Muj17w42 Provisional Pension



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 22 Year 22 ISSUE 42, Oct 20-26, 2017. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj17W42 Provisional Pension

 ||श्री गणेशायेनमः||

कोर्ट ने निर्णय दिया, “साध्वी प्रज्ञा सिंह इस बात से इनकार नहीं कर सकती कि धमाकों के लिए इस्तेमाल बाइक से उनका संबन्ध है। कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान के मुताबिक भोपाल में हुई मीटिंग में साध्वी मौजूद थीं। उस मीटिंग में औरंगाबाद और मालेगांव में बढ़ रही जिहादी गतिविधियों और उन्हें रोकने पर चर्चा हुई। यहाँ तक कि मीटिंग में मौजूद सभी लोगों ने देश में तत्कालीन सरकार को गिराकर अपनी स्वतन्त्र सरकार बनाने की बात भी की थी।”
यानी जिहाद सहिष्णुता, सामाजिक सुरक्षा और भाईचारा लाता है। जिहाद का विरोध करने के कारण मैं हिंदू आतंकी हूँ। अतः मुझे फांसी दी जानी चाहिए।
इंडिया स्वतंत्र नहीं, एलिजाबेथ का स्वतंत्र उपनिवेश है। सनातन संस्कृति नष्ट करना एलिजाबेथ की संस्कृति है। उपनिवेश (कालोनी) किसी राज्य के बाहर की उस दूरस्थ बस्ती को कहते हैं, जहाँ उस राज्य की प्रजा निवास करती है।
बाइबिल की आज्ञा से लूका १९:२७ व यूहन्ना ६:५३ और भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से प्राप्त अधिकार से एलिजाबेथ जो भी वैदिक संस्कृति और उसके अनुयायियों को बचा सकता है, उसका वध करा कर उसका मांस खा रही और लहू पी रही है। जब तक उपनिवेश रहेगा, ऐसे नरसंहार होते रहेंगे।
स्वयं पर उपकार कीजिए। इंडिया को स्वतंत्र कहने से पहले एलिजाबेथ की उपनिवेश सरकार से जवाब मांगिये।
इंडिया स्वतंत्र नहीं, स्वतंत्र उपनिवेश है। उपनिवेश (कालोनी) किसी राज्य के बाहर की उस दूरस्थ बस्ती को कहते हैं, जहाँ उस राज्य की प्रजा निवास करती है।  सरकार उपनिवेश शब्द हटाने का वह अधिनियम दिखाए, जिसके द्वारा Indian Independence Act, 1947, के लिखित शब्दों, "Independent dominions" मे से शब्द,  'dominion' हटा।
‌मेरे लिए तो यह अत्यंत शर्मनाक दिन है। विशेष विवरण हेतु क्लिक करें,
http://www.aryavrt.com/bhartiya-swatantrta-adhiniyam-1947
यह देश ही गांधी, जिसकी पूजा करने के लिए उपनिवेशवासी विवश हैं, आक्रांता जार्ज षष्ठम् और मुसलमानों को सौंप गया। साथ मे मुसलमानों को अनशन कर ₹ ५५ करोड़ दक्षिणा दिला गया। भंड़ुए माउंटबेटन ने वैश्यालय (राष्ट्रपति भवन ) मे अपनी पत्नी वैश्या एडविना को नेहरू व जिन्ना को संविधान और पाकिस्तान बनवाने के लिये लगा दिया।
सरकार बताए कि जिहाद सहिष्णुता, सामाजिक सुरक्षा और भाईचारा कैसे लाता है?
अजान (ईशनिंदा) और खुत्बे (काफिर को कत्ल करने की शिक्षा देने) के स्थान मसजिद क्यों रहने दिऐ जाएं?
सरकार पुलिस सुरक्षा में अजान और खुत्बे क्यों करा रही है?
संविधान के अनुच्छेद २७ का उल्लंघन कर खजाने के धन से इमाम/मुअज्जिन को वेतन व हज अनुदान क्यों दिया जाता है?

सरकार चाहती है कि मैं आततायी अब्रह्मी संस्कृतियों का विरोध न करूं, अन्यथा मै असहिष्णु भगवा आतंकवादी हूँ।

मेरी सारी संपत्तियां सरकार ने लूट ली हैं और नवम्बर २००० से मुझे पेंशन भी नहीं मिल रही है। मेरे पास जीवन के अतिरिक्त खोने के लिए कुछ नहीं है।

क्या आप उपनिवेश, संविधान, कुरान और बाइबिल से मुक्ति पाने हेतु मुझे सहयोग देंगें?

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सू० स०) फोन: (+९१) ९८६८३२४०२५/७०१७८८६११६

०५/१०/२०१७

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PMOPG/E/2017/0541236 

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