Muj18w12y CMUP YOGIJI




Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 24 Year 24 ISSUE 12Y,  Mar  16 - 22, 2018. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 7017886116 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj18w12y CMUP YOGIJI

 ||श्री गणेशायेनमः||

नववर्ष और नवरात्रि की शुभ कामनाओं के साथ...

योगी जी स्वतन्त्र मुख्यमंत्री हैं या मुखौटा?????

ये यक्ष प्रश्न काफी दिनों से चर्चा में है।

यह कहना कि प्रदेश का शासन संगठन मंत्री सुनील बंसल और मोदी जी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्र के हाथ में है, वरिष्ठ अधिकारी सीधा उन्हें ही रिपोर्टिंग करते हैं. कई अधिकारियो को योगी जी चाहकर भी हटा नही पाए,न पसन्दीदा अधिकारी तैनात कर पाए! सरासर झूठ है।

मुखौटा केवल योगी जी ही नहीं, एडविना के वैश्यालय तथाकथित राष्ट्रपति भवन निवासी दलित तथाकथित कानूनविद कोविंद, सभी राज्यपाल, अमित शाह, सुनील बंसल, सभी जज और नमो भी हैं। उपनिवेश का शासन उपनिवेश की मल्लिका एलिजाबेथ के हाथ में है। विश्वास नहीं हो तो राज्यपाल नरायण दत्त तिवारी और जज शमित मुखर्जी का हाल देखें।

लेकिन जो भी उपरोक्त तथ्य उजागर करने का प्रयत्न करता है, राजीव दीक्षित की भांति नष्ट कर दिया जाता है।

देश एलिजाबेथ का स्वतंत्र उपनिवेश है। स्वतंत्र उपनिवेश का विरोध मृत्युदंड का अपराध है, जिसका नियंत्रण मुखौटों राष्ट्रपति/राज्यपालों के पास है। नमो ने सत्ता के हस्तांतरण की पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए हैं. यानी नमो भी मुखौटे ही हैं।

स्वतंत्र उपनिवेश की मल्लिका एलिजाबेथ है, जो अर्मागेद्दन द्वारा धरती पर केवल ईसा की पूजा करवाने का संवैधानिक अधिकार रखती है और सफलता पूर्वक अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही है. जज बाइबिल के विरुद्ध सुनवाई नहीं कर सकते.

अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान, जिसने राज्यपालों, जजों व लोकसेवकों के पद, प्रभुता और पेट को वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश से जोड़ दिया है, का संकलन कर जिन अनुच्छेदों २९(१), ३९(ग), ६० व १५९ और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ व १९७ द्वारा अब्रह्मीसंस्कृतियों को उनकी  हत्या, लूट और बलात्कार की संस्कृतियों को बनाये रखने का असीमित मौलिक मजहबी अधिकार देकर इंडिया में रोका है और विकल्पहीन दया के पात्र जजों, सांसदों, विधायकों और लोक सेवकों ने जिस भारतीय संविधान में आस्था व निष्ठा की शपथ ली है (भारतीय संविधान, तीसरी अनुसूची), उन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया| लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ये संस्कृतियां आज तक विफल नहीं हुईं|

जयचंद, मीरजाफर और गांधी की भांति अपने क्षणिक लाभ हेतु सभी, आपस में लड़ कर सनातन धर्म को मिटा रहे हैं। उपनिवेश की मल्लिका एलिजाबेथ, जो बाइबिल और संविधान से प्राप्त अधिकार से सनातन धर्म नष्ट कर रही है, का विरोधी कोई नहीं है।

मेरे मामलों मे योगी जी नियमानुसार कार्रवाई करें। ईश्वर की कृपा हुई तो बाबरी ढांचे की तरह एलिजाबेथ का औपनिवेशिक ढांचा ध्वस्त हो जाएगा. वह भी चार घंटे में!

अतः अपनों से लड़ना छोड़ें. स्वतंत्र उपनिवेश से मुक्ति हेतु आर्यावर्त सरकार की सचिव अनु से +91 9810638142 पर आज ही सम्पर्क करें.

न नमो के पास कोई प्रशासनिक अधिकार है, न शाह के पास। सारा नियंत्रण एलिजाबेथ का है। सबकुछ स्वयं करती है और अपने गुप्तचरों द्वारा नेताओं को लड़ाती है।

जो लोग मेरे उपरोक्त टिप्पणी को गलत मानते हैं, वे मुझे फांसी दिलवाने का आंदोलन चलाएं। मैं उनका स्वागत करता हूँ।

 

अप्रति

१८.०३.२०१८

 

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