MUJ18W13Y PENSION JS




Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 24 Year 24 ISSUE 13Y,  Mar  23 - 29, 2018. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 7017886116 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com MUJ18W13Y PENSION JS

 ||श्री गणेशायेनमः||

 

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, दिल्ली के समक्ष।

याचना सं०              वर्ष २०१८

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी निवासी ७७ खेड़ाखुर्द, दिल्ली  ११००८२।   याची

बनाम

संघ सरकार द्वारा प्रमुख गृहसचिव, नार्थ ब्लॉक, दिल्ली ११०००१ उत्तर दाता

सेवा में,

माननीय आयुक्त एवं अन्य सदस्य गण,

मैं, अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, याची, अन्य के अतिरिक्त, निम्नलिखित याचना करता हूँ.

१.       यहकि प्रचलित संविधान और कानूनों के अनुसार मेरी फांसी अटल है। लेकिन एलिजाबेथ के स्वतंत्र उपनिवेश की तथाकथित गणतंत्र सरकार राजीव दीक्षित की भांति मेरी हत्या कर रही है, ताकि उपनिवेश वासी यह न जान पाएं कि वे दास थे, दास हैं और दास ही रहेंगे.

२.       यहकि मैं मूलतः गांव मुजहना तप्पा पड़खोरी परगना हवेली तहसील कप्तानगंज जिला कुशीनगर उत्तर प्रदेश का निवासी हूँ। मेरे पास खेती की भूमि है। गांव की कृषि भूमि और पैत्रिक निवास के बीच पूर्वोतर रेलवे के पिपराइच और महुअवा हाल्ट के बीच का फाटक सं० ८सी है. इसे रेलवे से कह कर उपनिवेश सरकार ने बंद करवा दिया है. मैं ही नहीं कई गांवों के लोग मेरे उपनिवेश विरोधी होने का दंड भुगत रहे हैं. परिवार के विरोध के कारण मैनें गांव छोड़ दिया है।

३.       यहकि वर्तमान में मैं ऋषिकेश में भिक्षा और दक्षिणा से जीवन यापन करता हूँ। यहाँ भी काबीना मंत्री सतपाल महाराज ने मेरे मंगल आश्रम पर कब्जा कर रखा है। मेरे उपनिवेश विरोधी होने के कारण आश्रम वासी भयभीत हैं और मुझे यहाँ से भगाना अन्यथा जान से मारना चाहते हैं।

४.       यह कि मेरी गोरखपुर और दिल्ली स्थित सभी संपत्तियों पर भूमाफिया उपनिवेश सरकार ने कब्जा कर रखा है. नीचे मात्र दो लिंक दे रहा हूँ. स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.

http://www.aryavrt.com/gnl-case

जिस क्षण मैं भूखंड पर पहुंचूंगा वीर बहादुर मुझे कत्ल कर देगा. वीर बहादुर खुलेआम कहता है कि वह सोनिया का आदमी है. शासन बदल गया, लेकिन मैं भूखंड न पा सका. जनसुनवाई 40018817015237 के उत्तर से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी. संलग्नक स० ज१ देखें. भूमाफिया राज्यपाल और जज मुझे गुमनामी में कत्ल करने हेतु वीर बहादुर को संरक्षण दे रहे हैं..

http://www.aryavrt.com/kl_gali-bdo_lg-16d08

५.       यहकि मुझे तिहाड़ जेल में सन २००१ मे जहर दिया गया था। गोमूत्र के सेवन से अबतक जीवित हूँ।

६.       यहकि मै लकवा ग्रस्त हो गया हूँ. लोकसेवक हूँ. सरकार मुझे पेंशन नहीं दे रही है। मेरा जीवन कुछ दिनों तक ही है। मैं उप्र सरकार का अंतिम पत्र संलग्न कर रहा हूँ। प्राधिकरण का मेरे पक्ष मे निर्णय है। मुझे नौकरी से निकाला नहीं गया है. फिर भी नवम्बर २००० से ही उप्र ने मुझे पेंशन देने से इंकार कर दिया है. http://www.aryavrt.com/pension-go89701

७.       यह कि १८ जुलाई, १९४७ को इंडिया ब्रिटिश संसद मे २ स्वतंत्र उपनिवेश बना। स्वतंत्र कब हुआ? स्वतंत्र उपनिवेश का मतलब क्या है?

८.       यह कि सभी ब्रिटिश कानून जस के तस क्यों लागू हैं?

९.       यह कि बाइबिल का हठधर्म है, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो|" (बाइबल, लूका १९:२७). यीशु ने उन से कहा; "`मैं तुम से सच सच कहता हूं जब तक मनुष्य के पुत्र का मांस न खाओ, और उसका लोहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं।" बाइबिल, यूहन्ना ६:५३

१०.   यह कि गो-नर भक्षी ईसाई विश्व की सबसे बड़ी आबादी हैं। इन्हें लोकतंत्र समर्थक व अल्पसंख्यक स्वीकार करने का क्या आधार है?

११.   यह कि पंथनिरपेक्ष, सहिष्णु और साम्प्रदायिक सद्भाववादी इस्लाम के कुरान ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है. धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है. (कुरान ८:३९) काफ़िर को कत्ल करना व दार उल हर्ब धरती को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का मजहबी और संवैधानिक अधिकार है. अनुच्छेद २९(१). काफ़िर को कत्ल करने व दार उल हर्ब धरती को दार उल इस्लाम में बदलने के लिए ईसाईयों व मुसलमानों को, भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) के अधीन, राष्ट्रपति, राज्यपाल व जज, असीमित मौलिक मजहबी अधिकार स्वीकार के लिए विवश हैं. (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). चुनाव द्वारा भी इनमें कोई परिवर्तन सम्भव नहीं| मुसलमान काफिरों की हत्या करने से स्वर्ग पाएंगे|

१२.   यह कि स्वतंत्र उपनिवेश की मल्लिका एलिजाबेथ है, जो अर्मागेद्दन द्वारा धरती पर केवल ईसा की पूजा करवाने का संवैधानिक अधिकार रखती है और सफलता पूर्वक अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है. जज बाइबिल के विरुद्ध सुनवाई नहीं कर सकते.

१३.   यह कि जयचंद, मीरजाफर और गांधी की भांति अपने क्षणिक लाभ हेतु सभी, आपस में लड़ कर सनातन धर्म को मिटा रहे हैं। उपनिवेश की मल्लिका एलिजाबेथ, जो बाइबिल और संविधान से प्राप्त अधिकार से सनातन धर्म नष्ट कर रही है, का विरोधी कोई नहीं है। जिसने भी विरोध किया राजीव दीक्षित की भांति गुमनाम नष्ट किया गया.

यह कि मैं यह याचना लोगों को बताने के लिए कर रहा हूँ कि स्वतंत्र उपनिवेश का कोई विरोध नहीं कर सकता. मानवजाति नष्ट हो जाएगी.

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (याची)

 

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