Sanskrit

टिप्पणी:

देवनागरी लिपि में ही लिखने के लिए आग्रह क्यों?

मनुष्य निर्मित किसी भी वस्तु के उपयोग की विधि जानने के लिए विक्रेता साथ में एक पुस्तिका देता है. गणक (Computer) में तो सारी विधि उसी गणक में ही होती है. परमात्मा ने भी सहस्रसार यानी ब्रह्मकमल में प्रकृति की गूढ़ संरचना और साधक के शरीर के उपयोग की सारी विधि दी है.

बिना ईसाई या मुसलमान आदि का भेदभाव किये प्रत्येक मनुष्य को उसकी लिपि व भाषा ऊर्जा चक्रों में और शरीर व प्रकृति के उपयोग की विधि उसके मष्तिस्क (ब्रह्मकमल) में परब्रह्म उसके जन्म के साथ ही दे देता है|

साधक को उर्जा चक्रों में देवनागरी के सारे अक्षर दिखाई देते हैं और इन अक्षरों का उच्चारण भी इन्हीं उर्जा चक्रों से प्रसारित होता है. लिपि और उच्चारण जान लेने के बाद साधक ब्रह्मकमल में वेदों के रूप में लिखित शरीर व प्रकृति के उपयोग की सारी विधि पढ़ और जान लेता है.

विश्व की तमाम लिपियों में मात्र देवनागरी लिपि ही मनुष्य के ऊर्जा चक्रों में लिखी पाई जाती है और संस्कृत उसी लिपि में लिखी जाती है.

यह निर्विवाद रूप से स्थापित है कि संसार के अब तक के पुस्तकालयों में एकमात्र ज्ञान-विज्ञान के कोष ऋग्वेद से प्राचीन कोई साहित्य नहीं है, जो संस्कृत भाषा और देवनागरी लिपि में लिखी गई है|

देवनागरी लिपि के पाणिनी के अष्टाध्यायी में आज तक एक अक्षर भी बदला न जा सका| ठीक इसके विपरीत विश्व की शेष सभी भाषाओँ में लिपि और उच्चारण की त्रुटियाँ ही त्रुटियाँ हैं और वे आज भी विकास के लिये तरस रही हैं. इनका व्याकरण रोज बदलता है. संगणक (कम्प्यूटर) (Computer) विशेषज्ञ भी स्वीकार करते हैं कि संगणन के लिये संस्कृत सर्वोत्तम भाषा है|

मकतबों के मौलवियों को, जो काफिरों को कत्ल करने और नारी बलात्कार की शिक्षा देते हैं और हर शुक्रवार को मस्जिदों से काफिरों को कत्ल करने की मुसलमानों को शिक्षा देते हैं, सरकार वेतन दे रही है, और इंडिया के प्रायः हर प्रदेश ने प्रत्येक स्कूल में उर्दू अध्यापकों की नियुक्ति की है, जब कि देवनागरी लिपि और संस्कृत भाषा उपेक्षित है.

यह सर्वदा याद रखिये कि इंडिया के ही नहीं अपितु विश्व के भी १% से कम लोग अंग्रेजी, जिसमे लिपि एवं उच्चारण की त्रुटियाँ हैं, जानते हैं. अतः मेरा आग्रह है कि देवनागरी का ही उपयोग करें.

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जिस भाषा को आप गये बीते जमाने की मानते हैं उस संस्कृत को सीखने में लगे हैं अनेक विकसित देश....

आओ देखें क्यों : संस्कृत के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य !

 

1. कंप्यूटर में इस्तेमाल के लिए सबसे अच्छी भाषा। संदर्भ: फोर्ब्स पत्रिका 1987.

 

2. सबसे अच्छे प्रकार का कैलेंडर जो इस्तेमाल किया जा रहा है, भारतीय विक्रम संवत कैलेंडर है (जिसमें नया साल सौर प्रणाली के भूवैज्ञानिक परिवर्तन के साथ शुरू होता है) संदर्भ: जर्मन स्टेट यूनिवर्सिटी.

 

3. दवा के लिए सबसे उपयोगी भाषा अर्थात संस्कृत में बात करने से व्यक्तिस्वस्थ और बीपी, मधुमैह , कोलेस्ट्रॉल आदि जैसे रोग से मुक्त हो जाएगा। संस्कृत में बात करने से मानव शरीर का तंत्रिका तंत्र सक्रिय रहता है जिससे कि व्यक्ति का शरीर सकारात्मक आवेश(Positive Charges) के साथ सक्रिय हो जाता है।संदर्भ: अमेरीकन हिन्दू यूनिवर्सिटी (शोध के बाद).

 

4. संस्कृत वह भाषा है जो अपनी पुस्तकों वेद, उपनिषदों, श्रुति, स्मृति, पुराणों, महाभारत,रामायण आदि में सबसे उन्नत प्रौद्योगिकी (Technology) रखती है।संदर्भ: रशियन स्टेट यूनिवर्सिटी.

 

5.नासा के पास 60,000 ताड़ के पत्ते की पांडुलिपियां है जो वे अध्ययन के लिए उपयोग कर रहे हैं. असत्यापित रिपोर्ट का कहना है कि रूसी, जर्मन, जापानी, अमेरिकी सक्रिय रूप से हमारी पवित्र पुस्तकों से नई चीजों पर शोध कर रहे हैं और उन्हें वापस दुनिया के सामने अपने नाम से रख रहे हैं!

 

6.दुनिया के 17 देशों में एक या अधिक संस्कृत विश्वविद्यालय संस्कृत के बारे में अध्ययन और नई प्रौद्योगिकी प्राप्त करने के लिए है, लेकिन संस्कृत को समर्पित उसके वास्तविक अध्ययन के लिए एक भी संस्कृत विश्वविद्यालय इंडिया (भारत) में नहीं है।

 

7. दुनिया की सभी भाषाओं की माँ संस्कृत है। सभी भाषाएँ (97%) प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस भाषा से प्रभावित है। संदर्भ: यूएनओ

 

8. नासा वैज्ञानिक द्वारा एक रिपोर्ट है कि अमेरिका 6 और 7 वीं पीढ़ी के सुपर कंप्यूटर संस्कृत भाषा पर आधारित बना रहा है जिससे सुपर कंप्यूटर अपनी अधिकतम सीमा तक उपयोग किया जा सके। परियोजना की समय सीमा 2025 (6 पीढ़ी के लिए) और 2034 (7 वीं पीढ़ी के लिए) है, इसके बाद दुनिया भर में संस्कृत सीखने के लिए एक भाषा क्रांति होगी।

 

9. दुनिया में अनुवाद के उद्देश्य के लिए उपलब्ध सबसे अच्छी भाषा संस्कृत है। संदर्भ: फोर्ब्स पत्रिका 1985.

10. संस्कृत भाषा वर्तमान में उन्नत किर्लियन फोटोग्राफीतकनीक में इस्तेमाल की जा रही है। (वर्तमान में, उन्नत किर्लियन फोटोग्राफी तकनीक सिर्फ रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका में ही मौजूद हैं। भारत के पास आज सरल किर्लियन फोटोग्राफीभी नहीं है )

 

11. अमेरिका, रूस, स्वीडन, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान और ऑस्ट्रिया वर्तमान में भरत नाट्यम और नटराज के महत्व के बारे में शोध कर रहे हैं। (नटराज शिव जी का कॉस्मिक नृत्य है। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के सामने शिव या नटराज की एक मूर्ति है ).

 

1२. ब्रिटेन वर्तमान में हमारे श्री चक्र पर आधारित एक रक्षा प्रणाली पर शोध कर रहा है| तो आने वाला समय अंग्रेजी का नही संस्कृत का है , इसे सीखें और सिखाएं, देश को विकास के पथ पर बढ़ाएं.

 

13 अमेरिका की सबसे बड़ी संस्था NASA (National Aeronautics and Space Administration )ने संस्कृत भाषा को अंतरिक्ष में कोई भी मैसेज भेजने के लिए सबसे उपयोगी भाषा माना है ! नासा के वैज्ञानिकों की मानें तो जब वह स्पेस ट्रैवलर्स को मैसेज भेजते थे तो उनके वाक्य उलटे हो जाते थे। इस वजह से मेसेज का अर्थ ही बदल जाता था। उन्होंने दुनिया के कई भाषा में प्रयोग किया लेकिन हर बार यही समस्या आई। आखिर में उन्होंने संस्कृत में मेसेज भेजा क्योंकि संस्कृत के वाक्य उलटे हो जाने पर भी अपना अर्थ नहीं बदलते हैं। यह रोचक जानकारी हाल ही में एक समारोह में दिल्ली सरकार के प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान के निदेशक डॉ. जीतराम भट्ट ने दी।

 

साभार: श्री रमण भारती द्वारा संकलित.

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अंग्रेजी में मात्र २६ अक्षर ही हैं. फिरभी मैं अंग्रेजी से चिपका हुआ हूँ. क्योंकि यह रोटी से जुड़ी भाषा है. ब्राह्मी लिपि नहीं जानता. देवनागरी इसलिए बच गई, क्यों कि यह रोटी से जुड़ी हुई भाषा है. सारे कर्मकाण्ड यानी पंडितों के आय के साधन इसी लिपि में हैं. यह मैं नहीं कहता, मेरे गुरुजी का कहना है. विश्वास कीजिए, यदि गणक अगले १०० वर्ष तक प्रयोग होता रहा तो विश्व की सारी लिपियाँ समाप्त हो जाएँगी. मात्र देवनागरी ही जीवित बचेगी.

सौभाग्य से यह आप के सनातन धर्म की लिपि है और इस लिपि को जानने वाले अंग्रेजी के मुकाबले में अत्यंत अधिक हैं. क्या मैं आप लोगों से आग्रह कर सकता हूँ कि अपने लेखों में अपने इसी लिपि का अधिकाधिक प्रयोग कर के वैदिक सनातन संस्कृति का सम्मान बढ़ाएँ?

गुरुकुल, गौ, गंगा और गीता वैदिक सनातन संस्कृति की आधार शिलाएं हैं| एक शिला का नाश मानवजाति को नष्ट कर देगा| देवनागरी लिपि सनातन है.

क्या धरती की सबसे समृद्ध, वैज्ञानिक और गणक (computer) के लिए सबसे उपयुक्त संस्कृत भाषा के शिक्षकों की नियुक्ति और निःशुल्क शिक्षा देने वाले गुरुकुलों को पुनर्जीवित नहीं किया जाना चाहिए?

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इसलिए देवनागरी और ब्रह्मज्ञान को पुनर्जीवित करने के लिए गुरुकुलों को पुनर्स्थापित कीजिए| विश्वास करिये सब कुछ ठीक हो जायेगा|

इनसे बचने के लिए वीर्यवान बनिए| इसके लिए आप को गुरुकुलों को पुनर्जीवित करना पड़ेगा| मैकाले के यौनशिक्षा को त्यागना पड़ेगा| टीवी और सिनेमा का बहिष्कार करना पड़ेगा| गोरक्षा करनी पड़ेगी| बैल से खेती करनी पड़ेगी| गंगा को पवित्र रखना पड़ेगा| क्या कर पाएंगे आप?

यदि आप लोगों में से कोई भी वैदिक सनातन धर्म को पुनर्जीवित करना चाहता हो तो मुझसे अवश्य मिले|

मात्र गुरुकुल ही आप को वीर्यवान बना सकते हैं| जिन्हें शक्ति, परमानंद और स्वतंत्रता चाहिए गुरुकुल को पुनर्जीवित करने में आर्यावर्त सरकार की सहायता करें|

प्रमाण और भी हैं लेकिन उसे विवादास्पद माना जायेगा| जैसे परशुराम की कोई सेना नहीं थी| परशुराम ने २१ बार क्षत्रियों का संहार किया था| हनुमान ने अकेले परम प्रतापी रावण के लंका को जला दिया था| ब्रह्मचारी चाणक्य ने सिकन्दर के भारत पर आधिपत्य को समाप्त कर दिया था| अतएव वीर्य रक्षा के केंद्र गुरुकुलों को पुनर्जीवित करने में हमारी सहायता कीजिए|

गीता में कृष्णी कहते हैं- सर्वधर्मानपरित्य ज्यि मामेकं शरणंब्रज- अनन्यि भाव से मेरी अतएव वीर्य रक्षा के केंद्र गुरुकुलों को पुनर्जीवित कीजिए|

अतएव वीर्य रक्षा के केंद्र गुरुकुलों को पुनर्जीवित कीजिए| भारत को पुनः सोने की चिड़िया बनाइये|

दैवी शक्तियाँ, परमानन्द और निरोग जीवन चाहिए तो गुरुकुलों को पुनर्जीवित करने में आर्यावर्त सरकार को सहयोग दें| और हाँ! गुरुकुलों की शिक्षा आज भी निःशुल्क है!!

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🌹संस्कृत के बारे में ये 20 तथ्य जान कर आपको भारतीय होने पर गर्व होगा

🌹आज हम आपको संस्कृत के बारे में कुछ ऐसे तथ्य बता रहे हैं, जो किसी भी भारतीय का सर गर्व से ऊंचा कर देंगे

🌹.1. संस्कृत को सभी भाषाओं की जननी माना जाता है।

🌹2. संस्कृत उत्तराखंड की आधिकारिक भाषा है।

🌹3. अरब लोगो की दखलंदाजी से पहले संस्कृत भारत की राष्ट्रीय भाषा थी।

🌹4. NASA के मुताबिक, संस्कृत धरती पर बोली जाने वाली सबसे स्पष्ट भाषा है।

🌹5. संस्कृत में दुनिया की किसी भी भाषा से ज्यादा शब्द है वर्तमान में संस्कृत के शब्दकोष में 102 अरब 78 करोड़ 50 लाख शब्द है।

🌹6. संस्कृत किसी भी विषय के लिए एक अद्भुत खजाना है। जैसे हाथी के लिए ही संस्कृत में 100 से ज्यादा शब्द है।

🌹7. NASA के पास संस्कृत में ताड़पत्रो पर लिखी 60,000 पांडुलिपियां है जिन पर नासा रिसर्च कर रहा है।

🌹8. फ़ोबर्स मैगज़ीन ने जुलाई,1987 में संस्कृत को Computer Software के लिए सबसे बेहतर भाषा माना था।

🌹9. किसी और भाषा के मुकाबले संस्कृत में सबसे कम शब्दो में वाक्य पूरा हो जाता है।

🌹10. संस्कृत दुनिया की अकेली ऐसी भाषा है जिसे बोलने में जीभ की सभी मांसपेशियो का इस्तेमाल होता है।

🌹11. अमेरिकन हिंदु युनिवर्सिटी के अनुसार संस्कृत में बात करने वाला मनुष्य बीपी, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल आदि रोग से मुक्त हो जाएगा. संस्कृत में बात करने से मानव शरीरका तंत्रिका तंत्र सक्रिय रहता है जिससे कि व्यक्ति का शरीर सकारात्मक आवेश(PositiveCharges) के साथ सक्रिय हो जाता है।

🌹12. संस्कृत स्पीच थेरेपी में भी मददगार है यह एकाग्रता को बढ़ाती है।

🌹13. कर्नाटक के मुत्तुर गांव के लोग केवल संस्कृत में ही बात करते है।

🌹14. सुधर्मा संस्कृत का पहला अखबार था, जो 1970 में शुरू हुआ था। आज भी इसका ऑनलाइन संस्करण उपलब्ध है।

🌹15. जर्मनी में बड़ी संख्या में संस्कृतभाषियो की मांग है। जर्मनी की 14 यूनिवर्सिटीज़ में संस्कृत पढ़ाई जाती है।

🌹16. नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार जब वो अंतरिक्ष ट्रैवलर्स को मैसेज भेजते थे तोउनके वाक्य उलट हो जाते थे. इस वजह से मैसेज का अर्थ ही बदल जाता था. उन्होंले कई भाषाओं का प्रयोग किया लेकिन हर बार यही समस्या आई. आखिर में उन्होंने संस्कृत में मैसेज भेजा क्योंकि संस्कृत के वाक्य उल्टे हो जाने पर भी अपना अर्थ नही बदलते हैं।

जैसे

अहम् विद्यालयं गच्छति।

विद्यालयं गच्छति अहम्।

गच्छति अहम् विद्यालयं ।

उक्त तीनो के अर्थ में कोई अंतर नहीं है।

🌹17. आपको जानकर हैरानी होगी कि Computer द्वारा गणित के सवालो को हल करने वाली विधि यानि Algorithms संस्कृत में बने है ना कि अंग्रेजी में।

🌹18. नासा के वैज्ञानिको द्वारा बनाए जा रहे 6th और 7th जेनरेशन Super Computers संस्कृतभाषा पर आधारित होंगे जो 2034 तक बनकर तैयार हो जाएंगे।

🌹19. संस्कृत सीखने से दिमाग तेज हो जाता है और याद करने की शक्ति बढ़ जाती है। इसलिए London और Ireland के कई स्कूलो में संस्कृत को Compulsory Subject बना दिया है।

🌹20. इस समय दुनिया के 17 से ज्यादा देशो की कम से कम एक University में तकनीकी शिक्षा के कोर्सेस में संस्कृत पढ़ाई जाती है।

संस्कृत के बारे में ये 20 तथ्य जान कर आपको भारतीय होने पर गर्व होगा.

विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/sanskrit

 

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जिस भाषा को आप गये बीते जमाने की मानते हैं उस संस्कृत को सीखने में लगे हैं अनेक विकसित देश....

आओ देखें क्यों : संस्कृत के बारे में आश्चर्यजनक तथ्य !

 

1. कंप्यूटर में इस्तेमाल के लिए सबसे अच्छी भाषा। संदर्भ: फोर्ब्स पत्रिका 1987.

 

2. सबसे अच्छे प्रकार का कैलेंडर जो इस्तेमाल किया जा रहा है, भारतीय विक्रम संवत कैलेंडर है (जिसमें नया साल सौर प्रणाली के भूवैज्ञानिक परिवर्तन के साथ शुरू होता है) संदर्भ: जर्मन स्टेट यूनिवर्सिटी.

 

3. दवा के लिए सबसे उपयोगी भाषा अर्थात संस्कृत में बात करने से व्यक्तिस्वस्थ और बीपी, मधुमैह , कोलेस्ट्रॉल आदि जैसे रोग से मुक्त हो जाएगा। संस्कृत में बात करने से मानव शरीर का तंत्रिका तंत्र सक्रिय रहता है जिससे कि व्यक्ति का शरीर सकारात्मक आवेश(Positive Charges) के साथ सक्रिय हो जाता है।संदर्भ: अमेरीकन हिन्दू यूनिवर्सिटी (शोध के बाद).

 

4. संस्कृत वह भाषा है जो अपनी पुस्तकों वेद, उपनिषदों, श्रुति, स्मृति, पुराणों, महाभारत,रामायण आदि में सबसे उन्नत प्रौद्योगिकी (Technology) रखती है।संदर्भ: रशियन स्टेट यूनिवर्सिटी.

 

5.नासा के पास 60,000 ताड़ के पत्ते की पांडुलिपियां है जो वे अध्ययन के लिए उपयोग कर रहे हैं. असत्यापित रिपोर्ट का कहना है कि रूसी, जर्मन, जापानी, अमेरिकी सक्रिय रूप से हमारी पवित्र पुस्तकों से नई चीजों पर शोध कर रहे हैं और उन्हें वापस दुनिया के सामने अपने नाम से रख रहे हैं!

 

6.दुनिया के 17 देशों में एक या अधिक संस्कृत विश्वविद्यालय संस्कृत के बारे में अध्ययन और नई प्रौद्योगिकी प्राप्त करने के लिए है, लेकिन संस्कृत को समर्पित उसके वास्तविक अध्ययन के लिए एक भी संस्कृत विश्वविद्यालय इंडिया (भारत) में नहीं है।

 

7. दुनिया की सभी भाषाओं की माँ संस्कृत है। सभी भाषाएँ (97%) प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इस भाषा से प्रभावित है। संदर्भ: यूएनओ

 

8. नासा वैज्ञानिक द्वारा एक रिपोर्ट है कि अमेरिका 6 और 7 वीं पीढ़ी के सुपर कंप्यूटर संस्कृत भाषा पर आधारित बना रहा है जिससे सुपर कंप्यूटर अपनी अधिकतम सीमा तक उपयोग किया जा सके। परियोजना की समय सीमा 2025 (6 पीढ़ी के लिए) और 2034 (7 वीं पीढ़ी के लिए) है, इसके बाद दुनिया भर में संस्कृत सीखने के लिए एक भाषा क्रांति होगी।

 

9. दुनिया में अनुवाद के उद्देश्य के लिए उपलब्ध सबसे अच्छी भाषा संस्कृत है। संदर्भ: फोर्ब्स पत्रिका 1985.

 

10. संस्कृत भाषा वर्तमान में उन्नत किर्लियन फोटोग्राफीतकनीक में इस्तेमाल की जा रही है। (वर्तमान में, उन्नत किर्लियन फोटोग्राफी तकनीक सिर्फ रूस और संयुक्त राज्य अमेरिका में ही मौजूद हैं। भारत के पास आज सरल किर्लियन फोटोग्राफीभी नहीं है )

 

11. अमेरिका, रूस, स्वीडन, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान और ऑस्ट्रिया वर्तमान में भरत नाट्यम और नटराज के महत्व के बारे में शोध कर रहे हैं। (नटराज शिव जी का कॉस्मिक नृत्य है। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के सामने शिव या नटराज की एक मूर्ति है ).

 

1२. ब्रिटेन वर्तमान में हमारे श्री चक्र पर आधारित एक रक्षा प्रणाली पर शोध कर रहा है| तो आने वाला समय अंग्रेजी का नही संस्कृत का है , इसे सीखें और सिखाएं, देश को विकास के पथ पर बढ़ाएं.

 

13 अमेरिका की सबसे बड़ी संस्था NASA (National Aeronautics and Space Administration )ने संस्कृत भाषा को अंतरिक्ष में कोई भी मैसेज भेजने के लिए सबसे उपयोगी भाषा माना है ! नासा के वैज्ञानिकों की मानें तो जब वह स्पेस ट्रैवलर्स को मैसेज भेजते थे तो उनके वाक्य उलटे हो जाते थे। इस वजह से मेसेज का अर्थ ही बदल जाता था। उन्होंने दुनिया के कई भाषा में प्रयोग किया लेकिन हर बार यही समस्या आई। आखिर में उन्होंने संस्कृत में मेसेज भेजा क्योंकि संस्कृत के वाक्य उलटे हो जाने पर भी अपना अर्थ नहीं बदलते हैं। यह रोचक जानकारी हाल ही में एक समारोह में दिल्ली सरकार के प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान के निदेशक डॉ. जीतराम भट्ट ने दी।

साभार: श्री रमण भारती द्वारा संकलित.

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Amazing Facts of Sanskrit Language[A Scientific Language]

 

It is the Mother of all languages. About 97% of world languages have been

directly or indirectly influenced by this language.(Ref: UNO)

 

Most efficient & best algorithms for computer have been made in Sanskrit

not in english.

 

Sanskrit has the highest number of vocabularies than any other language in

the world.

 

102 arab 78 crore 50 lakh words have been used till now in Sanskrit. If it

will be used in computers & tecknology, then more these number of words

will be used in next 100 years.

 

Sanskrit has the power to say a sentence in a minimum number of words than

any other language.

 

America has a University dedicated to Sanskrit and the NASA too has a

department in it to research on Sanskrit manuscripts.

 

Sanskrit is the best computer friendly language.(Ref: Forbes Magazine July

1987).

 

Sanskrit is a highly regularized language. In fact, NASA declared it to be

the “only unambiguous spoken language on the planet” – and very suitable

for computer comprehension.

 

Sanskrit is an official language of the Indian state of Uttarakhand.

 

There is a report by a NASA scientist that America is creating 6th and 7th

generation super computers based on Sanskrit language. Project deadline is

2025 for 6th generation and 2034 for 7th generation computer. After this

there will be a revolution all over the world to learn Sanskrit.

 

The language is rich in most advanced science, contained in their books

called Vedas, Upanishads, Shruti, Smriti, Puranas, Mahabharata, Ramayana

etc. (Ref: Russian State University, NASA etc. NASA possesses 60,000 palm

leaf manuscripts, which they are studying.)

 

Learning of Sanskrit improves brain functioning. Students start getting

better marks in other subjects like Mathematics, Science etc., which some

people find difficult. It enhances the memory power. James Junior School,

London, has made Sanskrit compulsory. Students of this school are among the

toppers year after year. This has been followed by some schools in Ireland

also.

 

Research has shown that the phonetics of this language has roots in various

energy points of the body and reading, speaking or reciting Sanskrit

stimulates these points and raises the energy levels, whereby resistance

against illnesses, relaxation to mind and reduction of stress are achieved.

 

Sanskrit is the only language, which uses all the nerves of the tongue. By

its pronunciation, energy points in the body are activated that causes the

blood circulation to improve. This, coupled with the enhanced brain

functioning and higher energy levels, ensures better health. Blood

Pressure, diabetes, cholesterol etc. are controlled. (Ref: American Hindu

University after constant study)

 

There are reports that Russians, Germans and Americans are actively doing

research on Hindu's sacred books and are producing them back to the world

in their name. Seventeen countries around the world have a University or

two to study Sanskrit to gain technological advantages.

 

Surprisingly, it is not just a language. Sanskrit is the primordial conduit

between Human Thought and the Soul; Physics and Metaphysics; Subtle and

Gross; Culture and Art; Nature and its Author; Created and the Creator.

 

Today, there are a handful of Indian villages (in Rajasthan, Madhya

Pradesh, Orissa, Karnataka and Uttar Pradesh) where Sanskrit is still

spoken as the main language. For example in the village of Mathur in

Karnataka, more than 90% of the population knows Sanskrit.

 

Even a Sanskrit daily newspaper exists! Sudharma, published out of Mysore,

has been running since 1970 and is now available online as an e-paper (

sudharma.epapertoday.com)!

 

The best type of calendar being used is hindu calendar(as the new year

starts with the geological change of the solar system)

ref: german state university

 

The UK is presently researching on a defence system based on Hindu's shri

chakra.

 

Aren’t these facts enough for us to think of learning Sanskrit?

 

Must Must CLick here ANd Know More Info !

 

http://www.youtube.com/watch?v=zmpEa7cLo8c

 

 

Rajiv Dixit

 

YouTube Video


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