Muj17W12 cmyogi



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 23 Year 23 ISSUE 12, Mar 17-23, 2017. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj17W12 cmyogi Dated:19/03/2017

 

||श्री गणेशायेनमः||

पत्रांक: PMOPG17318 दिनांक:१८/०३/१७

संप्रभु योगी जी के एलिजाबेथ के दास बनने की बधाई नहीं दे सकता।

मैं, अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, आर्यावर्त सरकार का संस्थापक और साध्वी प्रज्ञा का सहअभियुक्त हूँ. मैं हर उपनिवेशवासी से निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर जानना चाहता हूँ:-


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Government of India

Grievance Status

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Status as on 20 Mar 2017
Registration Number:PMOPG/E/2017/0010278
Name Of Complainant:Ayodhya Prasad Tripathi
Date of Receipt:05 Jan 2017
Received by:Prime Ministers Office
Forwarded to:Prime Ministers Office
Officer name:Shri Ambuj Sharma
Officer Designation:Under Secretary (Public)
Contact Address:Public Wing
5th Floor, Rail Bhawan
New Delhi110011
Contact Number:011-23386447
e-mail:ambuj.sharma38@nic.in
Grievance Description:पत्रांक: PMOPG17101 दिनांक: ०१/०१/१७ नमो जी को नमस्ते मैं, अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, आर्यावर्त सरकार का संस्थापक और साध्वी प्रज्ञा का सहअभियुक्त हूँ. मैं आप से निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर जानना चाहता हूँ:- 1. NIA का जज सीधे आप के नियंत्रण में है. कोर्ट ने निर्णय दिया, “साध्वी प्रज्ञा सिंह इस बात से इनकार नहीं कर सकती कि धमाकों के लिए इस्तेमाल बाइक से उनका संबन्ध है। कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान के मुताबिक भोपाल में हुई मीटिंग में साध्वी मौजूद थीं। उस मीटिंग में औरंगाबाद और मालेगांव में बढ़ रही जिहादी गतिविधियों और उन्हें रोकने पर चर्चा हुई। यहाँ तक कि मीटिंग में मौजूद सभी लोगों ने देश में तत्कालीन सरकार को गिराकर अपनी स्वतन्त्र सरकार बनाने की बात भी की थी।” 2. क्या आप उपनिवेश की दासता करते और मसजिदों से जिहादियों की ईशनिंदा व काफिरों के नरसंहार का प्रसारण सुनते लज्जित व आतंकित नहीं होते? 3. क्या आप जानते हैं कि पंथनिरपेक्ष, सहिष्णु और साम्प्रदायिक सद्भाववादी इस्लाम के कुरान ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है (कुरान ८:३९). काफ़िर को कत्ल करना (कुरआन ८:१७) व दार उल हर्ब धरती को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का जिहाद (काफिरों की हत्या करने का असीमित संवैधानिक मौलिक मजहबी अधिकार) है क्या आप मुझे बतायेंगे कि जिहाद पर चर्चा करना अपराध कैसे है? कौन से संविधान संशोधन से उपनिवेशवासियों को भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ से प्राप्त प्राण रक्षा के अधिकार से वंचित किया गया है? 4. वैदिक सनातन संस्कृति के रक्षार्थ मैंने पूर्व में भी याचिका भेजी थी. विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:- http://www.aryavrt.com/azaan-aur-snvidhan 5. इंडिया स्वतंत्र नहीं अपितु स्वतंत्र उपनिवेश क्यों है? आज भी सभी ब्रिटिश कानून ही जस के तस देश पर क्यों लागू हैं? आप न्यायपालिका से पूछें कि देश में तत्कालीन एलिजाबेथ के उपनिवेश की सरकार को गिराकर अपनी स्वतन्त्र सरकार बनाने की बात करना व जिहाद का विरोध अपराध कैसे है? 6. किस अधिकार से सत्ता के हस्तांतरण के संधि के पूर्व ही उपनिवेशवासियों के पूर्वजों के ९० वर्ष के बलिदानों के बदले मे १८ जुलाई, १९४७ को आक्रांता जारज षष्टम् ने शब्द ‘उपनिवेश’ (Dominion) के पूर्व शब्द ‘स्वतंत्र’ (independent) जोड़ कर भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम १९४७ बनाया? क्या उपनिवेशवासियों के पूर्वजों के ९० वर्षों के बलिदानों की यही परिणति नहीं है, कि उपनिवेश के पूर्व शब्द ‘स्वतंत्र’ को जोड़ कर उन्हें स्थायी दास बनाया गया? चुनाव द्वारा स्थितियों में कोई परिवर्तन सम्भव नहीं क्या आज़ादी धोखा नहीं? इंडिया आज भी एलिजाबेथ का उपनिवेश और ब्रिटेन का दास क्यों है? आप ने सत्ता के हस्तान्तरण के पुस्तिका पर हस्ताक्षर क्यों किये? आप ने भारतीय संविधान, जो उपनिवेशवासियों को जीने व सम्पत्ति रखने का अधिकार ही नहीं देता, में आस्था व निष्ठा की शपथ क्यों ली? http://www.aryavrt.com/bhartiya-swatantrta-adhiniyam-1947 7. किस अधिकार से इंडिया का दो स्वतंत्र? उपनिवेशों (इंडिया तथा पाकिस्तान) में विभाजन किया गया? 8. किस अधिकार से उपनिवेश का विरोध भारतीय दंड संहिता की धारा १२१ के अधीन, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ द्वारा, राष्ट्रपति और राज्यपाल के स्वेच्छा से, मृत्युदंड का अपराध है? 9. राष्ट्रपति और राज्यपाल को आतताई और गो-नरभक्षी (बाइबल, यूहन्ना ६:५३) एलिजाबेथ के शासन में रहने में और मस्जिदों से ईशनिंदा सुनने में लज्जा क्यों नहीं आती? एलिजाबेथ के संरक्षण, पोषण व संवर्धन के लिए संकलित मौत के फंदे और लुटेरे भारतीय संविधान का राष्ट्रपति और राज्यपाल विरोध क्यों नहीं करते? 10. मस्जिदों से मुसलमान ईशनिंदा करते हैं और काफिरों को कत्ल करने की घोषणा करते हैं. ईशनिंदा के विरुद्ध सन १८६० में कानून बना था, जो आज तक लागू है, लेकिन आज तक किसी मुसलमान पर मकोका या रासुका क्यों नहीं लगा? 11. ईशनिन्दक और खुत्बे देने वाले मुसलमानों को सर्वोच्च न्यायालय वेतन और हज अनुदान क्यों दिलवा रही है? 12. ईशनिन्दक और खुत्बे के विरोधियों साध्वी व उनके सह अभियुक्तों को न्यायपालिका प्रताड़ित क्यों कर रही है? 13. जब राष्ट्रपति और राज्यपाल स्वयं ही एलिजाबेथ के उपनिवेश में रहने, ईशनिंदा का प्रसारण सुनने और कत्ल होने के खुत्बे का प्रसारण सुनने में लज्जित या आतंकित नहीं होते, तो उपनिवेशवासियों की रक्षा कैसे होगी? मुझे यह बतायें कि साध्वी प्रज्ञा सहित आर्यावर्त सरकार के १४ अभियुक्त सन १९९९ से ही जेलों में क्यों बंद हैं? अप्रति http://www.aryavrt.com/muj17w01-sadhvi-jelmekyon
Current Status:Closed (NO ACTION REQUIRED)
Date of Action:05 Jan 2017
Details:FILE


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