Muj17W37 Sahme Sant



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 22 Year 22 ISSUE 37, Sept 15-21, 2017. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj17W37 Sahme Sant

 ||श्री गणेशायेनमः||


 ‌एलिजाबेथ पर अभियोग चलाएं।

एक ओर नाबालिग सुप्रिया पुत्री कर्मवीर के साथ कथित यौन अपराध के आरोप में आशाराम बापू ३१ अगस्त, २०१३ से जेल में बंद हैं। आज तक आरोप सिद्ध नहीं किया जा सका है। दूसरी तरफ माउंटबेटन, एडविना, गांधी, नेहरू और जिन्ना के यौन अपराध जगजाहिर हैं। जिनका भयादोहन करके माउंटबेटन ने अपराध संहिता बाइबिल के हठधर्मिता के बलपर लाखों लोगों का नरसंहार, नारियों का बलात्कार और ४ करोड़ से अधिक लोगों का विस्थापन कराया।
इंडिया स्वतंत्र नहीं, स्वतंत्र उपनिवेश है। उपनिवेश (कालोनी) किसी राज्य के बाहर की उस दूरस्थ बस्ती को कहते हैं, जहाँ उस राज्य की प्रजा निवास करती है।
‌यदि नहीं मानते तो उपनिवेश शब्द हटाने का वह अधिनियम दिखाइए, जिसके द्वारा Indian Independence Act, 1947, के लिखित शब्दों, "Independent dominions" मे से शब्द,  'dominion' हटा।
‌मेरे लिए तो यह अत्यंत शर्मनाक दिन है। विशेष विवरण हेतु क्लिक करें,
http://www.aryavrt.com/bhartiya-swatantrta-adhiniyam-1947
यह देश ही गांधी, जिसकी पूजा करने के लिए उपनिवेशवासी विवश हैं, आक्रांता जार्ज षष्ठम् और मुसलमानों को सौंप गया। साथ मे मुसलमानों को अनशन कर ₹ ५५ करोड़ दक्षिणा दिला गया। भंड़ुए माउंटबेटन ने वैश्यालय (राष्ट्रपति भवन ) मे अपनी पत्नी एडविना को नेहरू व जिन्ना को संविधान बनवाने और पाकिस्तान बनवाने के लिये लगा दिया।
संविधान का अनुच्छेद २९(१) ईसाई व मुसलमान सहित किसी मनुष्य को जीने का अधिकार नहीं देता और ३९(ग) सम्पत्ति और उत्पादन का साधन रखने का अधिकार नहीं देता।
‌कुछ लोग कहते हैं कि संविधान के लागू होने के बाद इंडिया उपनिवेश नहीं रहा। मैं अनर्गल प्रलाप करता हूँ, जबकि संविधान के अनुच्छेद ६ बी मे उपनिवेश शब्द का उल्लेख आज भी है। लेकिन संविधान मे ही वह अनुच्छेद दिखाएं जिसमें 'उपनिवेश' निरस्त किया गया हो। उपनिवेश वासियों के पूर्वजों ने स्वतंत्रता हेतु बलिदान दिए हैं। अतएव उपनिवेश शब्द को निरस्त किया जाना प्राथमिकता थी, लेकिन यद्यपि ३० जून,२०१७ तक संविधान मे १२२ संशोधन होचुके, तथापि उपनिवेश शब्द आज तक क्यों नहीं हटा?
‌यह सच है कि मैं अत्यधिक शोर मचा रहा हूं। लेकिन मैं पिछले ७० वर्षों मे अकेला शोर मचाने वाला हूँ। फिर भी यदि मैं गलत कर रहा हूँ, तो मैं भादंसं की धारा१२१ का अपराध कर रहा हूँ। अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह कर मुझे फांसी दिलाइए।
‌बारम्बार independence लिख कर आप स्वयं को महामूर्ख सिद्ध करने पर क्यों उतारू हैं?
‌गांधी जो ब्रम्हचर्य का प्रयोग कर के चला गया और भंड़ुआ माउंटबेटन, एडविना, नेहरू और जिन्ना जो कर गए, उसका परिणाम तो हम उपनिवेशवासी आजतक भुगत रहे हैं। अब आप लोग क्या  चाहते हैं? 
‌वस्तुतः संविधान का संकलन कर मानव जाति के विलुप्ति का मार्ग बना दिया गया है। एलिजाबेथ, जिसके उपनिवेश मे उपनिवेशवासी रह रहे हैं, को तो बाइबिल की आज्ञा (लूका १९:२७ व यूहन्ना ६:५३) और भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से प्राप्त असीमित मौलिक मजहबी अधिकार से, उपनिवेश वासियों को कत्ल कर उनका मांस खाना व लहू पीना है। अनुच्छेद३९(ग) के अधिकार से उपनिवेश वासियों को संपत्ति व उत्पादन के साधन रखने से वंचित करना है।
सनातन धर्म की आधार शिलाएं गौ, गुरुकुल गायत्री नष्ट कर दी गई हैं. अमेरिका के लाल भारतीय और उनकी माया संस्कृति के बाद सनातन संस्कृति ही बचा है. आप का सर्वनाश आसन्न है। आत्मरक्षा कीजिए, यह आप का धर्म और भादंसं की धारा १०२ से प्राप्त अधिकार है।

अपने बारे मे सोचें। कैसे अपना जीवन, धन और नारी बचाएंगे?
जनहित में जारी...
अप्रति

21/09/2017

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