Muj18w21 fansi hetu




Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 24 Year 24 ISSUE 21y,  Jun 08-14, 2018. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 7017886116 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj18w21 fansi hetu

||श्री गणेशायेनमः||

आदरणीय योगी जी,
मैं बाइबिल, कुरान व भारतीय संविधान विरोधी, बाबरी विध्वंसक, काफिर, साध्वी प्रज्ञा और आप का सह अभियुक्त और उपनिवेश विरोधी अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी फोन +९१ ९८६८३२४०२५ हूँ. यानी फांसी दिए जाने योग्य सदाबहार अपराधी.
http://www.aryavrt.com/judgment-on-azaan-eng
आप जब चाहें मुझे किसी ईसाई या मुसलमान द्वारा कत्ल करवा सकते हैं. इसके अलावा महामहिम राज्यपाल द्वारा दंप्रसं की धारा १९६ के अंतर्गत फांसी भी दिलवा सकते हैं. मुख्यमंत्री पद लेने से पूर्व आप ने इसके लिए विधिवत शपथ ली है.
देश स्वतंत्र नहीं स्वतंत्र उपनिवेश है. राष्ट्र कुल (Common Wealth) का सदस्य है और सभी ब्रिटिश कानून ही लागू हैं. आप सहित उपनिवेश वासी ब्रिटिश प्रजा हैं ब्रिटिश कानूनों, भसं, बाइबिल और कुरान पर किसीका जोर नहीं है.
लेकिन उपनिवेश को स्वतंत्रता नहीं मानेंगे, तो सडक़ पर भी नहीं रह पाएंगे. फांसी पक्की.
अपने ही अधीन पुलिस के संरक्षण में आप अहर्निश ईशनिंदा और स्वयं कत्ल होने का प्रसारण सुनने व प्रदेश की जनता को सुनवाने के लिए विवश हैं.
अजान बंद कराकर देख लें, औकात मालूम हो जाएगी.
उपनिवेशवासी अज़ान, नमाज, ईमाम या कुरान को ईशनिंदा का दोषी नहीं ठहरा सकते| लेकिन यदि उपनिवेशवासी बाइबल, कुरान, बपतिस्मा, अज़ान का विरोध करेंगे तो ईश-निंदक हैं| कमलेश तिवारी की भांति रासुका में बंद हो जायेंगे. इस्लाम ईशनिंदा के बदले मृत्युदंड देता है. 
http://www.aryavrt.com/muj18w06-upnazaan-up
Check out @NilaKallyani’s Tweet: https://twitter.com/NilaKallyani/status/998000741842276352?s=09
हर मुसलमान व ईसाई खूनी है। दोनों ही धर्मान्तरण करने वाले को मृत्युदंड देते हैं.
एलिजाबेथ कैथोलिक ईसाई है| धर्मपरिवर्तन के लिए उकसाने वाले को कत्लकरने की बाइबल की आज्ञा है| (व्यवस्थाविवरण, १३:६-११) (बाइबल, लूका २४:४४) के साथपठनीय व धर्मपरिवर्तन करने वाले को कत्ल करने की कुरानकी आज्ञा है| (कुरान ४:८९). २०१५ वर्ष पूर्व ईसाई नहींथे| न १४३६ वर्ष पूर्व मुसलमान ही थे| अतएव धर्मत्यागी एलिजाबेथ व हामिद को उनके ही मजहब के अनुसार कत्लकरने का हमे भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ से प्राप्त अधिकार है| क्यों कि बाइबल, लूका १९:२७ के ईसा केआदेश से एलिजाबेथ हमे कत्ल करेगी और कुरान २१:९८के आदेश से मुसलमान कत्ल करेगा इनसे अपनी रक्षाका हमारे पास और कोई मार्ग नहीं है।इनको सत्ता में बैठा कर सरकार राजनीति के अपराधीकरण को कैसे मिटायेगी? जो हत्या के योग्य  हैं, उन्हें सत्ता सौंप कर संघ सरकार जनता को क्या सन्देश दे रही है?
ईसाई और मुसलमान अल्पसंख्यक कैसे हैं? हिंदू कश्मीर, नागालैंड और मिजोरम मे अल्पसंख्यक क्यों नहीं घोषित किया गया?
बाइबल व कुरान के उपरोक्त उद्धरणों से स्पष्ट हैं कि ईसाईयत और इस्लाम धर्मान्तरण करने व कराने वालों को मृत्यु दंड देते है| अतएव भारतीय संविधान के अनुच्छेद २५ में दिया गया आस्था की आजादी के अधिकार का उन्मूलन करें या सत्ता छोड़ो|
मैं अपने सारे अपराध स्वीकार करता हूँ. लेकिन सन २००० से आज तक मुझे फांसी नहीं दी गई. यद्यपि २००१ मे जेल में जहर दिया गया. क्या आप मे मुझे फांसी दिलाने का साहस है?
जो स्वतंत्र है वो उपनिवेश नहीं हो सकता..क्योंकि स्वतंत्र का अर्थ स्वयं (मेरा अपना) का तंत्र हैऔर जो उपनिवेश है वो स्वतंत्र नहीं हो सकता क्योंकि उपनिवेश का अर्थ ही किसी और की बस्ती है..तो स्वतंत्र उपनिवेश कोई शब्द ही नहीं है भ्रम और धोखा है। जबकि इंडिया को १८ जुलाई, १९४७ को स्वतंत्र उपनिवेश बनाया गया है.
दुनिया की सबसे बड़ी संख्या ईसाई और दूसरी सबसे बड़ी संख्या मुसलमान अल्पसंख्यक कैसे हो सकती है?
हिंदुस्तान में ही हिंदू अल्पसंख्यक घोषित नहीं किया जा सकता! कश्मीर, नागालैंड व मिजोरम प्रमाण हैं. कत्ल कर दिया जाता है.
अपने पुलिस के संरक्षण में अजान यानी ईशनिन्दा सुनना व सुनवाना आप की विवशता है. आप अजान और खुतबे का मस्जिदों से प्रसारण नहीं बंद करा सकते.
जिसने भी संविधान में आस्था व निष्ठा की अथवा परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण की शपथ ली है, उसे किसी शत्रु की आवश्यकता नहीं है. उसने उन मानव जाति के शत्रुओं को सनातन धर्म के समूल नाश का असीमित मौलिक अधिकार दे दिया है, जिन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया|
आशाराम को जेल, सहारा श्री सुब्रत राय को जेल, जज कर्णन को जेल आने वाले भविष्य का ट्रेलर है. या तो सनातन संस्कृति रहेगी अथवा ईसाइयत और इस्लाम. प्राथमिकता तय कर लीजिए. 
मैं आप को चुनौती देता हूँ कि कानून का पालन कीजिए. मुझे २४ घंटे के भीतर उखं सरकार से सहयोग लेकर जेल भेजवाइए.
हर जगह भूमाफिया खड़ा कर कत्ल करने से बाज आइए. वह भी मात्र इसलिए कि उपनिवेश वासी यह न जान पाएं कि वे आज भी ब्रिटिश दास हैं.
अप्रति
या ११ जून, १८
http://www.aryavrt.com/muj18w21-fansi-hetu

Comments