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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 24 Year 24 ISSUE 18y,  May 18-24, 2018. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 7017886116 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj18w18 PILinSC

||श्री गणेशायेनमः||


सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली

(भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३२ के अंतर्गत)

जनहित याचिका                वर्ष २०१८

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी ...... याचिकाकर्ता

बनाम

संघ सरकार द्वारा प्रमुख गृह सचिव नार्थ ब्लाक दिल्ली १ …………………………………….. उत्तर दाता

सेवा में,

मुख्य न्यायाधीश एवं उनके सहयोगी न्यायाधीश गण,

मैं, अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी पुत्र स्व बेनी माधव त्रिपाठी, अन्य के अतिरिक्त निम्नलिखित याचना करता हूँ,

1.   यह कि प्रधानमंत्री नमो १२५ करोड़ उपनिवेशवासियों की दासता  स्थाई रूप से १९ अप्रैल, २०१८ को एलिजाबेथ के चरणों में डाल आए हैं.

2.  यह कि ३० दिन बीत गए. किसी ने विरोध नहीं किया है. मैं ब्रिटिश दास एवं स्वतंत्र उपनिवेश की प्रजा नहीं रहना चाहता. ऐसा करना रासुका का उल्लंघन और  भादंसं की धारा १२१ के अंतर्गत फांसी का अपराध है. इसमें कानूनी अड़चन यह है कि मेरी फांसी बिना राष्ट्रपति या राज्यपाल के दंप्रसं की धारा १९६ के अंतर्गत संस्तुति के नहीं हो सकती.

ईसा की संस्कृति

3.  यह कि इंडिया, दैट वाज़ भारत, एलिजाबेथ का उपनिवेश है। आप लोगों सहित मैं भी उसी डायन का बलिपशु हूँ, जिसके जारज (जारज उसे कहते हैं, जिसके बाप का पता नहीं होता, यानी जो वैश्या की संतान होता है) ईसा के बाइबिल लूका नियम १९:२७ का हठधर्म है, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो|"

‌व

‌बाइबिल, यूहन्ना ६:५३ के अनुसार यीशु ने उन (ईसाइयों) से कहा; "`मैं तुम से सच सच कहता हूं जब तक मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लोहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।"

4.   यह कि बाइबिल के नियम पर न्यायमूर्ति गण सुनवाई नहीं कर सकते. (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४).

5.   यह कि राष्ट्रपति और राज्यपाल भारतीय संविधान और कानूनों के संरक्षण, पोषण व संवर्धन के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेदों १५९ व ६० के अंतर्गत शपथ द्वारा विवश कर दिए गए हैं|

‌और भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) ईसा के चेलों को अपनी संस्कृति को बनाए रखने का असीमित मौलिक मजहबी अधिकार देता है. यानी नमो १० करोड़ अमेरिकी रेड इंडियन और माया संस्कृति की भांति १२५ करोड़ काले इंडियन और सनातन संस्कृति को मिटाने के लिये एलिजाबेथ के चरणों मे डाल आए हैं.

6.  यह कि जिस इंडिया में १९४७ के पूर्व स्वतंत्रता के दीवाने गली गली में मिलते थे, आज मौत के भय से स्वतंत्र उपनिवेश का एक भी विरोधी नहीं है.

7.  यह कि विकास पुरुष नमो का यही सबका साथ सबका विकास है. अमेरिकी रेड इंडियन और माया संस्कृति की भांति, न्यायमूर्ति गण भी मिट जाएंगे. भादंसं की धारा १०२ से प्राप्त अधिकार से एलिजाबेथ जो भी वैदिक संस्कृति और उसके अनुयायियों को बचा सकता है, उसका वध करा कर, उसका मांस खा रही और लहू पी रही है। जब तक उपनिवेश रहेगा, ऐसे नरसंहार होते रहेंगे।

8.   यह कि इंडिया १८ जुलाई, १९४७ को ब्रिटिश संसद में स्वतंत्र उपनिवेश बना. मैं उपनिवेश विरोधी हूँ. राजीव दीक्षित की भांति मुझे मारने के लिये दलित राष्ट्रपति, उप्र राज्यपाल, उखं राज्यपाल और दिल्ली उप राज्यपाल लिप्त हैं. इनमें एक समानता है. सभी कानून से ऊपर हैं. सर्वोच्च न्यायालय भी इनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती.

9.   यह कि भारतीय संविधान ईसाइयत और इस्लाम को अल्पसंख्यक मानता है, जबकि दोनों विश्व की सबसे बड़ी व दूसरी सबसे बड़ी आबादी हैं और इनको अपने संस्कृति को बनाए रखने यानी सनातन संस्कृति को नष्ट करने का असीमित मौलिक मजहबी अधिकार देता है.

10.  यह कि हिंदू कभी अल्पसंख्यक नहीं हुआ. कश्मीर, नागालैंड और मिजोरम प्रमाण हैं.

11.  यह कि ऊपर मैंने जो कुछ लिखा है, रासुका का उल्लंघन और मृत्युदंड का अपराध है.

12.  यह कि न्यायमूर्ति गणों ने संविधान और कानूनों को बनाए रखने की शपथ ली है. फिर भी यदि आप लोगों मे से किसी मे साहस हो तो अपने शपथ का आदर करके मेरे विरुद्ध देश द्रोह का अभियोग चलवाने की आज्ञा दें.

प्रार्थना

मेरा मामला कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद के शपथ से अधिक आवश्यक है, जिसके लिए रात २ बजे अदालत लगी थी. आशा और आग्रह करता हूँ कि मानवता के हित में आप जजों में से कोई सनातन संस्कृति को बचाने के लिए अपने हितों का बलिदान करेगा.

अप्रति

या १९.५.१८


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