Muj17w35 Sahme Sant



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 22 Year 22 ISSUE 36, Sept 08-14, 2017. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj17W36 Mission aur Jihad 

 ||श्री गणेशायेनमः||


बलिपशु

महामहिम श्री रामनाथ कोविंद जी!

अपने पिछले संस्करण मे मैंने आप को आप के सर्वनाश कर्ता ब्रिटिश साम्राज्य के बारे में लिखा था। आज भी आप उसी साम्राज्य के हितों के रक्षार्थ, संविधान के अनुच्छेद ६० के अधीन, शपथ लेकर सत्तारूढ़ हैं। सोचिये!,

क्या आप उपनिवेश का विरोध कर सकते हैं?

क्या आप गो हत्या बंद कर सकते हैं?

क्या आप मस्जिद व अजान बंद करा सकते हैं?

क्या आप गुरुकुल पुनर्जीवित करा सकते हैं?

क्या आप संविधान के अनुच्छेद २९(१) और / या ३९(ग) बदलवा सकते हैं?

मैं उपनिवेश विरोधी हूँ और ब्रिटिश का बलिपशु नहीं रहना चाहता, जो भादंसं की धारा १२१ के अधीन मृत्युदंड का अपराध है। लेकिन इस अपराध का संज्ञान, दंप्रसं की धारा १९६ के अधीन, केवल आप या राज्यपाल ले सकते हैं।
एलिजाबेथ मानवमात्र को धोखा दे रही है। मानवजाति का अस्तित्व संकट में है।
३० जून, २०१७ तक भारतीय संविधान में १२२ संशोधन हो चुके हैं. २०वीं सदी के मीरजाफर सदाबहार झूठे, पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी ने कोई आजादी नहीं दिलाई. हमारे पूर्वजों के ९० वर्षों के बलिदानों की परिणति है, उपनिवेश के पूर्व शब्द ‘स्वतंत्र’ का जोड़ा जाना. इंडियन उपनिवेशवासियों के पूर्वजों के ९० वर्षों के स्वातन्त्रय युद्ध का गांधी ने देश के बैरिस्टरों से मिल कर अपहरण कर लिया.
सन २००० से कोई राज्यपाल या राष्ट्रपति मुझे फांसी न दिला सका। न ही किसी मुअज्जिन/ईमाम पर अभियोग चलवा सका।

क्या आप दलित अम्बेडकर के सपनों को साकार करने हेतु आर्यावर्त सरकार की सहायता करेंगे?

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सू० स०) फोन: (+९१) ९८६८३२४०२५/९१५२५७९०४१

२४/०८/२०१७

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