NMO kii siimayen 14526



मुजहना MUJAHANA weekly

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 19 Year 19 ISSUE 22C, May 23-29, 2014. This issue is NMO kii siimayen 14526


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NMO kii siimayen 14526

पत्रांक: १४५२५/नमो/०१                            दिनांक; रविवार, २५ मई २०१४

मालेगांव बम कांड और नमो की सीमाएं

मेरा अपराध यह है कि मैं एलिजाबेथ के उपनिवेश को चुनौती देता हूँ| मैं जानना चाहता हूँ कि मस्जिद, जहां से काफिरों के आराध्य देवों की ईशनिंदा की जाती है और जहां से काफिरों को कत्ल करने की शिक्षा दी जाती है, को नष्ट करना अपराध कैसे है?

 

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इंडिया उपनिवेश है और इंडिया का हर नागरिक एलिजाबेथ की प्रजा! मैंने स्वतंत्रता के उस युद्धको प्रारम्भ कर दिया है, जिसे १५ अगस्त, १९४७ से छल से रोका गया है| {भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७, अनुच्छेद ६ (ब)(।।) भारतीय संविधान व राष्ट्कुल की सदस्यता}

 

भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) का संकलन वैदिक सनातन संस्कृति को समूल नष्ट करने के लिए किया गया है| यह अनुच्छेद अब्रह्मी संस्कृतियों को अविश्वासियों को कत्ल करने और मात्र अपनी संस्कृति के वर्चस्व को स्थापित करने का असीमित मौलिक मजहबी अधिकार देता है| निर्णय आप के हाथों में| आप दासता चाहते हैं या स्वतंत्रता?

 

बिना प्रमाण जज फैसले नहीं करता| मैं जेहोवा और अल्लाह पर विश्वास क्यों करूं?

 

मैं महात्मा बुद्ध के कथन को उद्धृत करता हूँ, “किसी के कथन अथवा लेखन पर, उसे आप ने चाहे जहां से पढ़ा या सुना हो, यहाँ तक कि मेरे कथन पर भी, तब तक विश्वास न करो, जब तक उस कथन से आप अपने तर्क और विवेक की कसौटी से सहमत न हों|”

 

यह संस्कृतियों का युद्ध है, या तो अब्रह्मी संस्कृतियाँ रहेगी अथवा वैदिक सनातन संस्कृति| भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) के अनुसार केवल उन्हें ही जीवित रहने का अधिकार है, जो ईसा का दास बने| (बाइबल, लूका १९:२७). एलिजाबेथ के ईसा को अर्मगेद्दन द्वारा धरती पर केवल अपनी पूजा करानी है| कुरान के अनुसार अल्लाह ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है| धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है| (कुरान ८:३९) काफ़िर को कत्ल करना व दार उल हर्ब धरती को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का मजहबी अधिकार है| इनके विरुद्ध कोई जज सुनवाई नहीं कर सकता| (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). चुनाव द्वारा भी इनमें कोई परिवर्तन सम्भव नहीं|


संविधान के अनु० ३१ प्रदत्त सम्पत्ति के जिस अधिकार को अँगरेज़ और संविधान सभा के लोग न लूट पाए, उसे सांसदों और जजों ने मिल कर लूट लिया और अब तो इस अनुच्छेद को भारतीय संविधान से ही मिटा दिया गया है| इसे कोई भ्रष्टाचार नहीं मानता! (एआईआर, १९५१, एससी ४५८) 

भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) के अधीन राज्य प्रजा को स्वयं लूटता है| जब सम्पत्ति और पूँजी पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) के अनुसार नागरिक का अधिकार ही नहीं, तो कोई लूटे नागरिक को तो ५% ही मिलेगा| शेष ९५% तो राहुल के अनुसार एलिजाबेथ के बिचौलिए खायेंगे| एलिजाबेथ के नमो आज भी दास हैं| नमो ने एलिजाबेथ के संविधान में आस्था और निष्ठा की शपथ पहले भी ली है और २६ मई, २०१४ को भी लेंगे| जब तक इंडिया उपनिवेश है, नमो न आप को बचा सकते हैं और न वैदिक सनातन संस्कृति को|

 

मेरा आग्रह है कि नमो साध्वी प्रज्ञा सहित मालेगांव मामले में जेल में बंद ९ अभियुक्तों को छोड़ दें| उन्होंने जो कुछ भी किया है, मेरे उकसाने पर किया है| मैं स्वयं मालेगांव मामले में अभियुक्त हूँ| इस्लाम और ईसाइयत का विरोध करने के कारण ४२ बार जेल गया हूँ| मुझे जेल में जहर दिया गया है| ५० अभियोग चले, जिनमे से ५ आज भी लम्बित हैं| मैंने बाबरी ढांचा गिरवाया है| http://www.youtube.com/watch?v=yutaowqMtd8; http://chn.ge/1hQCDy1  और http://www.aryavrt.com/malegaon-notice-crpc160

 

भवदीय:-

 

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, फोन ९१५२५७९०४१

 

Your Registration Number is : DARPG/E/2014/02876


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AyodhyaP Tripathi,
Jun 5, 2014, 3:17 AM
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