Muj18w09 Niymanusar




Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 24 Year 24 ISSUE 09Y, Feb 23 - Mar 01, 2018. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 7017886116 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj18W09Y Niymanusar 

 

||श्री गणेशायेनमः||


जनसुनवाई 40018818002934, 40018818004578 और 40018818006162

प्रेषकः अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी,  (सूचना सचिव) , 

मंगल आश्रम, मुनि की रेती, टिहरी गढ़वाल, ऋषिकेश, 249137, उखं

  फोनः 9868324025 - 7017886116

Email aryavrt39@gmail.com

पत्रांकः NODEL18304य   दिनांक, 04.03.2018

महामहिम राज्यपाल महोदय! 

इंडिया एलिजाबेथ का स्वतंत्र उपनिवेश है। इस तथ्य को छिपाए रखने हेतु सन १९४७ से ही हत्याएँ और लूट जारी हैं।

क्या बताएंगे कि किस अधिकार से सत्ता के हस्तांतरण के संधि के पूर्व ही उपनिवेशवासियों के पूर्वजों के ९० वर्ष के बलिदानों के बदले मे १८ जुलाई, १९४७ को आक्रांता जारज षष्टम् ने शब्द ‘उपनिवेश’ (Dominion) के पूर्व शब्द ‘स्वतंत्र’ (independent) जोड़ कर भारतीय (स्वतंत्र) उपनिवेश अधिनियम १९४७ बनाया? 

उपनिवेश (कालोनी) किसी राज्य के बाहर की उस दूरस्थ बस्ती को कहते हैं, जहाँ उस राज्य की प्रजा निवास करती है।

आप से आग्रह करता हूँ कि उपनिवेशवासियों को 'स्वतंत्र उपनिवेश' का अर्थ बताएं। एलिजाबेथ के स्वतंत्र उपनिवेश का विरोध भादंसं की धारा १२१ के अंतर्गत मृत्युदंड का अपराध है और इसका नियंत्रण दंप्रसं की धारा १९६ के अंतर्गत एलिजाबेथ के प्रतिनिधि राज्यपालों यानी आप के पास है। क्या आप मुझे नियमानुसार अभियुक्त बनाने की संस्तुति दे सकते हैं?

सन १७५७ के प्लासी युद्ध में मीरजाफर ने मात्र एक बार १८००० सैनिकों से हथियार डलवाया था, गांधी ने आप, ईसाइयों और मुसलमानों सहित इंडिया और पाकिस्तान के सभी निवासियों का १९४७ से आज तक आत्मसमर्पण करा रखा है।

आप स्वयं बताएँ कि बड़ा महात्मा, सत्यवादी, अहिंसा का पुजारी और ब्रह्मचारी मीरजाफर था या गांधी?

ईसाइयत और इस्लाम

उपनिवेश विरोधी होने के कारण एलिजाबेथ ने मेरी सारी  संपत्ति लूट ली है। मुझे सन २००० से पेंशन नहीं मिलती। आप दुहाई देते हैं, नियमानुसार की। लेकिन स्वयं नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। बपतिस्मा और अजान ईशनिंदा है।कमलेश तिवारी को आप ने रासुका मे निरुद्ध किया था। क्या किसी ईसाई या मुसलमान को ईशनिंदा के अपराध मे बंदी बना सकते हैं? एलिजाबेथ ने याचिका ९६७२/ १९८८ इलाहाबाद उच्च न्यायालय मे जज के बदले में भूमि देने के आदेश का ९ अगस्त, १९८९ से आज तक क्रियान्वयन नहीं होने दिया। राजस्व अभिलेखों से मेरा दो बार व हुतात्मा रामप्रसाद बिस्मिल का नाम गायब करवा दिया। मेरी भूमि खेसरा नं० ४६७मि रकबा २१० वर्ग मीटर पर सोनिया का भूमाफिया बैठा रखा है और जज ने मुझे सुने बिना १७ जनवरी, २०१२ को मामले का निस्तारण कर दिया है। आर्यावर्त सरकार के मुख्यालय के सभी गलियों और राजमार्ग पर अतिक्रमण करा रखा है। बलिवैश्वदेव ही मेरी जीविका का साधन है। अब मुझे मंगल आश्रम से भी निकालने के लिए रणनीति तैयार कर ली गई है।

हर हाल में एलिजाबेथ को, आप के संरक्षण में, अपना उपनिवेश बचाना है। मैं ही नहीं, ईसाई व मुसलमान सहित हर वह व्यक्ति नष्ट होगा, जो ईसा का दास नहीं है। 

मैं संस्कृतियों का युद्ध लड़ रहा हूँ। उपनिवेश मिटा कर ही सनातन धर्म बचाया जा सकता है। लेकिन लोगों को पता ही नहीं कि वे एलिजाबेथ के दास हैं। 

आप नियमानुसार दंप्रसं की धारा१९६ के अंतर्गत संस्तुति देकर भादंसं की धारा १२१ के अंतर्गत मेरे विरुद्ध अभियोग चलवाइए। शेष ईश्वर पर छौड़िएः

क्या आप के पास साहस है?

अप्रति



 

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