ReminderHD Muj14W26



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 19 Year 19 ISSUE , 2014. This issue is ReminderHD Muj14W26


Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com



ReminderHD Muj14W26

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विषय: अभियोग वापसी हेतु|

सन्दर्भ: प्राथमिकी संख्याएं ४०६/२००३ व १६६/२००६ थाना नरेला| (विचाराधीन) MM वि० श्री संदीप गुप्ता रोहिणी|

सेवा में,

सुश्री अर्चना अरोरा, प्रमुख सचिव, गृह, दिल्ली सरकार|

महोदया,

कृपया मेरे पिछले पत्र GNCTD/E/2013/03271 दिनांक ५ दिसम्बर, २०१३, GNCTD/E/2013/03529 का सन्दर्भ लें| आप ने मेरे पत्र के प्राप्ति की सूचना नहीं दी|

मैं, अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, आर्यावर्त सरकार का सूचना सचिव हूँ| आर्यावर्त सरकार की कोई प्रजा नहीं है और ब्रिटिश उपनिवेश के मात्र १५०० वर्ग गज की सीमाओं में सीमित है, जिसे छीनने के लिए सोनिया प्रयासरत है| आर्यावर्त सरकार के पास मात्र धर्म है, जो संसार में आज किसी के पास नहीं है| बिना शक्ति के धर्म की रक्षा नहीं हो सकती और बिना वीर्य के शक्ति नहीं मिल सकती|

हम ने स्वतंत्रता के उस युद्धको प्रारम्भ कर दिया हैजिसे १५ अगस्त१९४७ से छल से रोका गया है| {भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम१९४७अनुच्छेद ६ (ब)(।।) भारतीय संविधान व राष्ट्कुल की सदस्यता}. हमारा अपराध यह है कि हम एलिजाबेथ के उपनिवेश को चुनौती देते हैं. हम जानना चाहते हैं कि मस्जिद, जहां से काफिरों के आराध्य देवों की ईशनिंदा की जाती है और जहां से काफिरों को कत्ल करने की शिक्षा दी जाती है, को नष्ट करना अपराध कैसे है?

भारतीय  दंड संहिता की धारा १०२ से प्राप्त अधिकार से हमने बाबरी ढांचा गिराया है और हमारे अधिकारी मक्कामालेगांव आदि के विष्फोट में बंद हैं| क्यों कि विवाद का मूल बिंदु है कि अपराध स्थल मस्जिद धरती पर क्यों रहें? मस्जिद बचाने वाले आत्मघाती हैं| क्या आप अज़ान और मस्जिद को मिटाने में आर्यावर्त सरकार की सहायता करेंगी?

हमारा मानना है अब्रह्मी संस्कृतियों को समाप्त करना ही मानवजाति के अस्तित्व को बचाने का एक मात्र मार्ग है| भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) हर ईसाई व मुसलमान को अपनी लूट, हत्या और बलात्कार की संस्कृति को बनाये रखने का असीमित मौलिक मजहबी अधिकार देता हैअल्पसंख्यक-वर्गों के हितों का संरक्षण- "२९(१)- इंडिया के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को, जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाये रखने का अधिकार होगा|" भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) भाग ३ मौलिक अधिकार| दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ ईसाई व मुसलमान को ईशनिंदा, बपतिस्मा और नारी बलात्कार के अपराधों को संरक्षण देती है| संविधान के अनु० ३१ प्रदत्त सम्पत्ति के जिस अधिकार को अँगरेज़ और संविधान सभा के लोग न लूट पाए, उसे सांसदों और जजों ने मिल कर लूट लिया (एआईआर, १९५१, एससी ४५८) और अब तो इस अनुच्छेद को २०-६-१९७९ से भारतीय संविधान से ही मिटा दिया गया है| भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग).नागरिक को धन व उत्पादन के साधन रखने का अधिकार नहीं देता| "३९(ग)-  आर्थिक व्यवस्था इस प्रकार चले कि जिससे धन व उत्पादन के साधनों का सर्वसाधारण के लिए अहितकारी संकेंद्रण न हो;" पद, प्रभुता और पेट को लोभ में राज्यपालों और प्रेसिडेंट को भारतीय संविधान के संरक्षणपोषण व संवर्धन का अनुच्छेदों १५९ व ६० के अंतर्गत शपथ लेना पड़ता हैलोकसेवकों को संरक्षण देने के लिए भी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ बनाई गई है| लूट व अज़ान का विरोध करने वाले को उत्पीड़ित करने के लिए भी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अंतर्गत व्यवस्था की गई हैइसलिए धरती पर अज़ान होना और मस्जिद रहना काफ़िर के गले पर रखी हुई तलवार हैनागरिकों को उपरोक्त सच्चाईयां बताने के कारण साध्वी प्रज्ञा अपने अन्य ८ सहयोगियों के साथ सन २००८ से बिना किसी आरोप के बंद हैंउनकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई हैवे बारम्बार नार्को टेस्ट और जहरीली दवाएं खिलाये जाने के कारण अब कैंसर से पीड़ित हैं| माननीय प्रधानमंत्री नमो ने इसी भारतीय संविधान में आस्था और निष्ठा की शपथ ली है|

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, फोन ९१५२५७९०४१

http://pgportal.gov.in

Registration Number is : GNCTD/E/2014/03159

 

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AyodhyaP Tripathi,
Jun 22, 2014, 3:51 PM
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