Muj17W04Y LG FIR



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 22 Year 22 ISSUE 04Y, Jan 20-26, 2016. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj17W04Y LG FIR Dated:23-Jan-17

  

||श्री गणेशायेनमः||

पत्रांक: PMOPG171023 दिनांक: २३/०१/१७

IN THE COURT OF SH. VIKRAM MM ROHINI DISTT. COURTS, DELHI

FIR No. 406/2003 u/s 153A PS NARELA DELHI.

AND

FIR No. 166/2006 u/s 153A and 295A PS NARELA DELHI.

सुनवाई की तारीख़: २१ फरवरी. २०१७

महामहिम श्री बैजल जी!

कृपया मेरे पिछले अनुरोध, जिसका लिंक नीचे दे रहा हूँ, का अवलोकन करें.

http://www.aryavrt.com/muj17w01ay-lg-fir

Registration Number is : PMOPG/E/2017/0010795

1.  राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली के अधिकारियों से मुझे बारम्बार एक जवाब मिलता है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन मेरे अभियोग आप ने चलवाए हैं. आप ही इसे वापस ले सकते हैं.

2.  इसके अतिरिक्त मैं जो कुछ भी लिखता हूँ, प्राइवेट प्रतिरक्षा में, भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ से प्राप्त कानूनी अधिकार से लिखता हूँ. जो भारतीय दंड संहिता की धारा ९६ के अधीन अपराध नहीं है. अपराध तो ईसाई व मुसलमान बपतिस्मा व अज़ान का प्रसारण करके करते हैं, लेकिन भारतीय दंड संहिता के सन १८६० से लागू होने के बाद, आजतक कोई वाइसराय, राष्ट्रपति या राज्यपाल किसी मुअज्जिन, ईमाम या मौलवी के विरुद्ध कोई अभियोग नहीं चला सका. न चला ही सकता है.

3.  महामहिम जी! मैं मानवजाति की रक्षा के लिए लड़ रहा हूँ. यह लड़ाई आप नहीं लड़ सकते. वह राष्ट्रपति, राज्यपाल, जज अथवा लोकसेवक मूर्ख ही होगा, जो उपनिवेश, बपतिस्मा, अज़ान के विरुद्ध कार्यवाही कर, शमित मुखर्जी, गांगुली, स्वतंत्रकुमार, राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी आदि की भांति नौकरी गवांना चाहेगा... मीडिया सहित लोकसेवक का पेशा सत्य को नष्ट करना है. बिल्कुल झूठ कहना; समाज को दूषित करना और गालियां देना मीडिया, जज, राष्ट्रपति, राज्यपाल व लोकसेवकों की विवशता है. राज्यपाल पर्दे के पीछे शासकों (एलिजाबेथ) के लिए कार्य करने वाले मातहत और उपकरण हैं. ... बौद्धिक वेश्याएं हैं.

4.  २०वीं सदी के मीरजाफर सदाबहार झूठे, पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी ने कोई आजादी नहीं दिलाई. हमारे पूर्वजों के ९० वर्षों के बलिदानों की परिणति है, उपनिवेश के पूर्व शब्द स्वतंत्रका जोड़ा जाना. चुनाव द्वारा स्थितियों में कोई परिवर्तन सम्भव नहीं| आज़ादी धोखा है. इंडिया आज भी एलिजाबेथ का उपनिवेश और ब्रिटेन का दास है. आज भी सभी ब्रिटिश कानून ही देश पर लागू हैं.

5.  अब्रह्मी संस्कृतियों ने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति और निवासियों को नष्ट कर दिया| वैदिक सनातन धर्म को नष्ट करने हेतु, इनको अल्पसंख्यक घोषित कर रख लिया गया है, जब कि दोनों विश्व की प्रथम एवं द्वितीय बड़ी आबादी हैं.

6.  १५ अगस्त, १९४७ का सत्ता हस्तान्तरण गांधी, जिन्ना और नेहरु के यौन कांडों प्रतिफल है. वैदिक सनातन धर्म को नष्ट होने से बचाने में मुझे सहयोग दीजिए. अन्यथा मानवजाति बचेगी नहीं. आप ने, एलिजाबेथ के दबाव में, आर्यावर्त सरकार के मुख्यालय की पश्चिमी गली पर, मुझे कत्ल कराने के लिए, एक जाट का कब्जा करा दिया है. विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/pm-pulis-kii-glt-soochna-ka-virodh-161025y

दिनांक:२८/१०/१६ : Registration Number is : PMOPG/E/2016/0404304

7.  महामहिम जी! आप एलिजाबेथ के आतंक की साया में, आत्मघाती गुप्तचरों से घिरे हुए, पद, प्रभुता और पेट के लोभ में, दासता करने के लिए विवश हैं. यह संस्कृतियों का युद्ध है. इसे आप नहीं लड़ सकते. केवल मुझे गुप्त सहयोग दे सकते हैं.

8.  कृपया मेरे विरुद्ध, आप की संस्तुति पर चलाए गए, अभियोगों को वापस लेकर और अतिक्रमण को हटवा कर मानवजाति की रक्षा करने में मेरा सहयोग करें.  


अप्रति.

दिनांक; २३/०१/१७

 Your Registration Number is : PMOPG/E/2017/0046296 

http://www.aryavrt.com/muj17w04y-lg-fir


 

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