Muj18W20 UpNazaan NCT




Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 24 Year 24 ISSUE 20y,  Jun 01-07, 2018. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 7017886116 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj18W20 UpNazaan NCT


सेवा में,


महामहिम उप राज्यपाल श्री बैजल एवं राष्ट्रपति जी,


महोदय गण,


मैं बाइबिल, कुरान और भारतीय संविधान विरोधी, बाबरी विध्वंसक, काफिर, साध्वी प्रज्ञा का सह अभियुक्त और उपनिवेश विरोधी हूँ.


उपनिवेश, बपतिस्मा, अजान, खुतबे और जिहाद का विरोधी को राजीव दीक्षित की भांति गुप्त रूप से कत्ल किया जाता है.


एलिजाबेथ सरकार ने मुझे कत्ल करने के लिए तीन प्रदेशों में तीन भूमाफिया तैनात कर रखा है. आर्यावर्त सरकार के मुख्यालय की पश्चिमी गली, जिसके अतिक्रमण का अभियोग २०१० से ही चल रहा है, पर २०१३ मे आप लोगों ने अतिक्रमण कराया है. देखें लिंक,


http://www.aryavrt.com/kl_gali-bdo_lg-16d08
तब से मैंने दिल्ली छोड़ दिया है. गोरखपुर में १९९९ मे ही भूमाफिया वीरबहादुर को तैनात कर रखा है. २०१३ मे मुझे गोरखपुर में अगवा किया गया था. तब से मैं गोरखपुर नहीं गया. देखें लिंक,
http://www.aryavrt.com/gnl-case

अब मै मंगल आश्रम, मुनि की रेती, टिहरी मोड़, ऋषिकेश, टिहरी गढ़वाल मे भिक्षा और दक्षिणा के सहारे रहता हूँ. यह आश्रम विवादित है. इसमें काबीना सिचाई मंत्री माननीय सतपाल महाराज का भी आश्रम है. जो लगभग तीन साल पूर्व नियम का उल्लंघन कर के बनाया गया है.


१८ जुलाई, १९४७ को इंडिया दो उपनिवेश बना था. दुनिया के दो करोड़ से कम यहूदियों का देश इजराइल है और एक अरब सनातनियों का कोई देश नहीं!


मैं, स्वतंत्र उपनिवेश विरोधी हूँ. यानी फांसी का पात्र. मुझे फांसी दिलाना आप लोगों का दायित्व है.
लेकिन आप लोग मुझे कानूनी अधिकार रखने के बाद भी फांसी नहीं दिला सकते. मुसलमान मस्जिदों से ईशनिंदा व काफिरों को कत्ल करने का प्रसारण करते हैं. १९४७ से आज तक कोई मुसलमान रासुका मे बंद नहीं हुआ और अजान का विरोध करने के कारण मुझ पर ५० अभियोग चले. ३ आज भी लम्बित हैं. नीचे की लिंक पढ़ें,
http://www.aryavrt.com/judgment-on-azaan-eng
आप लोग अपने सत्यानाश मे स्वयं लिप्त हैं.
मेरा बिजली पानी ५८ दिनों से कटा हुआ है. मैं लकवाग्रस्त हूँ. आग्रह करता हूँ कि यदि आप लोगों की मां ने दूध पिलाया हो तो मेरे जैसे अपराधी पर कानूनी कार्यवाही कर के दिखाएं. या तो मुझे जेल भेज दें, वहां कोई समस्या नहीं रहेगी, या बिजली पानी का प्रबंध कर दें.

अप्रति
या ७जून, १८


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