदिरों को तोड़ने वाला कोई अभियुक्त नहीं और न कोई जाँच आयोग. ४ मस्जिदों के विष्फोट के लिए हम भगवा आतंकवादी हैं! हम जानना चाहते हैं कि १०८ मंदिर तोड्वाने वाली सोनिया सरकार कौन है?

आतंकवादी भगवा धारी हैं या सरकार? हमारे मंदिरों पर सोनिया सरकार का कब्जा है, क्या किसी मस्जिद या चर्च पर भी सोनिया सरकार का कब्जा है?

हमने कुरान के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका स० १५/१९९३ प्रस्तुत की थी, जो निरस्त कर दी गई. मैंने पत्रक ‘मुसलमानों भारत छोड़ो’ और ‘ईश्वर अल्लाह कैसे बना?’ प्रकाशित किया और बांटा था. जिनके आधार पर मेरे विरुद्ध थाना रूपनगर, दिल्ली से दो अभियोग क्रमशः ७८/१९९३ व १३७/१९९३ चले थे, जिनमे मुझे ३ जुलाई, १९९७ को दोषमुक्त कर दिया गया. बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान का विरोध करने के कारण प्रेस परिषद में अभियोग चला, जिसमें मै दिनांक २५-०२-२००२ को दोषमुक्त हुआ. अभी मेरे विरुद्ध रूपनगर थाने से अभियोग ४४०/१९९६ व ४८४/१९९६ चल रहे हैं. मैंने कानपूर में पाकपिता गाँधी की प्रतिमा तोड़वा कर हुतात्मा श्री नथूराम गोडसे की प्रतिमा लगवाई थी. वह अभियोग १२७/१९९७ थाना रूपनगर, दिल्ली से चल रहा है. इसके अतिरिक्त थाना नरेला दिल्ली से प्राथमिकी स० ४०६/२००३ व १६६/२००६ ईसाइयत और इस्लाम का विरोध करने के कारण अभियोग चल रहा है. मैं अजान के विरोध के कारण चले अभियोग प्राथमिकी स० ११०/२००१ से दिनांक २६ फरवरी, २००५ को और आई एस आई एजेंट बुखारी को बंदी बनाये जाने की मांग के कारण चले अभियोग १०/२००१ से दिनांक ०४-०२-२०१० को आरोप मुक्त हो चुका हूँ.

मै अस्सी साल का बूढ़ा व्यक्ति हूँ| मुझे जेल में २००१ में ही डॉक्टरों ने जहर दिया| जज के आगे झुकने के पहले सोसल वेबसाइट के स्वामी मानव जाति के हित में इस्लाम को जड़ से मिटाने में अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार का सहयोग करें|

प्रेसिडेंट, प्रधानमंत्री और राज्यपाल सोनिया द्वारा मनोनीत मातहत व उपकरण है. परभक्षी संविधान का अनुच्छेद २९(१) ईसाई व मुसलमान सहित किसी को जीने का अधिकार नहीं देता और ३९(ग) व्यक्ति को सम्पत्ति या पूँजी का अधिकार ही नहीं देता|

हम भारतीय संविधान, कुरान व बाइबल को मानवता का शत्रु मानते हैं और मस्जिद, जहां से हमारे ईश्वर की निंदा की जाती है, को नष्ट कर रहे हैं| हम जानना चाहते हैं कि अजान का विरोध और मस्जिद का विष्फोट अपराध कैसे है?

हम बेटी (बाइबल, , कोरिन्थिंस ७:३६) से विवाह कराने वाले ईसा व पुत्रवधू (कुरान, ३३:३७-३८) से निकाह कराने वाले अल्लाह और धरती के किसी नारी के बलात्कार के बदले स्वर्ग देने वाले (बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६) जेहोवा और अल्लाह को ईश्वर मामने के लिए तैयार नहीं हैं|

दया के पात्र मीडिया कर्मियों, विधायकों, सांसदों, जजों, राज्यपालों और लोक सेवकों के पास कोई विकल्प नहीं है. या तो वे स्वयं अपनी मौत स्वीकार करें, अपनी नारियों का अपनी आखों के सामने बलात्कार कराएँ, शासकों (सोनिया) की दासता स्वीकार करें व अपनी संस्कृति मिटायें अथवा नौकरी न करें. इनके अपराध परिस्थितिजन्य हैं, जिनके लिए भारतीय संविधान उत्तरदायी है. ऐसे भारतीय संविधान को रद्दी की टोकरी में डालना अपरिहार्य है| हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग ईसाइयत और इस्लाम को इंडिया में रखने वाले भारतीय संविधान को रद्द करने की मुहिम में लगे हैं| सोनिया के देश पर आधिपत्य को स्वीकार करते ही आप ईसा की भेंड़ हैं.

निर्णय आप के हाथों में है|

अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन कर जिन विश्व की सर्वाधिक आबादी ईसाइयत और दूसरी सर्वाधिक आबादी इस्लाम को, अल्पसंख्यक घोषित कर, वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए इंडिया में रोका है, उन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया. लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए| भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से अधिकार प्राप्त कर ईसाइयत व इस्लाम मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर वैदिक संस्कृति को मिटा रहे हैं. वे हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो." (बाइबल, लूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना)  बाकी न रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये." (कुरान, सूरह  अल अनफाल ८:३९). स्पष्टतः वैदिक सनातन धर्म मिटाना दोनों का घोषित कार्यक्रम है. (कुरान ८:१२)

जीवित रहना चाहते हैं तो ईसाइयत और इस्लाम मिटायें.

 Apt


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