Muj17W38 Jmant_bina Apradh



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 22 Year 22 ISSUE 38Y, Sep 22-28, 2017. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj17W38Y Jmant_bina Apradh

 ||श्री गणेशायेनमः||

जमानत जगत गुरु स्वामी अमृता नंद देवतीर्थ को...

मैं, अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, जगत गुरु स्वामी अमृता नंद देवतीर्थ, का सह अभियुक्त हूँ। 

http://www.aryavrt.com/Home/aryavrt-in-news

http://www.aryavrt.com/malegaon-notice-crpc160

इंडियन उपनिवेश के संविधान और भादंसं की धारा १२१ के अधीन ईसाइयत, बाइबिल, इसलाम, कुरान और संविधान के विरुद्ध टिप्पणी भी रासुका या मृत्यु का आमंत्रण है। जबकि सरकार इन आततायी संस्कृतियों का संरक्षण, पोषण और संवर्धन कर रही है।

अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान, जिसने राज्यपालों, जजों व लोकसेवकों की पद, प्रभुता और पेट को वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश से जोड़ दिया है, का संकलन कर जिन अनुच्छेदों २९(१), ३९(ग), ६० व १५९ और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ व १९७ द्वारा अब्रह्मी संस्कृतियों को उनकी हत्या, लूट और बलात्कार की संस्कृतियों को बनाये रखने का मौलिक अधिकार देकर इंडिया में रोका है और विकल्पहीन दया के पात्र जजों, सांसदों, विधायकों और लोक सेवकों ने जिस भारतीय संविधान में आस्था व निष्ठा की शपथ ली है (भारतीय संविधान, तीसरी अनुसूची), उन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया| लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ये संस्कृतियां आज तक विफल नहीं हुईं| इन्हीं अब्रह्मी संस्कृतियों को २०वीं सदी के मीरजाफर पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी ने वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए इंडिया में रखा है. विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

 http://www.aryavrt.com/astitv-ka-snkt

यदि ये संस्कृतियां रहेंगी तो अमेरिकी लाल भारतीयों और माया संस्कृति की भांति सनातन मिटा दिया जाएगा।

६ दिसंबर, १९९२ को मैनें बाबरी ढांचा गिरवाया है।  देखें लिंक,

http://www.aryavrt.com/babri-affidavits

मैं पंथनिरपेक्ष पूजा, "केवल अल्लाह पूज्य है" नामक अजान, खुत्बे और उपनिवेश का विरोधी हूँ। ब्रिटिश का बलिपशु नहीं रहना चाहता, जो भादंसं की धारा १२१ के अधीन मृत्युदंड का अपराध है। लेकिन इस अपराध का संज्ञान, दंप्रसं की धारा १९६ के अधीन, केवल राष्ट्रपति या राज्यपाल ले सकते हैं।

एलिजाबेथ मानवमात्र को धोखा दे रही है। मानवजाति का अस्तित्व संकट में है।
३० जून, २०१७ तक भारतीय संविधान में १२२ संशोधन हो चुके हैं. २०वीं सदी के मीरजाफर सदाबहार झूठे, पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी ने कोई आजादी नहीं दिलाई. हमारे पूर्वजों के ९० वर्षों के बलिदानों की परिणति है, उपनिवेश के पूर्व शब्द ‘स्वतंत्र’ का जोड़ा जाना. इंडियन उपनिवेशवासियों के पूर्वजों के ९० वर्षों के स्वातन्त्रय युद्ध का गांधी ने देश के बैरिस्टरों से मिल कर अपहरण कर लिया.
सन २००० से कोई राज्यपाल या राष्ट्रपति मुझे फांसी न दिला सका। न ही किसी मुअज्जिन/ईमाम पर अभियोग चलवा सका।
मेरे अपराध सिद्ध हैं और मालेगाँव का अभियुक्त भी हूँ। ७० वर्षों से एलीज़ाबेथ मुझे धोखा दे रही है। खुलकर सामने आए और बताए कि इंडिया उसका उपनिवेश है और उसे सनातन धर्म और उसके अनुयायियों को नष्ट करना है। मुझे मृत्युदंड दे दे। 
अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सू० स०) फोन: (+९१) ९८६८३२४०२५/९१५२५७९०४१

२३/०९/२०१७

Registration Number is : PMOPG/E/2017/0522334 

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