Muj17W26y Gau Gandhi



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 22 Year 22 ISSUE 26Y, Jun 30 – Jul 06, 2017. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj17W26y Gau Gandhi

 ||श्री गणेशायनमः||

गौ और गांधी

२००१ में तिहाड़ जेल में मुझे जहर दिया गया था. तब मुझे वैद्य ने देशी गौ का गोमूत्र और दूध सेवन की सलाह दी. तब से आजतक मैं देशी गौ के दूध और गौ मूत्र पर जीवित हूँ.

२०१० में मैंने दिल्ली छोड़ दिया और गीता भवन में रहने लगा. जब भवन से गौशाला हटी, तो मैं अवधूत बाड़ा आ गया. यहाँ जर्सी गौ का दूध ही मिलता था. लगभग १० महीने जर्सी का दूध पीने के बाद मुझे उच्च रक्तचाप, पथरी और आँखों की बीमारी हो गई. तब मुझे अपने लिये देशी गौ का प्रबंध करना पड़ा. क्यों कि जर्सी गौ का दूध वैद्य जी ने जहर बताया.

२०वीं सदी के मीरजाफर पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी ने देश को धोखा दिया. देश के लोगों ने गांधी पर विश्वास किया. विवरण के लिए नीचे पढ़ें :-  

15 अगस्त 1947 को भारत के आजाद होने पर देश के कोने - कोने से लाखों पत्र और तार प्रायः सभी जागरूक व्यक्तियों तथा सार्वजनिक संस्थाओं द्वारा भारतीय संविधान परिषद के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के माध्यम से गांधी जी को भेजे गये जिसमें उन्होंने मांग की थी कि अब देश स्वतन्त्र हो गया हैं अतः गौहत्या को बन्द करा दो| तब गांधी जी ने कहा कि -

" राजेन्द्र बाबू ने मुझको बताया कि उनके यहाँ करीब 50 हजार पोस्ट कार्ड , 25 - 30 हजार पत्र और कई हजार तार आ गये हैं| हिन्दुस्तान में गौ - हत्या रोकने का कोई कानून बन ही नहीं सकता| इसका मतलब तो जो हिन्दू नहीं हैं , उनके साथ जबरदस्ती करना होगा . . . . . . जो आदमी अपने आप गौकुशी नहीं रोकना चाहते , उनके साथ मैं कैसे जबरदस्ती करूँ कि वह ऐसा करें| इसलिए मैं तो यह कहूँगा कि तार और पत्र भेजने का सिलसिला बन्द होना चाहिये इतना पैसा इन पर फैंक देना मुनासिब नहीं हैं| मैं तो अपनी मार्फत सारे हिन्दुस्तान को यह सुनाना चाहता हूँ कि वे सब तार और पत्र भेजना बन्द कर दें| भारतीय यूनियन कांग्रेस में मुसलमान , ईसाई आदि सभी लोग रहते हैं| अतः मैं तो यही सलाह दूँगा कि विधान - परिषद् पर इसके लिये जोर न डाला जाये| " ( पुस्तक - ' धर्मपालन ' भाग - दो , प्रकाशक - सस्ता साहित्य मंडल , नई दिल्ली , पृष्ठ - 135 )

गौहत्या पर कानूनी प्रतिबन्ध को अनुचित बताते हुए इसी आशय के विचार गांधी जी ने प्रार्थना सभा में दिये

" हिन्दुस्तान में गौ-हत्या रोकने का कोई कानून बन ही नहीं सकता| इसका मतलब तो जो हिन्दू नहीं हैं उनके साथ जबरदस्ती करना होगा| " - ' प्रार्थना सभा ' ( 25 जुलाई 1947 )

हिन्दुस्तान ( 26 जुलाई 1947 ) , हरिजन एवं हरिजन सेवक ( 26 जुलाई 1947 )

अपनी 4 नवम्बर 1947 की प्रार्थना सभा में गांधी जी ने फिर कहा कि -

" भारत कोई हिन्दू धार्मिक राज्य नहीं हैं , इसलिए हिन्दुओं के धर्म को दूसरों पर जबरदस्ती नहीं थोपा जा सकता| मैं गौ सेवा में पूरा विश्वास रखता हूँ , परन्तु उसे कानून द्वारा बन्द नहीं किया जा सकता| "

गौ, गुरूकुल और गायत्री सनातन धर्म की आधार शिलाएं हैं. तीनों ही नष्ट कर दी गई हैं. हम चाहे हिंदू, मुसलमान या ईसाई जो भी हों, जीवित नहीं बचेंगे.

(दिल्ली डायरी , पृष्ठ 134 से 140 तक)

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी

 

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