Muj17W14AY CMYOGI



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 22 Year 22 ISSUE 14AY, Mar 31-Apr 06, 2017. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and Muj17W14AY CMYOGI 

||श्री गणेशायेनमः||

http://aajtak.intoday.in/video/top-news-till-morning-of-up-cm-yogi-adityanath-land-mafia-1-920892.html

योगी सरकार का एक और बड़ा फैसला.

यूपी में भू-माफिया के खिलाफ सीएम योगी की निगरानी में एंटी-भू माफिया टास्क फोर्स बनेगी. जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे.

मैं नीचे एक लिंक देता हूँ. मेरी भूमि राजस्वकर्मियों ने अभिलेखों में हेराफेरी करके भू माफिया एलिजाबेथ की उपनिवेश सरकार ने लूटी है. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने रिपोर्ट दिनांक २८-७-१९८९ में जालसाजी स्वीकार की है. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के आगे जज असहाय थे. अतः उन्होंने बदले में भूमि देने के लिये आदेश भी किया. तब से आजतक

मैं बदले की भूमि की मांग कर रहा हूँ. योगी के अंदर साहस हो, तो जज के आदेश का क्रियान्वयन ही करा दें.

http://www.aryavrt.com/nl-anne-1-3

पांडवों की भांति मैं अपनी ही २ अरब की सम्पत्ति से बेदखल हो कर योगी के प्रदेश उख के तीर्थ नगरी ऋषिकेश में भिक्षा मांग कर खाता हूँ.

अब ८४ वर्ष का हो चुका हूँ. अब सम्पत्ति मिल भी जाये, तो उसका उपभोग नहीं कर सकता. अतः सनातन धर्म रक्षार्थ, अपनी उपरोक्त सम्पत्ति गोरक्षनाथ पीठ को ट्वीट द्वारा दान करने की योगीजी को पेशकश कर चुका हूँ. क्या योगी जी में सनातन धर्म रक्षार्थ मेरी भूमि स्वीकार करने का साहस है?

मैं यह स्पष्ट कर देन चाहता हूँ, कि कानूनन मैंने वाद में राज्य सरकार को पक्षकार बनाया था. उसने प्रतिवाद कभी नहीं किया. अतः एकपक्षीय जीत मेरी हुई है. इसके अतिरिक्त जज के उपरोक्त आदेशों का तब से आजतक विरोध नहीं हुआ है. अतः भूमि मेरी है. विदित रहे कि मैंने जनहित में बननेवाले जलापूर्ति के निर्माण का कभी विरोध नहीं किया.

यहाँ संवैधानिक पेंच यह है. कि सरकार जान माल की रक्षा के लिए है, जान लेने और लूटने के लिए नहीं| लेकिन एलिजाबेथ की उपनिवेश सरकार ने भारतीय संविधान का संकलन कर उपनिवेशवासियों से जीने और सम्पत्ति के अधिकार छीन लिये हैं.

राजा अपने राज्य और प्रिवीपर्स नहीं बचा सके. मेरे पितामह अपनी जमींदारी नहीं बचा सके. बैंकर अपने बैंक नहीं बचा सके. खानों के मालिक अपनी खानें नहीं बचा सके. मैं अपनी २ अरब की सम्पत्ति व हुतात्मा रामप्रसाद बिस्मिल का ४ अरब का स्मारक न बचा सका और न लोकसेवक होते हुए पेंशन ही प्राप्त कर सका. और तो और सहारा श्री सुब्रत राय लम्बे अरसे से जेल में हैं. वह भी भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) से प्राप्त संरक्षण, पोषण व संवर्धन में! योगीजी अपना पूजास्थल, नारियाँ, जीवन, सम्पत्ति और पूँजी कैसे बचायेंगे? क्या योगीजी को लज्जा नहीं आती? क्या विरोध कर सकते हैं?

मैकाले को इंडिया में सन १८३५ तक एक भी चोर या भिखारी न मिला. १९४७ तक देश के खजाने में १५५ करोड़ रु० था. कोई विदेशी कर्ज न था. आज प्रति व्यक्ति ८२५६०/- रु० कर्जदार (मार्च २०१६ तक; ७० रु० प्रति डालर की दर से) है| और यह कर्ज तब है, जब भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) के अधिकार से लोक लूट तंत्र ने नागरिकों की जमीनें और जमींदारी लूटी|सोना लूटा| बैंक लूटे| पूँजी और उत्पादन के साधन लूटे|

२०वीं सदी के मीरजाफर सदाबहार झूठे, पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी ने कोई आजादी नहीं दिलाई. हमारे पूर्वजों के ९० वर्षों के बलिदानों की परिणति है, उपनिवेश के पूर्व शब्द स्वतंत्र का जोड़ा जाना. चुनाव द्वारा स्थितियों में कोई परिवर्तन सम्भव नहीं| आज़ादी धोखा है. इंडिया आज भी एलिजाबेथ का उपनिवेश और ब्रिटेन का दास है. आज भी सभी ब्रिटिश कानून ही देश पर लागू हैं.

यदि उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बन भी जाता है, तो भी वह रहेगा एलिजाबेथ का उपनिवेश ही. अतः योगीजी पहले उपनिवेश से मुक्ति लेने में मेरा सहयोग करें. अन्यथा उनका भी कर्नाटक के मुख्य मंत्री येद्दियुरप्पा जैसा हस्र होगा.

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सू० स०) फोन: (+९१) ९८६८३२४०२५/९१५२५७९०४१

 

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