Muj17W14Y AZAANvSURYANAMASKAR



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 22 Year 22 ISSUE 14Y, Mar 31-Apr 06, 2017. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj17W14Y AZAANvSURYANAMASKAR 

||श्री गणेशायेनमः||

अज़ान बनाम सूर्य नमस्कार

योगीजी आप ने हमें बताया है कि अज़ान और सूर्य नमस्कार एक ही है. सचमुच? क्या आप का यही दृढ़ विश्वास है कि हम सबसे बड़े असभ्य और जातिवादी काफ़िर हैं? क्या हम या हमारे पुजारी मन्दिरों से प्रसारण करते हैं कि मात्र ईश्वर की पूजा हो सकती है? क्या हमारे उत्साही भगवा आतंकी ईसाई व मुसलमान के विरुद्ध जिहाद करने के लिए कहते हैं? क्या हमारे उत्साही भगवा आतंकी कहते हैं कि अब्रह्मी संस्कृतियों को छोड़ दो, जजिया दो अन्यथा हम तुम्हें कत्ल कर देंगे? क्या हमारा सूर्य कहता है कि जो मुझे राजा स्वीकार न करे उसे उत्साही भगवा आतंकी कत्ल कर दें? (बाइबल, लूका १९:२७). आप बतायें कि कौन बिगाड़ रहा है सांप्रदायिक सद्भाव? जातिहिंसा तो अब्रह्मी संस्कृतियों के प्रसार का आधार है!

सन १९५० में भारतीय संविधान को थोपे जाने के बाद स्थिति और भयावह हो गई है| जिनके पास वैदिक सनातन धर्म के अनुयायियों के जान-माल की रक्षा का दायित्व है, उनको पद, प्रभुता और पेट के लोभ में वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए विवश कर दिया गया है|

वह राष्ट्रपति, राज्यपाल, जज अथवा लोकसेवक मूर्ख ही होगा, जो उपनिवेश, बपतिस्मा, अज़ान के विरुद्ध कार्यवाही कर, शमित मुखर्जी, गांगुली, स्वतंत्रकुमार, राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी आदि की भांति नौकरी गवांना चाहेगा... मीडिया सहित लोकसेवक का पेशा सत्य को नष्ट करना है. बिल्कुल झूठ कहना; समाज को दूषित करना और गालियां देना मीडिया, जज, राष्ट्रपति, राज्यपाल व लोकसेवकों की विवशता है. राज्यपाल पर्दे के पीछे शासकों (एलिजाबेथ) के लिए कार्य करने वाले मातहत और उपकरण हैं. ... बौद्धिक वेश्याएं हैं.

इस्लाम में मात्र काफ़िर होना या दार उल हर्ब में रहना ही जघन्य अपराध है. पंथनिरपेक्ष, सहिष्णु और साम्प्रदायिक सद्भाववादी इस्लाम के कुरान ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है| धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है| (कुरान ८:३९). काफ़िर को कत्ल करना (कुरआन ८:१७) व दार उल हर्ब धरती को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का जिहाद (भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से दिया गया काफिरों की हत्या करने का असीमित संवैधानिक मौलिक मजहबी अधिकार) है|

NIA का जज नमो के नियंत्रण में है. कोर्ट ने निर्णय दिया, “साध्वी प्रज्ञा सिंह इस बात से इनकार नहीं कर सकती कि धमाकों के लिए इस्तेमाल बाइक से उनका संबन्ध है। कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान के मुताबिक भोपाल में हुई मीटिंग में साध्वी मौजूद थीं। उस मीटिंग में औरंगाबाद और मालेगांव में बढ़ रही जिहादी गतिविधियों और उन्हें रोकने पर चर्चा हुई। यहाँ तक कि मीटिंग में मौजूद सभी लोगों ने देश में तत्कालीन सरकार को गिराकर अपनी स्वतन्त्र सरकार बनाने की बात भी की थी।

ईमाम, जो काफिरों के इष्टदेवों की ईशनिंदा करते हैं और मस्जिदों से मुसलमानों को काफिरों को कत्ल करने की शिक्षा देते हैं, के विरुद्ध तो २६ जनवरी, १९५० से आज तक राज्यपाल लोग अभियोग न चला पाए, लेकिन काफिरों के ईष्टदेवों के ईशनिंदक और  भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ के अधीन आत्मरक्षा में विरोध करने वाले रासुका में प्रताड़ित हो रहे हैं| अन्य कारणों के साथ इसलिए उपनिवेशवासी एलिजाबेथ के उपनिवेश से मुक्ति चाहते हैं.

वैदिक सनातन संस्कृति के रक्षार्थ मैंने पूर्व में भी याचिका भेजी थी. विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/azaan-aur-snvidhan

आप उपनिवेश के विरुद्ध नहीं लड़ सकते. लेकिन मुझे सहयोग दे सकते हैं.

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सू० स०) फोन: (+९१) ९८६८३२४०२५/९१५२५७९०४१

3/30/2017

Registration Number is : PMOPG/E/2017/0183044


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