Muj17W20Y DATA DALIT



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 22 Year 22 ISSUE 20Y, May 20-26, 2017. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj17W20Y DATA DALIT

 ||श्री गणेशायेनमः||

||श्री गणेशायनमः||

दाता को दलित किसने बनाया?

नमो जी को नमोनारायण,

एलिजाबेथ ने भारतीय संविधान के अनु३९(ग) का आदर करते हुए अनु३१ मिटाया. जमीदारी, सोना, ₹, सहारा लूटा. टाटा व रिलायंस आदि लुटेंगे. थोमस मुनरो (Thomas Munro) ने मद्रास रेजीडेंसी में साक्षरता जानने के लिए १८२३ में सर्वे किया था, उसने लिखा कि यहाँ १००% साक्षरता है.

जो दलित और पिछड़ा समाज शिक्षक ब्राह्मणों का भिक्षा देकर भरण पोषण करता था और बदले में जो ब्राह्मण तथाकथित दलित समाज की संतति को सम्प्रभु बनाता था, आज वही दलित और पिछड़ा समाज ब्राह्मणों का शत्रु बन गया है. लेकिन जिन लोगों ने उनके सम्प्रभु बनाने वाले गुरुकुलों को नष्ट कर, उनकी सकल सम्पदा लूट कर और प्रताड़ित कर उन्हें दास बना लिया है, उनके विरुद्ध वे कुछ नहीं बोल सकते! सीधे जेल चले जायेंगे.

अम्बेडकर भारतीय संविधान जलाना चाहते थे

विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/ghatak-bhartiya-smvidhan

भारतीय संविधान के संकलन सभा के अध्यक्ष अम्बेडकर ने २ सितम्बर, १९५३ को राज्य सभा में कहा, "भारतीय संविधान मेरी इच्छा के विरुद्ध, मुझसे लिखवाया गया| ... अतएव इस संविधान को आग लगाने की जिस दिन जरूरत पड़ेगी, मैं पहला व्यक्ति रहूंगा जो इसे आग लगाउॅंगा। ... भारतीय संविधान किसी का भला नहीं करता|" अम्बेडकर का उपरोक्त वक्तव्य राज्य सभा की कार्यवाही का हिस्सा है; जिसे कोई भी पढ़ सकता है|

दलित अपने असली शत्रु को पहचानें. सवर्ण उनकी नारियों का बलात्कार नहीं करेंगे. उनके घर नहीं लूटेंगे. न उनका नरसंहार करेंगे.

ठीक इनके विपरीत भारतीय संविधान ईसाईयों व मुसलमानों को दलितों को मिटाने का अधिकार देता है.

जब तक बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान का महिमामंडन होगा, मनुष्य तिल तिल कर मिटते रहेंगे.

क्या दलित अम्बेडकर के सपनों को साकार करने हेतु आर्यावर्त सरकार की सहायता करेंगे?

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सू० स०) फोन: (+९१) ९८६८३२४०२५/९१५२५७९०४१

१२/०५/१७

Registration Number is : PMOPG/E/2017/0276743

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एलिजाबेथ के उपनिवेश सरकार का जवाब नीचे है

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Grievance Status

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Status as on 01 Aug 2017
Registration Number:PMOPG/E/2017/0276743
Name Of Complainant:Ayodhya Prasad Tripathi
Date of Receipt:12 May 2017
Received by:Prime Ministers Office
Forwarded to:Prime Ministers Office
Officer name:Shri Ambuj Sharma
Officer Designation:Under Secretary (Public)
Contact Address:Public Wing
5th Floor, Rail Bhawan
New Delhi110011
Contact Number:011-23386447
e-mail:ambuj.sharma38@nic.in
Grievance Description:श्री गणेशायनमः दाता को दलित किसने बनाया? नमो जी को नमोनारायण, एलिजाबेथ ने भारतीय संविधान के अनु३९(ग) का आदर करते हुए अनु३१ मिटाया. जमीदारी, सोना, ₹, सहारा लूटा. टाटा व रिलायंस आदि लुटेंगे. थोमस मुनरो (Thomas Munro) ने मद्रास रेजीडेंसी में साक्षरता जानने के लिए १८२३ में सर्वे किया था, उसने लिखा कि यहाँ १००% साक्षरता है. जो दलित और पिछड़ा समाज शिक्षक ब्राह्मणों का भिक्षा देकर भरण पोषण करता था और बदले में जो ब्राह्मण तथाकथित दलित समाज की संतति को सम्प्रभु बनाता था, आज वही दलित और पिछड़ा समाज ब्राह्मणों का शत्रु बन गया है. लेकिन जिन लोगों ने उनके सम्प्रभु बनाने वाले गुरुकुलों को नष्ट कर, उनकी सकल सम्पदा लूट कर और प्रताड़ित कर उन्हें दास बना लिया है, उनके विरुद्ध वे कुछ नहीं बोल सकते सीधे जेल चले जायेंगे. अम्बेडकर भारतीय संविधान जलाना चाहते थे विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:- http://www.aryavrt.com/ghatak-bhartiya-smvidhan भारतीय संविधान के संकलन सभा के अध्यक्ष अम्बेडकर ने २ सितम्बर, १९५३ को राज्य सभा में कहा, "भारतीय संविधान मेरी इच्छा के विरुद्ध, मुझसे लिखवाया गया ... अतएव इस संविधान को आग लगाने की जिस दिन जरूरत पड़ेगी, मैं पहला व्यक्ति रहूंगा जो इसे आग लगाउॅंगा। ... भारतीय संविधान किसी का भला नहीं करता" अम्बेडकर का उपरोक्त वक्तव्य राज्य सभा की कार्यवाही का हिस्सा है; जिसे कोई भी पढ़ सकता है दलित अपने असली शत्रु को पहचानें. सवर्ण उनकी नारियों का बलात्कार नहीं करेंगे. उनके घर नहीं लूटेंगे. न उनका नरसंहार करेंगे. ठीक इनके विपरीत भारतीय संविधान ईसाईयों व मुसलमानों को दलितों को मिटाने का अधिकार देता है. जब तक बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान का महिमामंडन होगा, मनुष्य तिल तिल कर मिटते रहेंगे. क्या दलित अम्बेडकर के सपनों को साकार करने हेतु आर्यावर्त सरकार की सहायता करेंगे? अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सू० स०) फोन: (+९१) ९८६८३२४०२५/९१५२५७९०४१ १२/०५/१७
Current Status:Closed (NO ACTION REQUIRED)
Date of Action:12 May 2017
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