Muj17W07AY MHAMHIM KNT



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 22 Year 22 ISSUE 07AY, Feb 10-16, 2017. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj17W07AY MHAMHIM KNT 

||श्री गणेशायेनमः||

 

प्रेसनोट

महामहिम श्री के एन त्रिपाठी!

महामहिम जी! को सादर प्रणाम!!

२ सितम्बर, १९५३ के राज्य सभा के बहस में भारतीय संविधान के संकलनकर्ता अम्बेडकर ने राज्यपाल के अधिकारों पर जो कहा था, उसके विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/ghatak-bhartiya-smvidhan

महामहिम लोग पद पाने के पूर्व ही भारतीय संविधान के अनुच्छेद १५९ के अधीन भारतीय संविधान और कानूनों के संरक्षणपोषण व संवर्धन की शपथ लेते हैं.

आप कानूनविद हैं. आप ने http://www.aryavrt.com/bhartiya-swatantrta-adhiniyam-1947

अवश्य पढ़ा होगा. न पढ़ा हो तो अब पढ़ लीजियेगा. आप आज भी दास हैं. क्या विरोध कर सकते हैं?

एलिजाबेथ के लक्ष्य के विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/elizabeth-kaun-hai

http://www.aryavrt.com/muj16w52b-das-prtinidhi

आप का मनोनयन, जो आप को उपनिवेश से मुक्त कराने का प्रयत्न करे, उसे भारतीय दंड संहिता की धारा १२१ के अधीन फांसी दिलाने के लिए किया गया है.

बाइबल, कुरान व भारतीय संविधान किसी उपनिवेशवासी को जीवित रहने का अधिकार नहीं देते. जज बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान के विरुद्ध सुनवाई नहीं कर सकता. (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). आप उपनिवेश, बपतिस्मा, अज़ान, खुत्बे और खतने के विरोधी को नष्ट करने हेतु मनोनीत हुए हैं. विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/muj16w46cy-sadhvi-jelmekyon

उपरोक्त लिंक के अनुसार राज्यपाल सहित प्रत्येक लोकसेवक से भारतीय संविधान का अनुच्छेद २५ अपेक्षा करता है कि उपनिवेशवासी मौत के फंदे और लुटेरों की इस भारतीय संविधान नामक संहिता का आदर करें!

अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान, जिसने राज्यपालों, जजों व लोकसेवकों की पद, प्रभुता और पेट को वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश से जोड़ दिया है, का संकलन कर जिन अनुच्छेदों २९(१), ६० व १५९ और भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ व दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ द्वारा अब्रह्मी संस्कृतियों को उनकी हत्या, लूट और बलात्कार की संस्कृतियों को बनाये रखने का मौलिक अधिकार दे कर इंडिया में रोका है और विकल्पहीन व दया के पात्र जजों, सांसदों, विधायकों और लोक सेवकों ने जिस भारतीय संविधान में आस्था व निष्ठा की शपथ ली है उसके अनुच्छेद २९(१) ने अब्रह्मी संस्कृतियों को मानवजाति को मिटाने का असीमित मौलिक मजहबी अधिकार दे रखा है.

ईसाइयत, बपतिस्मा, चर्च, न्यायिक जांच (Inquisition), इस्लाम, अज़ान, मस्जिद, जिहाद, हज अनुदान, मौलवियों व इमामों के वेतन का कोई जज या राज्यपाल विरोध नहीं कर सकता. क्योंकि अब्रह्मी संस्कृतियों का कोई आलोचक जीवित नहीं छोड़ा जाता.

http://society-politics.blurtit.com/23976/how-did-galileo-die-

http://www.aryavrt.com/asama-binta-maravana

सन १९१७ तक एक =१३ अमेरिकी $ था. आज ६७ में एक डालर मिलता है. RBI का गवर्नर धारक को देने का वचन देता है. वचन केन्द्रीय सरकार से प्रत्याभूत भी है! क्या महामहिम जी! ले सकते हैं? ले सकते हैं तो कितना पाएंगे?

http://www.aryavrt.com/rupya

आदिम वैदिक शासन काल में गुरुकुलों में सम्प्रभु बनने की शिक्षा निःशुल्क थी. किताब कलम की कोई आवश्यकता नहीं थी. उपनिवेश में दास बनने हेतु महँगी यौनशिक्षा दी जाती है. लेकिन कोई राज्यपाल गुरुकुल पुनर्जीवित नहीं कर सकता?

http://www.aryavrt.com/muj17w07-smprabhu-17213

दो उपनिवेश इंडिया व पाकिस्तान का गठन तीन यौन कांडों, २०वीं सदी के मीरजाफर पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी के ब्रह्मचर्य के प्रयोग, एडविना के प्रातः जिन्ना के साथ और रात में नेहरु के साथ हम बिस्तर का परिणाम है.

संत आशाराम बापू एक लड़की के आरोप पर pocso में निरुद्ध हैं. क्या आप इसी अपराध के अधीन उपनिवेश का विरोध कर सकते हैं?

बंगाल शीघ्र ही कश्मीर और मिजोरम बनने वाला है. उप्र का कैराना हिन्दू विहीन हो गया. आप रबर की मुहर बन कर न रहिये. नमो को विश्वास में लेकर, ट्रम्प और पुतिन के सहायता से बंगाल को इस्लाम से मुक्त कराइए.

आप भलीभांति जानते हैं कि मनुष्य के जीवित बचने के सारे रास्ते बंद हो गए हैं. ईसाई व मुसलमान, जो आज वैदिक सनातन धर्म को मिटा रहे हैं, आपस में लड़ कर मानवजाति को डायनासोर की भांति मिटा देंगे. मानवजाति को बचाना हो तो गुरूकुलों को पुनर्जीवित कराने, उपनिवेश, बपतिस्मा, अज़ान और खुत्बे समाप्त कराने हेतु साध्वी प्रज्ञा व उनके १३ सहयोगियों को क्षतिपूर्ति के साथ मुक्त कराने में आर्यावर्त सरकार का सहयोग करिये.

यह युद्ध आप स्वयं नहीं लड़ सकते. आप चारों ओर से एलिजाबेथ के गुप्तचरों से घिरे हैं. मेरी गुप्त सहायता करिये. अन्य विकल्प नहीं है.

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सू० स०) फोन: (+९१) ९८६८३२४०२५/९१५२५७९०४१

१३ फरवरी. २०१७

 

Comments