Upniveshke ViruddhYuddh Muj14W24



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 19 Year 19 ISSUE 24, Jun 06-12, 2014. This issue is Upniveshke ViruddhYuddh Muj14W24


Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com



Upniveshke ViruddhYuddh Muj14W24

उपनिवेश की जंजीरों से मुक्ति हेतु अंतरराष्ट्रीय संगठन|

उपनिवेश किसे कहते हैं?

उपनिवेश (कालोनी) किसी राज्य के बाहर की उस दूरस्थ बस्ती को कहते हैं, जहाँ उस राज्य की जनता निवास करती है। यानी स्वयं महामहिम एलिजाबेथ के दास हैं| 

http://www.legislation.gov.uk/ukpga/Geo6/10-11/30

121. भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करना या युद्ध करने का प्रयत्न करना या युद्ध करने का दुष्प्रेरण करना--जो कोई 1[भारत सरकार] के विरुद्ध युद्ध करेगा, या ऐसा युद्ध करने का प्रयत्न करेगा या ऐसा युद्ध करने का दुष्प्रेरण करेगा, वह मॄत्यु या 2[आजीवन कारावास] से दंडित किया जाएगा 3[और जुर्माने से भी दंडनीय होगा] । 

ब्रह्मचर्य और वीर्य की महिमा

प्रत्येक मनुष्य ब्रह्म है| उसको जन्म के साथ ही प्राप्त वीर्य का सूक्ष्म अंश ब्रह्म सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ, सर्व-व्याप्त, वह शक्ति है जिससे सब कुछ, यहाँ तक कि ईश्वर भी उत्पन्न होते हैं। मानव यानी प्रत्येक व्यक्ति स्वयं संप्रभु है। उसका व्यक्तित्व अत्यन्त महिमावान है - इसलिए हे मानवों! आप चाहे मुसलमान हो या ईसाई, अपने व्यक्तित्व को महत्त्व दो। आत्मनिर्भरता पर विश्वास करो। कोई ईश्वर, पंडित, मौलवी, पादरी और इस तरह के किसी व्यक्ति को अनावश्यक महत्त्व न दो। तुम स्वयं शक्तिशाली हो - उठो, जागो और जो भी श्रेष्ठ प्रतीत हो रहा हो, उसे प्राप्त करने हेतु उद्यत हो जाओ। जो व्यक्ति अपने पर ही विश्वास नही करेगा - उससे दरिद्र और गरीब मनुष्य दूसरा कोई न होगा।

दास बनाने की विधि

मनुष्य को दास बनाने की सर्वोत्तम विधि है, उसको वीर्यहीन करना| खतने पर अपने शोध के पश्चात १८९१ में प्रकाशित अपने ऐतिहासिक पुस्तक में चिकित्सक पीटर चार्ल्स रेमोंदिनो ने लिखा है कि पराजित शत्रु को जीवन भर पुंसत्वहीन कर (वीर्यहीन कर) दास के रूप में उपयोग करने के लिए शिश्न के अन्गोच्छेदन या अंडकोष निकाल कर बधिया करने (जैसा कि किसान सांड़ के साथ करता है) से खतना करना कम घातक है| पीटर जी यह बताना भूल गए कि दास बनाने के लिए खतने से भी कम घातक, यौनशिक्षा, वेश्यावृत्ति और समलैंगिक सम्बन्ध को संरक्षण देकर मनुष्य को वीर्यहीन करना है| मूसा से लेकर एलिजाबेथ तक सभी मानवमात्र को वीर्यहीन कर रहे हैं|

http://en.wikipedia.org/wiki/Peter_Charles_Remondino

कौन है एलिजाबेथ?

५३ उपनिवेश देशों की मल्लिका जेसुइट एलिजाबेथ को जानने के लिए निम्नलिखित लिंक को क्लिक करें:-

http://www.reformation.org/jesuit_oath_in_action.html

बिना प्रमाण जज निर्णय नहीं करता| आप आतताई जेहोवा और अल्लाह पर विश्वास क्यों करते हैं?

जहां इस्लाम मुसलमानों को असहिष्णुता की शिक्षा देता है, वहीं प्रेत जारज(जार्ज) ईसा हर उस व्यक्ति को कत्ल कराता है, जो ईसा को अपना राजा स्वीकार नहीं करता| [(बाइबल, लूका १९:२७) व (कुरान ३:१९)]. तथाकथित पैगम्बर मूसा, ईसा और मुहम्मद तो रहे नहीं, अपनी वरासत सुल्तानों, राजाओं और शासकों को दे गए हैं, जो पुरोहितों, ईमामों व मीडिया कर्मियों का शोषण कर रहे हैं, जिसके कारण सत्य पर पर्दा पड़ा है| दूसरे की सम्पत्ति की चोरी और नारियों के यौन शोषण के लोभ ने हजारों वर्षों से मानव जाति को तबाह कर रखा है|

आप को कौन सी सरकार चाहिए? वैदिक राजतन्त्र जिस में १८३५ तक मैकाले को पूरे भारत में एक भी चोर या भिखारी नहीं मिला या लोकतंत्र जिसमे सभी चोर और भिखारी हैं|

आप को वीर्यवान बनाने के निःशुल्क शिक्षा केन्द्र गुरुकुलों को नष्ट कर मानवमात्र को नपुंसक बना दिया गया| आप आत्मरक्षा के लिये शस्त्र भी नहीं रख सकते|

एक ओर वैदिक राजतंत्र है जिस व्यवस्था में महाराज अश्वपतिने कहा था

न  मे  स्तेनो जनपदे   न   कदर्यो  न  मद्यपः।

नानाहिताग्निर्नाविद्वान्न स्वैरी स्वैरिणी कुतः ॥

(छान्दोग्योपनिषद ५/११/५)

मेरे राज्यमें न तो कोई चोर है, न कोई कृपण है, न कोई मदिरा पीनेवाला है, न कोई अनाहिताग्नि (अग्निहोत्र न करनेवाला) है, न कोई अविद्वान् है और न कोई परस्त्रीगामी ही है, फिर कुलटा स्त्री (वेश्या) तो होगी ही कैसे?’

दूसरी ओर ब्रिटिश उपनिवेश है, जिसमें कुमारी माँ मरियम वन्दनीय है और मरियम की अवैध सन्तान ईसा ईश्वर का एकमात्र पुत्र? जो स्वयं को शूली पर चढ़ने से न बचा सका, वह ईसा सबका मुक्तिदाता है? जिसमे कोई नारी सुरक्षित नहीं| अब्रह्मी संस्कृतियों ने धरती की सभी नारियां मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप रखी हैं| (बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६).

क्या आप की सरकार महंगे यौनशिक्षा प्रणाली को बदल कर भावी पीढ़ी को सम्प्रभु बनाने वाले ब्रह्मचर्य के निःशुल्क शिक्षाकेंद्र गुरुकुलों को पुनर्जीवित करने में रूचि लेगी? निर्णय आप स्वयं करें|

आप अपने देशकी आजादीका युद्ध लड़ेंगे या एलिज़ाबेथ के उपनिवेश में स्वयं व अपने नागरिकों को सम्पत्ति व जीवनके अधिकारसे वंचित रखेंगे?

यदि महामहिम मानवमात्र की रक्षा चाहें तो आर्यावर्त सरकार को मान्यता और सहायता दें|

http://www.aryavrt.com/

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, फोन ९१५२५७९०४१

१२.०६.२०१४ 


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