Obama kills Osama

ओबामा हतो ओसामा

इराक के सद्दाम रहे हों या ओसामा अथवा उनका इस्लाम, ईसा उनका दोहन कर रहा है. ओबामा मुसलमान भी हैं और ईसाई भी. अल्लाह के तकिया (कुरान ३:२८ 

व १६:१०६) को ओबामा से अधिक कौन जानेगा? ओबामा हों या पोप इन लोगों को इस्लाम से भय नहीं है, यह लोग आतंकित हैं, वैदिक सनातन धर्म से. घर फूटे 

काकर भल भयऊ| रावण बालि दुओ घर गयऊ||

अतएव इस्लाम को मिटने में अब देर नहीं लगेगी.

ईसाइयत और इस्लाम ने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, उन्होंने वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया. लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत 

और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए. भारतीय संविधान का संकलन वैदिक सनातन धर्म और उसके अनुयायियों को मिटाने के लिए हुआ है. ईसा १० करोड़ से 

अधिक अमेरिकी लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल गया. अब ईसा की भेंड़ सोनिया काले भारतीयों और उनकी वैदिक संस्कृति को निगल रही है. 

जिन्हें देश, वैदिक सनातन धर्म और सम्मान चाहिए-हमारी सहायता करें.

अहिंसा, सांप्रदायिक एकता और शांति प्रक्रिया की आड़ में ईसाइयत व इस्लाम मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर वैदिक संस्कृति को मिटा रहे हैं. वे 

हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो." (बाइबल, लूका १९:२७) और 

"और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना)  बाकी न रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी 

सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये." (सूरह  अल अनफाल ८:३९). स्पष्टतः वैदिक सनातन धर्म मिटाना दोनों का घोषित कार्यक्रम है. हम वैदिक पंथियों 

की हत्या जरदारी और ओबामा दोनों का दायित्व है.

ओसामा की हत्या का प्रसारण तो यह स्पष्ट करता है कि ओसामा के छिपने के स्थान की जानकारी जरदारी को भी थी और ओबामा को भी. जब स्वयं अमेरिकी 

नागरिकों ने कुरान फूंकना शुरू कर दिया तो इस्लाम को बचाना ओबामा के लिए विवशता बन गई. तभी जरदारी को विश्वास में लेकर ओबामा ने ओसामा की हत्या 

की. लेकिन अब विश्व का हर व्यक्ति अल्लाह और उसके इस्लाम को जान चुका है. इस्लाम अब नहीं बचेगा.

तकिया (कुरान ३:२८ व १६:१०६) से प्रेरित ओबामा ने विश्व को बताया है कि अमेरिका का विरोध इस्लाम से नहीं है, बल्कि आतंकवाद से है. अल्लाह स्वयं 

आतंकवादी है, इसे मै आगे सिद्ध करूँगा, लेकिन ओबामा इसे स्वीकार नहीं करते. क्यों कि अल्लाह ने ओबामा को तकिया (कुरान ३:२८ व १६:१०६) की शिक्षा दी है.

http://www.youtube.com/watch?v=m-N3dJvhgPg&NR=1&feature=fvwp

पाठक का सामना किसी ऐसे समूह से हो जाए, जिसके देवता का पेशा चोरी का कार्य (कुरआन ८:१, ४१ व ६९) है. जिसने अपने अनुयायी मुसलमानों पर युद्ध 

अनिवार्य कर दिया है| (कुरआन  २:२१६) आतंक (कुरआन ८:१२) और नारियों के बलात्कार (कुरआन  ४:२४ व २३:६) की छूट दे रखी है | जिस समूह का पूज्य 

देवता सगर्व कहता है की वह हत्यारा है| (कुरआन ८:१७). लूट के माल का स्वामी है, (कुरआन ८:१) लूट के माल को पवित्र बताता है, (कुरआन ८:६९), मुसलमान 

समाज में लूट का बंटवारा करता है, (कुरआन ८:४१) प्रतिज्ञाऐ तोड़ता है, (कुरआन  ६६:२) जिसने मुहम्मद का निकाह मुहम्मद की ही पुत्रवधू से कराया था | 

(कुरआन,३३:३७-३८). जो मुसलमानों द्वारा गैर-मुसलमान नारियों का बलात्कार निंदनीय नहीं मानता है (कुरआन  २३:६) अपितु इन कुकर्मो को करने वाले 

मुसलमानों को स्वर्ग भेजता है, जहाँ ऐसे अपराधी मुसलमानों को हूरे व गिलमे मिलेंगे, (यानी अल्लाह और उसके अनुयायी असामाजिक तत्व हैं. जिन्हें धरती पर 

रहने का अधिकार नहीं है) तो क्या आप चुप बैठे रहेंगे? मुझे दुःख है कि आप चुप ही नहीं बैठे हैं, बल्कि लूट व यौन सुख के लोभ में और मुजाहिदों के हाथों मौत 

के भय से सच्चाई को सामने नहीं आने दे रहे हैं | आप मानवदोही क्यों नहीं हैं? भारतीय संविधान मुसलमान और ईसाई को समर्थन व संरक्षण दे रहा हैं| 

अतएव आतंकवादी मुसलमान, कसाब या अफजल नहीं, अल्लाह व मस्जिद का पौषक भारतीय संविधान हैं| अपराध करने वाले से अपराध सहन करने 

वाला अधिक अपराधी होता है. अतः अपराधी भारतीय संविधान का बहिष्कार करने में हमारा सहयोग करें|

हम कौन हैं?

वस्तुतः हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार से जुड़े लोगों ने ज्ञान के वृक्ष का फल खा लिया है और हमारे लिए मूर्खों के वैश्यालय व मदिरालय नामक स्वर्ग

 का दरवाजा सदा के लिए बंद हो चुका है. {(बाइबल, उत्पत्ति २:१७) व (कुरान २:३५)}. हमें यह ज्ञात हो गया है कि भारत में मुसलमानों और ईसाइयों को वैदिक 

सनातन धर्म को मिटाने के लिए रोका गया है. हमें यह भी ज्ञात हो गया है कि सृष्टि धर्म पर टिकी है और धर्म वेदों पर. वेदों को  चरवाहों के गीत बताने वाली 

सोनिया आप को कत्ल करने (बाइबल, लूका १९:२७), आप का मांस खाने और लहू पीने के लिए (बाइबल, यूहन्ना ६:५३), भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से 

असीमित मौलिक अधिकार प्राप्त कर, सत्ता के शिखर पर बैठी, अपने द्वारा मनोनीत राष्ट्रपति प्रतिभा, प्रधान मंत्री मनमोहन, सभी राज्यपालों और जजों के माध्यम से 

आप के वैदिक सनातन धर्म को मिटा रही है. 

ओबामा ने अपने जहरीले दांत भारत में गाड़ दिए हैं. जब तक मुसलमान मंदिर तोड़ रहा है, कश्मीरी हिंदुओं को उजाड़ रहा है, हिंदुओं की सम्पत्तियों और नारियों 

का उपभोग कर है, हमारे ईश्वर और वैदिक सनातन धर्म का अपमान कर रहा है. अज़ान लगा रहा व नमाज़ पढ़ रहा है, भारतीय व इस्राएली सैनिकों पर हमले 

कर रहा है और इस्राएल व कश्मीर मांग रहा है, ओबामा उसे जिहाद मान रहे हैं, लेकिन ज्यों ही मुसलमानों ने विश्व व्यापार केन्द्र और लन्दन की यातायात 

सेवाओं पर हमला किया, ईसाई नारियां लूटीं, अमेरिकी सैनिकों पर हमले किये और अमेरिका और ब्रिटेन माँगा, वे ही मुसलमान आतंकवादी हो गए. कश्मीर व 

इस्राएल पर समझौता करने के लिए अमेरिका और राष्ट्रसंघ तत्पर है, अल्लाह ने सारी दुनिया मुसलमानों को दे दी है. अल्लाह ईसाइयों का सेकुलर भगवान भी है, 

फिर ईसाई मुसलमानों को अमेरिका क्यों नहीं दे देते?

धरती पर एक से बढ़ कर एक त्रिकालदर्शी, योद्धा, चिन्तक, समाज सुधारक और बुद्धिमान पैदा हुए, लेकिन जगतगुरु श्री अमृतानंद के अतिरिक्त किसी ने भी 

ईसाइयत और इस्लाम का विरोध नहीं किया. उनके आशीर्वाद से हम मानव जाति के लिए लड़ रहे हैं.


जब हमने बाबरी ढांचा गिराया था तो मात्र कश्मीर में १०८ मंदिर तोड़े गए, जिनमे से ३८ की विधिवत प्राथमिकियां पंजीकृत हैं. जिसका विवरण हमारी पुस्तक 

'अजान' के १० वें संलग्नक में उपलब्ध है. इन्हें आप हमारी वेब साईट http://www.aryavrt.com/azaan पर निः शुल्क पढ़ सकते हैं. बाबरी विध्वंस के ४९ 

अभियुक्त बने और १७ वर्षों तक लिब्रहान आयोग जाँच की नौटंकी करता रहा. हमने १५ जनवरी २००१ को शपथपत्र दिया कि ढांचा हमने गिराया है, उसे चुरा 

लिया. जनता का ८ करोड़ रुपया डकार गया. लेकिन हमारे मंदिरों को तोड़ने वाला कोई अभियुक्त नहीं और न कोई जाँच आयोग. ४ मस्जिदों के विष्फोट के लिए 

हम भगवा आतंकवादी हैं! १०८ मंदिर तोड्वाने वाली सोनिया सरकार कौन है? क्या इस देश का वकील वर्ग पूछेगा?

हम ईसाइयत और इस्लाम के विरोधी हैं. हम आप से सहयोग चाहते हैं. हमारे १२ अधिकारी मक्कामालेगांव आदि के विष्फोट में बंद हैं. हम अभिनव भारत 

और आर्यावर्त के लोग इस्लाम व उसकी मस्जिदें नहीं रहने देंगे. हमने बाबरी ढांचा गिराया है. क्यों कि यदि  ईसाइयत और इस्लाम धरती पर रहेंगे तो कोई 

मंदिर नहीं बच सकता. किसी नारी की मर्यादा नहीं बच सकती. इस्लाम ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है. धरती को भी दो 

हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है. (कुरान ८:३९) काफ़िर को कत्ल करना व दार उल हर्ब भारत को दार उल इस्लाम में बदलना 

मुसलमानों का मजहबी और संवैधानिक अधिकार है. ओबामा के ईसा ने ओबामा को हमे कत्ल करने की आज्ञा दे रखी है. (बाइबल, लूका १९:२७). हम से 

पाकपिता गाँधी ने राम राज्य का वादा किया था, भारतीय संविधान ने हमे उपासना की स्वतंत्रता दी है. हम मनुष्य के पुत्र का मांस खाने और लहू पीने 

(बाइबल, यूहन्ना ६:५३) वाले ओबामा पर विश्वास क्यों और कैसे करें?

हमने कुरान के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका स० १५/१९९३ प्रस्तुत की थी, जो निरस्त कर दी गई. मैंने पत्रक मुसलमानों भारत छोड़ोऔर 

ईश्वर अल्लाह कैसे बना?’ प्रकाशित किया और बांटा था. जिनके आधार पर मेरे विरुद्ध थाना रूपनगर, दिल्ली से दो अभियोग क्रमशः ७८/१९९३ व १३७/१९९३ 

चले थेजिनमे मुझे ३ जुलाई, १९९७ को दोषमुक्त कर दिया गया. बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान का विरोध करने के कारण प्रेस परिषद में अभियोग 

चला, जिसमें मै दिनांक २५-०२-२००२ को दोषमुक्त हुआ. अभी मेरे विरुद्ध रूपनगर थाने से अभियोग ४४०/१९९६ व ४८४/१९९६ चल रहे हैं. मैंने कानपूर में 

पाकपिता गाँधी की प्रतिमा तोड़वा कर हुतात्मा श्री नथूराम गोडसे की प्रतिमा लगवाई थी. वह अभियोग १२७/१९९७ थाना रूपनगर, दिल्ली से चल रहा है. 

इसके अतिरिक्त थाना नरेला दिल्ली से प्राथमिकी स० ४०६/२००३ व १६६/२००६ ईसाइयत और इस्लाम का विरोध करने के कारण अभियोग चल रहा है. मैं 

अजान के विरोध के कारण चले अभियोग प्राथमिकी स० ११०/२००१ से दिनांक २६ फरवरी, २००५ को और आई एस आई एजेंट बुखारी को बंदी बनाये जाने 

की मांग के कारण चले अभियोग १०/२००१ से दिनांक ०४-०२-२०१० को आरोप मुक्त हो चुका हूँ. ईश्वर उपासना की दासता नहीं थोपता. (गीता ७:२१) और 

न लूट के माल का स्वामी है. (मनुस्मृति ८:३०८). मैं मानव जाति को बचाना व विदेशी बैंकों में जमा देश का धन वापस लाना चाहता हूँ और सोनिया 

राज्यपालों के माध्यम से आप को लूट रही व मिटा रही है.

जजों, राज्यपालों और लोक सेवकों के पास कोई विकल्प नहीं है. या तो वे स्वयं अपनी मौत स्वीकार करें, अपनी नारियों का अपनी आखों के सामने 

बलात्कार कराएँ, शासकों (सोनिया) की दासता स्वीकार करें व अपनी संस्कृति मिटायें अथवा नौकरी न करें.

संघ परिवार हमें अतिवादी और आतंकवादी मानता है. क्यों कि मीडिया व संघ परिवार को हमारे राम राज्य से परहेज़ है. पाक पिता गाँधी ने ही हमसे राम 

राज्य का वादा किया था, हम को सोनिया का रोम राज्य सहन करने के लिए विवश किया जा रहा है. अमेरिकी, भारतीय और संयुक्त राष्ट्र संघ का 

सार्वभौमिक मानवाधिकार का घोषणापत्र हमे उपासना कीस्वतंत्रताका वचन देता है. हमें अल्लाह के उपासना की दासता और ईसा का रोम राज्य 

स्वीकार करने के लिए विवश किया जा रहा है.

सूचना के अधिकार के अधीन भारत सरकार ने मुझे बताया है कि हमें वैदिक सनातन धर्म को बनाये रखने का कोई अधिकार नहीं है.

भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) सोनिया को अपनी ईसाई संस्कृति और हामिद अंसारी को इस्लामी संस्कृति को बनाये रखने का असीमित मौलिक 

अधिकार देता है. लेकिन हम वैदिक पंथियों को, जो विश्व के अल्पसंख्यकों में अल्पसंख्यक हैं, अपनी संस्कृति को बनाये रखने का अधिकार न देना 

प्रेसिडेंट प्रतिभा और राज्यपालों द्वारा लिए गए शपथ व भारतीय संविधान की अवहेलना है.

कम्प्युटर(गणक) विशेषज्ञ स्वीकार करते हैं कि संस्कृत गणक के लिए सबसे उपयुक्त भाषा है. संस्कृत और गुरुकुलों की उपेक्षा हम अल्पसंख्यक वैदिक 

पंथियों के मानवाधिकारों का हनन है. संयुक्त राष्ट्र संघ दुर्लभ पशु पक्षियों तक की रक्षा के लिए प्रयत्नशील है और सोनिया हमारे वैदिक सनातन धर्म को 

मदरसों को अनुदान दे कर मिटा रही है.

जिसने भी भारतीय संविधान में निष्ठा की शपथ ली है, वह वैदिक पंथियों के मानवाधिकारों की अवहेलना का दंडनीय अपराध कर रहा है और मानवता का शत्रु 

है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) ने नागरिकों से सम्पत्ति रखने का अधिकार २६ जनवरी, १९५० से ही छीन लिया है. वोट द्वारा भी नागरिक इस 

अधिकार को नहीं बदल सकते. स्वयं लोकसभा व सर्वोच्च न्यायलय भी कुछ नहीं कर सकती.

गुजरात के मुख्य मंत्री नरेंद्र मोदी ने ओबामा के पाकिस्तान के विरुद्ध कुछ न कहने का विरोध किया है. लेकिन क्या मोदी बताएंगे कि वे स्वयं अजान व 

मस्जिदों के विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं करते? शायद मोदी जी को अजान क्या है और मस्जिद क्या हैं – इसका ज्ञान नहीं है, नीचे पढ़ें:-

http://www.youtube.com/watch?v=Cygiw32ooxc&NR=1

मोदी जी को यह बात समझ नहीं आती कि मुसलमान ईमाम उनके इष्ट देवताओं का अपमान करते हैं. भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के 

अंतर्गत ईमामों को दंडित करने के स्थान पर स्वयं मोदी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन संरक्षण ईमामों को संरक्षण देने के लिए विवश हैं.

जिन मस्जिदों को धरती पर रहने का अधिकार ही नहीं, उनकी रक्षा के लिए मोदी ने हमारे असीमानंद जी को बंदी बना रखा है.

~अजान~

धार्मिक सद्भाव

जकात-सदका, रोजा, ईमान, नमाज और हज इस्लाम के स्तंभ हैं। इस्लाम के धार्मिक सद्भाव की हवा निकालना मानवता के हित में आवश्यक है. ‘शहादा’ 

इस्लाम की पहली शर्त है और यही अजान नमाज की शुरुआत भी. मस्जिदों से लाउडस्पीकर पर चिल्लाई जाने वाली अजान में ईमाम क्या कहते हैं, इसे 

मुसलमान के शब्दों में नीचे पढ़ें:-

यहां पूरी अज़ान के बोल उल्लिखित कर देना उचित महसूस होता है :

●  अल्लाहु अकबर-अल्लाहु अकबर (दो बार), अर्थात् अल्लाह सबसे बड़ा है।

●  अश्हदुअल्ला इलाह इल्ल्अल्लाह (दो बार), अर्थात् मैं गवाही देता हूं कि अल्लाह के सिवाय कोई पूज्य, उपास्य नहीं।

●  अश्हदुअन्न मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह (दो बार), अर्थात् मैं गवाही देता हूं कि (हज़रत) मुहम्मद (सल्ल॰) अल्लाह के रसूल (दूत, प्रेषित, संदेष्टा, नबी, Prophet) हैं।

●  हय्या अ़लस्-सलात (दो बार), अर्थात् ‘(लोगो) आओ नमाज़ के लिए।

●  हय्या अ़लल-फ़लाह (दो बार), अर्थात् ‘(लोगो) आओ भलाई और सुफलता के लिए।

●  अस्सलातु ख़ैरूम्-मिनन्नौम (दो बार, सिर्फ़ सूर्योदय से पहले वाली नमाज़ की अज़ान में), अर्थात् नमाज़ नींद से बेहतर है।

●  अल्लाहु अकबर-अल्लाहु अकबर (एक बार), अर्थात् अल्लाह सबसे बड़ा है।

●  ला-इलाह-इल्ल्अल्लाह (एक बार), अर्थात् कोई पूज्य, उपास्य नहीं, सिवाय अल्लाह के।

मैं गवाही देता हूं कि अल्लाह के सिवाय कोई पूज्य, उपास्य नहीं। सारे विवाद की जड़ यही है.

अज़ान यद्यपि सामूहिक नमाज़ के लिए बुलावाहै, फिर भी इसमें एक बड़ी हिकमत यह भी निहित है कि विशुद्ध एकेश्वरवादकी निरंतर याद दिहानी होती रहे

इसका सार्वजनिक एलान होता रहे। हज़रत मुहम्मद (सल्ल॰) के ईशदूतत्व के, लगातारदिन प्रतिदिनएलान के साथ यह संकल्प ताज़ा होता रहे कि कोई भी 

मुसलमान (और पूरा मुस्लिम समाज) मनमानी जीवनशैली अपनाने के लिए आज़ाद नहीं है बल्कि हज़रत मुहम्मद (सल्ल॰) के आदर्श के अनुसार एक सत्यनिष्ठ

नेक, ईशपरायण जीवन बिताना उसके लिए अनिवार्य है।

क्या आप ने सोचा कि मुहम्मद से लेकर पाकपिता गाँधी तक यह कहते हुए क्यों नहीं आये कि उनका लक्ष्य आप को शासकों का दास बनाना है. ईमामों और 

मौलवियों से कहिये कि वे  सच बोलें, "ला इलाहलिल्लाहू के बदले घोषित करें कि वे स्वयं शासकों के दास हैं और मानव मात्र को शासकों का दास बनाना 

चाहते हैं  आप लोग यह युद्ध नहीं लड़ सकते.

अमेरिकी, संयुक्त राष्ट्र और भारतीय संविधान ने आप को उपासना की स्वतंत्रता दी है. ईमाम मात्र अल्लाह की पूजा करने की मस्जिदों से बांग लगाते हैं. स्वयं 

अल्लाह के दास हैं. आप को दास बनाने के लिए ललकारते हैं. अपने इष्ट देवता व संस्कृति का अपमान सहन करते आप को लज्जा क्यों नहीं आती?


यह अजान मस्जिदों से प्रसारित की जाती है. अजान भारतीय संविधान, जिसमे मोदी जी ने आस्था व निष्ठा की शपथ ली है, से पोषित है. अजान का विरोध 

राज्य के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अधीन संज्ञेय गैर जमानती अपराध है. अजान और मस्जिद का विरोध करने के कारण मै 

४२ बार हवालात नामक नर्क की हवा खा चुका हूँ, हमारे जगत गुरु स्वामी अमृतानंद के मुंह में गोमांस ठूसा गया है. हमारी आधुनिक दुर्गा साध्वी प्रज्ञा के 

रीढ़ की हड्डी तोड़ डाली गई है और हमारे सेनापति प्रसाद श्रीकांत पुरोहित का पैर तोड़ दिया गया है.

यह संस्कृतियों का युद्ध है. ईसाइयत और इस्लाम आतताई दास संस्कृतियाँ हैं. वैदिक सनातन धर्म से ईसाइयत और इस्लाम दोनों ही आतंकित हैं. क्यों कि ईश्वर 

उपासना की दासता नहीं थोपता. (गीता ७:२१) और न लूट के माल का स्वामी है. (मनुस्मृति ८:३०८). चूंकि ईसाइयत और इस्लाम दोनों को ही वैदिक सनातन 

धर्म को मिटाना है, इसलिए पाकिस्तान को अमेरिकी सहायता तब तक मिलती रहेगी, जब तक वैदिक सनातन धर्म का अस्तित्व बचा रहेगा.

मात्र वैदिक सनातन धर्म धोखे से हमले का विरोधी है. ईश्वर न किसी को कत्ल करता है, न किसी को दास बनाता है और न किसी नारी के बलात्कार की आज्ञा 

देता है. आत्मघाती मजहबों को मिटाना आप का वैदिक सनातन धर्म है. आइये ईसाइयत और इस्लाम मिटायें.

एक ओर प्रजातंत्र है, जो मानव जाति को निगल जाना चाहता है. दूसरी ओर वैदिक सनातन धर्म का राजतंत्र है, जो मानव मात्र को उपासना की स्वतंत्रता’, 

सम्पत्ति का अधिकार, ब्रह्मचर्य आधारित गुरुकुल की शिक्षा ओर नारी को सम्मान देगा. अतएव यदि मानव जाति को बचाना हो तो जगतगुरु अमृतानंद देवतीर्थ 

द्वारा चयनित महाराज दिनेश का राज्याभिषेक कराइए. अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी

 

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