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भारतीय संविधान के विशेषज्ञ श्री सुभास कश्यप को मालूम होगा कि भारतीय संविधान का संकलन एक धोखा है| इंडिया आज भी ब्रिटिश उपनिवेश है| {भारतीय संविधान का अनुच्छेद ६(ब)(||)} और राष्ट्रकुल का एक सदस्य भी|

हमारे पूर्वजों ने ईसा को अपना राजा स्वीकार नहीं किया. उलटे १८५७ से ही ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया. हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग भी ईसा को अपना राजा स्वीकार नहीं करते| हमारे १२ अधिकारी ईसाइयत, चर्च, इस्लाम, अजान और मस्जिद विरोधी हैं, इस समय विभिन्न जेलों में निरुद्ध हैं| हमें इसी अपराध के लिए १८५७ से ही दंडित किया जा रहा है. भारतीय संविधान का संकलन षड्यंत्र है. अनुच्छेद २९(१).का संकलन आर्य यानी तथाकथित हिन्दू जाति का नरसंहार करने के लिए किया गया है. कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन कर जिन ईसाइयत और इस्लाम को उनकी हत्या, लूट और बलात्कार की संस्कृतियों को बनाये रखने का मौलिक अधिकार दे कर इंडिया में रोका है, {भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१)}, उन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया. लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए. भारतीय संविधान ने राज्यपालों, जजों व लोकसेवकों की पद, प्रभुता और पेट को वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश से जोड़ दिया है.

२६ नवम्बर १९४९ को हमारे साथ छल हुआ था. संविधान सभा के लोग अंग्रेजों के सत्ता हस्तांतरण के बाद जनता के चुने प्रतिनिधि नहीं थे. क्यों कि पहला चुनाव ही १९५२ में हुआ. संविधान का संकलन कर उसे जनता के सामने नहीं रखा गया और न जनमत संग्रह हुआ. फिर हम इंडिया के लोगों ने संविधान को आत्मार्पित कैसे किया? हम अभिनव भारत और आर्यावर्त के लोगों ने यही पूछने का दुस्साहस किया है. इससे बड़ा दुस्साहस यह किया है कि हमने आर्यावर्त सरकार का गठन कर लिया है. इस प्रकार हमने सोनिया के रोम राज्य को चुनौती दी है. बंदा बैरागी, सिक्खों के दसो गुरुओं, गुरु गोविन्द सिंह के पुत्रों, भाई सती और मती दास की भांति हम सोनिया द्वारा सताए जा रहे हैं. (बाइबल, लूका १९:२७). इससे भी भयानक बात यह है कि आज हमें तब की भांति मुसलमान नहीं सता रहे, बल्कि वे सता रहे हैं, जिनकी जान, संस्कृति, सम्पत्ति और नारियों की रक्षा के लिए हम लड़ रहे हैं|

आप अकेले यह युद्ध नहीं लड़ सकते. धरती पर एक से बढ़ कर एक त्रिकालदर्शी, योद्धा, चिन्तक, समाज सुधारक और बुद्धिमान पैदा हुए, लेकिन, मालेगांव व अन्य मस्जिदों पर विष्फोट के अभियुक्त और जेल में निरुद्ध, जगतगुरु श्री अमृतानंद के अतिरिक्त किसी ने भी ईसाइयत और इस्लाम का विरोध नहीं किया. उनके आशीर्वाद से हम आप के लिए लड़ रहे हैं. क्या आप हम लोगों की सहायता करेंगे, ताकि सोनिया आप की आँखों के सामने आप की सम्पत्ति और घर न लूट ले, आप के दुधमुंहे आप की आँखों के सामने पटक कर न मार डाले जाएँ, नारियों का सोनिया बलात्कार न करा पाए और आप कत्ल न हों? (बाइबल, याशयाह १३:१६).

कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन वैदिक सनातन धर्म और उसके अनुयायियों को मिटाने के लिए किया है. सोनिया के देश पर आधिपत्य को स्वीकार करते ही आप ईसा की भेंड़ हैं. भेंड़ सम्पत्ति नहीं रखते. आप के पास क्यों रहे?

ईसा १० करोड़ से अधिक अमेरिकी लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल गया. अब ईसा की भेंड़ सोनिया काले भारतीयों और उनकी वैदिक संस्कृति निगल रही है. जिन्हें देश, वैदिक सनातन धर्म और सम्मान चाहिए-हमारी सहायता करें. अन्यथा मिटने के लिए तैयार रहें.

मीडिया कर्मियों! सोनिया आप लोगों का मांस खायेगी और रक्त पिएगी| (बाइबल, यूहन्ना ६:५३). आप के नारियों का आप की आँखों के सामने बलात्कार कराएगी (बाइबल, याशयाह १३:१६) और आप लोग कुछ न कर पाओगे! आप लोगों के पास सोनिया को मार डालने का कानूनी अधिकार है| (भारतीय दंड संहिता की धाराएँ १०२ व १०५). लेकिन हिंसा का एकाधिकार राज्य के पास होता है| इसीलिए आर्यावर्त सरकार की स्थापना की गई है| क्या आप लोग मानव जाति की रक्षा के लिए आर्यावर्त सरकार की सहायता करेंगे?

जिस समाज के विद्वतजन भ्रष्ट हो जाते हैं, वह समाज नष्ट हो जाता है, क्यों कि शिक्षा और आचरण द्वारा भावी पीढ़ी की मनोवृत्ति बनाने वाले वह ही हैं| जिस जाति को प्रातः स्मरणीय हुतात्मा पंडित नथूराम गोडसे हत्यारे लगें और राष्ट्र व लाखों गैर-मुसलमानों की हत्या, करोड़ों गैर-मुसलमानों का निर्वासन कराने वाला मोहनदास करमचंद गाँधी महात्मा और राष्ट्रपिता लगे और नित्यप्रति अपने लोगों की घटती जनसंख्या की चिंता न हो वह कितने दिन तक जीवित रह सकती है?

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