Muj18W11Y Sec121 IPC




Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 24 Year 24 ISSUE 11Y,  Mar 09 - 15👌, 2018. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 7017886116 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj18W11Y  Sec121 IPC

 

||श्री गणेशायेनमः||



प्रेषकः अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी,  (सूचना सचिव) , 

मंगल आश्रम, मुनि की रेती, टिहरी गढ़वाल, ऋषिकेश, 249137, उखं

  फोनः 9868324025 - 7017886116

Email aryavrt39@gmail.com

पत्रांकः MUR 18312y   दिनांक, 12.03.2018

विषय: भादंसं की धारा १२१ के अंतर्गत अभियोग चलाने की दंप्रसं की धारा १९६ के अंतर्गत संस्तुति न देने के संबंध मे.

महामहिम राज्यपाल महोदय उप्र सरकार, 

आप सर्वदा नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का आदेश दिया करते हैं. लेकिन नियम की धज्जियाँ उड़ाते हैं. मस्जिदों से मुसलमान ईशनिंदा करते हैं और काफिरोँ को कत्ल करने के खुत्बे देते हैं आप मुसलमानों के विरुद्ध अभियोग क्यों नहीं चलाते 

एलिजाबेथ के स्वतंत्र उपनिवेश का विरोध भादंसं की धारा १२१ के अंतर्गत मृत्युदंड का अपराध है और इसका नियंत्रण दंप्रसं की धारा १९६ के अंतर्गत एलिजाबेथ के प्रतिनिधि राज्यपालों यानी आप के पास है आप मुझे नियमानुसार अभियुक्त बनाने की संस्तुति क्यों नहीं दे रहे हैं

इंडिया एलिजाबेथ का स्वतंत्र उपनिवेश है इस तथ्य को छिपाए रखने हेतु सन १९४७ से ही हत्याएँ और लूट जारी हैं सन २०१० मे राजीव दीक्षित के बाद आप मेरी हत्या कराने के लिए विवश हैं.

साहस हो तो नियम का पालन करके दिखाएं.

क्या बताएंगे कि किस अधिकार से सत्ता के हस्तांतरण के संधि के पूर्व ही उपनिवेशवासियों के पूर्वजों के ९० वर्ष के बलिदानों के बदले मे १८ जुलाई, १९४७ को आक्रांता जारज षष्टम् ने शब्द उपनिवेश  (Dominion) के पूर्व शब्द स्वतंत्र (independent) जोड़ कर भारतीय (स्वतंत्र) उपनिवेश अधिनियम १९४७ बनाया 

उपनिवेश (कालोनी) किसी राज्य के बाहर की उस दूरस्थ बस्ती को कहते हैं, जहाँ उस राज्य की प्रजा निवास करती है

आप से फिर आग्रह करता हूँ कि उपनिवेशवासियों को स्वतंत्र उपनिवेश का अर्थ बताएं. 

सन १७५७ के प्लासी युद्ध में मीरजाफर ने मात्र एक बार १८००० सैनिकों से हथियार डलवाया था, गांधी ने आप, ईसाइयों और मुसलमानों सहित इंडिया और पाकिस्तान के सभी निवासियों का १९४७ से आज तक आत्मसमर्पण करा रखा है इतना ही नहीं स्वतंत्र उपनिवेश का विरोध भादंसं की धारा १२१ के अंतर्गत मृत्युदंड का अपराध है

आप स्वयं बताएँ कि बड़ा महात्मा, सत्यवादी, अहिंसा का पुजारी और ब्रह्मचारी मीरजाफर था या गांधी

संविधान के अनुच्छेद ३९ग से प्राप्त अधिकार से आप ने राजस्व अभिलेखों मे हेराफेरी कराकर मेरी सारी संपत्ति 

जनसुनवाई 40018817010024 और जनसुनवाई सं० 40018817015237 व हुतात्मा रामप्रसाद बिस्मिल का स्मारक लूट लिया. जनसुनवाई 40018817010025. 

१८ वर्षों से पेंशन नहीं दे रहे हैं. जनसुनवाई:40018818005089.

अब आप ने अपना पैंतरा बदल लिया है. मेरे पैतृक गांव मुजहना तप्पा पड़खोरी परगना हवेली तहसील कप्तानगंज जिला कुशीनगर उत्तर प्रदेश में मेरे पास खेती की भूमि है गांव की कृषि भूमि और पैत्रिक निवास के बीच रेलवे का फाटक है इसे रेलवे से मिल कर आप ने बंद करवा दिया है. मैं ही नहीं कई गांव के लोग मेरे उपनिवेश विरोधी होने का दंड भुगत रहे हैं.

कृपा करके मेरे अपराध का दंड गरीब और असहाय जनता को मत दीजिये. अपराध का दंड मुझे दीजिये.

मैं आप से अपने विरुद्ध अभियोग चलवाने की मांग कर चुका हूँ.

राजीव दीक्षित की भाँति मुझे गुमनामी मे न मारिए. अपनी संस्कृति और भावी पीढ़ी को बचा लीजिए.

प्रार्थना

तत्काल कार्रवाई कर मुझ को न्यायालय में पेश करें ताकि जज अविलंब डाक्टर से मेरा मानसिक परीक्षण करा सके 

भवदीय

अप्रति

१२.०३.२०१५



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