Sati is crime

सती अपराधिनी है और वैश्या उज्ज्वला देश की आदर्श नारी!

सती को सजा वेश्या को सम्मान

सोनिया की परेशानी

THE COMMISSION OF SATI (PREVENTION) ACT, 1987

सती (रोकथाम) अधिनियम, 1987 राजस्थान सरकार द्वारा १९८७ में कानून बनाया। १९८८ में भारत सरकार ने इसे संघीय कानून में शामिल किया। यह कानून सती प्रथा की रोकथाम के लिए बनाया गया जिसमें जीवित विधवाओं को जिन्दा जला दिया जाता था। मैकाले ने गुरुकुल समाप्त किये-सोनिया विवाह संस्था को समाप्त कर रही है|

मूसा ने वीर्यक्ष्ररण को बाइबल में महिमामंडित किया, लूट और यौन सुख के लोभ में मनुष्य स्वयं अपराध में लिप्त है. बाइबल में वीर्य हीन बनना मजहब का आवश्यक कृत्य है. प्रमाण देखिये,

और तुम अपने चमड़ी का मांस खतना करेगा, और यह वाचा मेरे और तुम्हारे betwixt की निशानी होगी.बाइबल, उत्पत्ति १७:११.

http://2nobib.com/index.php?title=Genesis_17/hi

किसान को सांड़ को वीर्य हीन कर दास (बैल) बनाने के लिए उसका बन्ध्याकरण करना पड़ता है| (अ)ब्राह्मी संस्कृतियां खतना और इन्द्र की भांति मेनकाओं का प्रयोग कर मानवमात्र को दास बनाती हैं| अब्रह्मी संस्कृतियों के अनुयायी स्वेच्छा से गाजे बाजे के साथ खतना करा कर और यौनसुख के लोभ (बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६), में दास बनते हैं. नबियों ने  अपने अनुयायियों को अधीन करने के लिए इंद्र की भांति धरती की सभी नारियां मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप रखी हैं|. इतना ही नहीं ईसा ने बेटी (बाइबल, , कोरिन्थिंस ७:३६) से विवाह की छूट दी है| अल्लाह ने मुहम्मद का निकाह उसकी पुत्रवधू जैनब (कुरान, ३३:३७-३८) से किया और ५२ वर्ष के आयु में ६ वर्ष की आयशा से उसका निकाह किया|


http://www.aryavrt.com/kautumbik-vyabhichar

गुरुकुल, गो, गंगा और गायत्री वैदिक सनातन धर्म की चार आधार शिलाएं हैं|

मुफ्त शिक्षा के केंद्र गुरुकुलों को समाप्त कर दिया गया| बिना पूँजी के बैल आधारित खेती को हमने स्वेच्छा से त्याग दिया| गंगा को हमारे संत स्वयं दूषित कर रहे हैं| वेदों की माता गायत्री अपमानित हो रही हैं. वेद गड़रियों के गीत हो गए| हम स्वेच्छा से सोनिया के भेंड़ बन चुके हैं| भेंड़ शादी नहीं करते| अतएव सोनिया ने समलैंगिक मैथुन, सह जीवन और भाई बहन के विवाह को कानूनी मान्यता दिला दी है| आप की कन्याएं मदिरालयों में दारू पीने और नाच घरों में नाचने के लिए स्वतन्त्र हैं| यह अंतिम नहीं है| हम सोनिया के नेतृत्व में धीरे धीरे उन्नति कर रहे हैं| आप की कन्या को बिना विवाह बच्चे पैदा करने के अधिकार का संयुक्त राष्ट्र संघ कानून पहले ही बना चुका है| [मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा| अनुच्छेद २५()]| जज शीघ्र ही कुमारी माताओं को इनाम देने का आदेश पारित करेंगे|

जब वैश्याओं ने भी फिल्मों में काम करने से मना कर दिया.


आज से मात्र १०० वर्ष पूर्व दादा साहेब फाल्के को वेश्याओं ने भी फिल्मों में काम करने से मना कर दिया था| लेकिन आज फिल्मों में काम करने वाली तमाम नारियां सम्माननीय सांसद और मुख्यमंत्री हैं| नारायण दत्त तिवारी बनाम उज्ज्वला व आरुषी बनाम नूपुर तलवार न्यायिक परीक्षण, गौहाटी के बार बाला को संरक्षण आदि आने वाले समाज को चेतावनी है कि हमें अपनी बेटियां नौकरों और लव जेहादियों को सौंप देनी पड़ेगी| हमें चरित्रहीनता में ईसाइयों को पीछे छोड़ देना पड़ेगा| शीघ्र ही बाप बेटी के यौन सम्बन्ध को अनैतिक नहीं माना जायेगा| कुमारी माएं हमारे घरों को शोभायमान करेंगी! सहजीवन, समलैंगिक सम्बन्ध और भाई बहन के विवाह को तो न्यायपालिका ही कानूनी मान्यता दे चुकी है|

 “फिल्म इतिहासकार बताते हैं कि इस (राजा हरीशचंद्र गूंगी फिल्म) का निर्माण कार्य तो शुरू हो गया लेकिन एक बार इस फिल्म पर संकट के बादल छाने लगे। इस बार समस्या थी फिल्म की नायिका तारामती। दरअसल इस फिल्म में नायिका का एक ख़ास किरदार था और दादा साहब फाल्के भी यही चाहते थे कि इस किरदार को कोई युवती ही निभाये। इसके लिए उन्होंने काफी प्रयास किये लेकिन सफलता नहीं मिली। यहाँ तक कि फाल्के ने कोठे वालियों से भी इस फिल्म में अभिनय करने का निवेदन किया लेकिन उन्होंने ने भी साफ़ मना कर दिया। उनका जवाब था कि हम कैमरे के सामने बेशर्मी नहीं कर सकते। उनकी तलाश तब ख़त्म हुई जब उन्हें एक ईरानी रेस्तरां में एक रसोईया मिला। जब फाल्के ने उससे बातचीत की तो वह तैयार भी हो गया।“ 

नूपुर मामला चाहे जो भी हो, यह वैदिक सनातन धर्म पर सीधा आक्रमण है; ताकि कोई माँ-बाप अपनी बेटी को वैश्या बनने से रोकने का साहस न कर सके|

मैकाले ने गुरुकुल नष्ट कर वह सफलता अर्जित नहीं की, जिसकी पृष्ट भूमि सोनिया तैयार कर रही है| गुवाहाटी में बार बाला के अधिकारों की रक्षा, नॉएडा में तलवार दम्पत्ति का उत्पीड़न और उज्ज्वला का दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा महिमा मण्डन वैदिक सनातन संस्कृति पर कुठाराघात है और किसी के पास यह साहस नहीं कि विरोध कर सके| क्यों कि सती रूपकुंवर मामले में ऐसा कानून बना, जिसने सती का महिमा मण्डन ही अपराध बना दिया|  सती अपराधिनी हो चुकी है|

आज हमारी पूज्यनीयाएं जोधाबाई, रोशन अडवाणी, सुहासिनी हैदर हैं| सुहासिनी हैदर के पिता श्री सुब्रमणियास्वामी तो असली हिन्दू हितों के संरक्षक बन चुके हैं|

अनुसुइया, मदालसा और पद्मिनी का अन्य रानियों के साथ जौहर अथवा बंटवारे के समय पंजाबी समाज की नारियों की आत्महत्याओं के कथानक अब महत्वहीन हो चुके हैं|

सोनिया को परेशानी यह है कि हमारा ईश्वर जारज और प्रेत नहीं है| जारज हमारे लिए अपमानजनक सम्बोधन हो सकता है, लेकिन अंग्रेजों का शासक परिवार सम्मानित जारज है| इतना ही नहीं ईसाइयों का मुक्तिदाता ईसा ही जारज है| हम वैदिक सनातन धर्म के अनुयायी कुमारी माताओं को संरक्षण और सम्मान नहीं देते| हमारे इंडिया में ईसाई घरों में भी कुमारी माताएं नहीं मिलतीं| हमारी कन्याएं १३ वर्ष से भी कम आयु में बिना विवाह गर्भवती नहीं होतीं| हमारे यहाँ विद्यालयों में गर्भ निरोधक गोलियाँ नहीं बांटी जाती| इससे वीर्यहीनता के प्रसार और देश के नागरिकों को बैल बनाने में सोनिया को कठिनाई हो रही है|

नीचे मैं राम चरित मानस की पंक्तियाँ उद्धृत कर रहा हूँ,

अनुज बधू भगिनी सुत नारी| सुनु सठ कन्या सम चारी|

इन्हहिं कुदृष्टि बिलोकइ जोई| ताहि बधें कछु पाप होई||”

राम चरित मानस, किष्किन्धाकाण्ड; ;

अर्थ: [श्री रामजी ने कहा] हे मूर्ख! सुन, छोटे भाई की स्त्री, बहिन, पुत्रवधू और कन्या चारों समान हैं| इनको जो कोई बुरी दृष्टि से देखता है, उसे मारने में कुछ भी पाप नहीं होता|

सोनिया के ईसा को बुरी दृष्टि की कौन कहे, सीधे बेटी (बाइबल, , कोरिन्थिंस :३६) से विवाह करने वाले दास ईसाई पुत्रवधू (कुरान, ३३:३७-३८) से निकाह करने वाले मुसलमान और धरती के किसी नारी के बलात्कार के बदले स्वर्ग पाने वाले (बाइबल, याशयाह १३:१६) (कुरान २३:) दास और भेंड़ ईसाई मुसलमान और सोनिया के मातहत और उपकरण लोकसेवक वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए सम्मानित भद्र पुरुष बन गए हैं! ईसाई व मुसलमान अजान द्वारा ईश्वर की ईशनिंदा कर रहे और आप की नारियों का बलात्कार कर आप को अपमानित और वीर्यहीन कर रहे हैं?

दंड का अधिकार राज्य को होता है| जो सोनिया को दंडित कराना और वैदिक सनातन धर्म की रक्षा चाहता हो, आर्यावर्त सरकार को सहयोग दे|

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