Nari Smman

आर्यावर्त सरकार  अपना घर पर जाँच का स्वागत करती है और जानना चाहती है कि बेटी (बाइबल , कोरिन्थिंस :३६) से विवाह पुत्रवधू (कुरान, ३३:३७-३८) से निकाह कराने वाले ईसाइयत और इस्लाम के विरुद्ध सरकार क्या कार्यवाही करेगी? क्या मीडिया के पास इस सत्य को प्रकाशित करने का साहस है?

16) उनकी आँखों के सामने ही उनके बच्चों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया जायेगा। उनके घर लूटे जायेंगे और उनकी पत्नियों के साथ बलात्कार किया जायेगा।

http://www.biblemitr.com/bible.php?BookType=OLD&BookID=29&Chapter=13

यदि कोई सोचता है कि वह अपनी युवा हो चुकी कुंवारी बेटी (प्रिया) के प्रति उचित नहीं कर रहा है और यदि उसकी कामभावना तीव्र है, तथा दोनों को ही आगे बढ़ कर विवाह कर लेने की आवश्यकता है, तो जैसा वह चाहता है, उसे आगे बढ़ कर वैसा कर लेना चाहिए. वह पाप नहीं कर रहा है. उन्हें विवाह कर लेना चाहिए. (बाइबल, कोरिन्थिंस :३६)

देखें नीचे उद्धृत लिंक पर:-

http://bhaandafodu.blogspot.in/2012_01_01_archive.html

"अपनी पत्नियों के साथ (और) जो औरतें तुम्हारे कब्जे में हों ,उनके साथ सहवास करने में कोई निंदनीय काम नहीं है "सूरा -मआरिज 70 :30 

अल्लाह ने मुहम्मद के बेटे जैद  की पत्नी से मुहम्मद का निकाह कराया.

३७. याद करो ( नबी), जबकि तुम उस व्यक्ति से कह रहे थे जिस पर अल्लाह ने अनुकम्पा की, और तुमने भी जिस पर अनुकम्पा की कि, ‘अपनी पत्नी को अपने पास रोके रखो और अल्लाह का डर रखो, और तुम अपने जी में उस बात को छिपा रहे हो जिसको अल्लाह प्रगट करने वाला है.  तुम लोगों से डरते हो, जबकि अल्लाह इसका ज्यादा हक रखता है कि तुम उससे डरो.’ अतः जब जैद उससे अपनी जरूरत पूरी कर चुका तो हमने उसका (जैनब का) तुमसे निकाह कर दिया, ताकि इमानवालों पर अपने मुंह बोले बेटों की पत्नियों के मामले में कोई तंगी रहे जबकि वे उनसे अपनी जरूरत पूरी कर लें. अल्लाह का फैसला तो पूरा हो कर ही रहता है. (कुरान सूरा ३३, अल-अहजाब आयत ३७)

३८. नबी पर उस काम में कोई तंगी नहीं जो अल्लाह ने उसके लिए ठहराया हो. यही अल्लाह का दस्तूर उन लोगों के बारे में भी रहा है जो पहले गुजर चुके हैं-और  अल्लाह का काम तो जंचा-तुला होता है.(कुरान सूरा ३३, अल-अहजाब आयत ३८)

आप्त


Comments