Muj18w23ay Samadhan 18623




Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 24 Year 24 ISSUE 23ay,  Jun 22-28, 2018. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 7017886116 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj18w23ay Samadhan 18623

||श्री गणेशायेनमः||

सेवा में,


महामहिम राज्यपाल श्री पाउल एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री रावत जी,


महोदय गण,


मैं बाइबिल, कुरान और भारतीय संविधान विरोधी, बाबरी विध्वंसक, काफिर, साध्वी प्रज्ञा का सह अभियुक्त और उपनिवेश विरोधी हूँ. मैं ऋषिकेश में इसलिये रहता हूँ कि यहां तथाकथित सहिष्णु और सर्वधर्म समभाव वादी अजान का प्रसारण नहीं सुनना पड़ता.


मेरे आग्रह पर कुछ दिन पूर्व थाना मुनि की रेती से इंस्पेक्टर श्री राजवर्धन जी बिजली पानी के समाधान हेतु आए थे. उंहें स्वामी प्रणब चैतन्य ने धक्का देकर और गाली देकर भगा दिया.


नीचे सरकार के सुशासन का समाधान सं० दे रहा हूँ.



वह कानून दिखाएं जिसने इंडिया को आजाद किया. १८ जुलाई, १९४७ को ब्रिटिश सरकार ने इंडिया को स्वतंत्र उपनिवेश बनाया.


इंडिया ब्रिटेन के राष्ट्र कुल का सदस्य है सभी ब्रिटिश कानून ही उपनिवेश की ब्रिटिश प्रजा पर लागू हैं. http://www.aryavrt.com/bhartiya-swatantrta-adhiniyam-1947


आप उपनिवेश के बलि पशु भी हैं और अहर्निश ईशनिंदा सुनने को विवश भी.


दुनिया के दो करोड़ से कम यहूदियों का देश इजराइल है और एक अरब सनातनियों का कोई देश नहीं!


मै मंगल आश्रम, मुनि की रेती, टिहरी मोड़, ऋषिकेश, टिहरी गढ़वाल मे रहता हूँ. यह आश्रम विवादित है. इसमें काबीना सिचाई मंत्री माननीय सतपाल महाराज का भी आश्रम है. जो लगभग तीन साल पूर्व नियम का उल्लंघन कर के बनाया गया है. यह एलिजाबेथ द्वारा नियंत्रित ट्रस्ट


है. महामहिम पाउल जी एलिजाबेथ के प्रतिनिधि हैं.
यदि उपनिवेश से मुक्ति की मांग और ईशनिंदा का विरोध अपराध है, तो मैं, स्वतंत्र उपनिवेश व ईशनिंदा विरोधी हूँ. यानी फांसी का पात्र. मुझे फांसी दिलाना आप दोनों का कानूनी दायित्व है.
मैं आग्रह करता हूँ कि मुझे कोई रियायत न दें. कानूनी कार्यवाही करें.
लेकिन आप मुझे कानूनी अधिकार रखने के बाद भी फांसी नहीं दिला सकते. मुसलमान मस्जिदों से ईशनिंदा व काफिरों को कत्ल करने का प्रसारण करते हैं. १९४७ से आज तक कोई मुसलमान रासुका मे बंद नहीं हुआ और अजान का विरोध करने के कारण मुझ पर ५० अभियोग चले. ३ आज भी लम्बित हैं. नीचे की लिंक पढ़ें,
http://www.aryavrt.com/judgment-on-azaan-eng
आप लोग अपने सत्यानाश मे स्वयं लिप्त हैं.
मेरा बिजली पानी अप्रैल से कटा हुआ है. मैं लकवाग्रस्त हूँ. आग्रह करता हूँ कि यदि आप लोगों की मां ने दूध पिलाया हो तो मेरे जैसे अपराधी पर कानूनी कार्यवाही कर के दिखाएं. मुझे जेल भेज दें.
मेरे योग्यतानुसार मेरे जीवन यापन का प्रबंध आप लोगों का उत्तरदायित्व है. बिजली पानी का प्रबंध करने के उत्तरदायित्व से बचने का अपराध न करें.
अप्रति
या २३ जून, २०१८


Comments