Muj17W34 Balipashu Rashtrapati



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 22 Year 22 ISSUE 34, Aug 25-31, 2017. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj17W34 Balipashu Rashtrapati 

 ||श्री गणेशायेनमः||

दाता को दलित किसने बनाया?

महामहिम श्री रामनाथ कोविंद जी!

एलिजाबेथ ने भारतीय संविधान के अनु३९(ग) का आदर करते हुए अनु३१ मिटाया. जमीदारी, सोना, ₹, सहारा लूटा. टाटा व रिलायंस आदि लुटेंगे. थोमस मुनरो (Thomas Munro) ने मद्रास रेजीडेंसी में साक्षरता जानने के लिए १८२३ में सर्वे किया था, उसने लिखा कि यहाँ १००% साक्षरता है.

जो दलित और पिछड़ा समाज शिक्षक ब्राह्मणों का भिक्षा देकर भरण पोषण करता था और बदले में जो ब्राह्मण तथाकथित दलित समाज की संतति को सम्प्रभु बनाता था, आज वही दलित और पिछड़ा समाज ब्राह्मणों का शत्रु बन गया है. लेकिन, ब्रिटिश राज्य, जिसने, Indian Education Act, 1858, बना कर, उनके सम्प्रभु बनाने वाले गुरुकुलों को नष्ट कर, उनकी सकल सम्पदा लूट कर और प्रताड़ित कर और उनके देश को स्वतंत्र उपनिवेश बनाकर उन्हें निरक्षर और बलिपशु बना लिया है, उनके विरुद्ध वे कुछ नहीं बोल सकते! सीधे जेल चले जायेंगे. 

अम्बेडकर भारतीय संविधान जलाना चाहते थे

विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/ghatak-bhartiya-smvidhan

भारतीय संविधान के संकलन सभा के अध्यक्ष अम्बेडकर ने २ सितम्बर, १९५३ को राज्य सभा में कहा, "भारतीय संविधान मेरी इच्छा के विरुद्ध, मुझसे लिखवाया गया| ... अतएव इस संविधान को आग लगाने की जिस दिन जरूरत पड़ेगी, मैं पहला व्यक्ति रहूंगा जो इसे आग लगाउॅंगा। ... भारतीय संविधान किसी का भला नहीं करता|" अम्बेडकर का उपरोक्त वक्तव्य राज्य सभा की कार्यवाही का हिस्सा है; जिसे कोई भी पढ़ सकता है|

दलित अपने असली शत्रु को पहचानें. सवर्ण उनकी नारियों का बलात्कार नहीं करेंगे. उनके घर नहीं लूटेंगे. न उनका नरसंहार करेंगे.

ठीक इनके विपरीत भारतीय संविधान ईसाईयों व मुसलमानों को दलितों को मिटाने का अधिकार देता है.

जब तक बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान का महिमामंडन होगा और देश उपनिवेश रहेगा मनुष्य तिल तिल कर मिटते रहेंगे.

क्या दलित अम्बेडकर के सपनों को साकार करने हेतु आर्यावर्त सरकार की सहायता करेंगे?

आशा करता हूँ कि आप अपने द्वारा लिए गए शपथ को अवश्य जानते होंगे। आप की नियुक्ति भारतीय संविधान एवं क़ानूनों को संरक्षण, पोषण एवं संवर्धन देने के लिए हुई है। इस प्रकार आप को किसी शत्रु की आवश्यकता नहीं है और न ही मुझे श्राप देने की आवश्यकता है। 

इंडिया एलीज़ाबेथ का उपनिवेश है। जो कोई उपनिवेश से देश को मुक्त करने का प्रयत्न करे, उसे आप फांसी दिलाने के लिए विवश हैं.

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सू० स०) फोन: (+९१) ९८६८३२४०२५/९१५२५७९०४१

२२/०८/२०१७

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