Muj17W02Y Eproperty Passbook



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 22 Year 22 ISSUE 02, Jan 06-12, 2016. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj17W02Y Eproperty Passbook Dated:12/01/2017

  

||श्री गणेशायनमः||

पत्रांक: PMOPG17112 दिनांक: १२/०१/१७

नमो जी को नमस्ते!

मैं, अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, आर्यावर्त सरकार का संस्थापक और साध्वी प्रज्ञा का सहअभियुक्त हूँ. मैं आप से निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर जानना चाहता हूँ:-

1.  आप के कंधे पर बंदूक रख कर हम सनातनियों को एलिजाबेथ मिटा रही है. वैदिक सनातन धर्म की रीढ़ गौ, गुरुकुल, गायत्री व गंगा की रक्षा के लिए आप क्या कर रहे हैं?

2.  जिस गरीब के हित की आड़ में उपनिवेशवासी लूटे गए, वह गरीब और अधिक कर्जदार क्यों हो गया? एलिजाबेथ की ओर कोई उंगली भी क्यों नहीं उठा सकता?

लक्ष्मी के हैं चार सुत, धर्म, अग्नि, नृप, चोर|

जेठे का निरादर करो, शेष करें भंड़ फोड़|

3.  लक्ष्मी के चार बेटे धर्म, अग्नि, राजा और चोर हैं| या यूं कह लीजिए कि धन की चार गति है| चंचला है| कहीं टिकती नहीं है| लक्ष्मी को धर्म पर व्यय करेंगे तो आप का यश बढ़ेगा| आप की हर तरह ईश्वर, संत समाज और दुखी दीन जन सहायता करेंगे और आप की कीर्ति बढायेंगे| अन्यथा आप की सम्पत्ति या तो अग्नि में स्वाहा होगी, या एलिजाबेथ ले लेगी अथवा चोर चुरा लेंगे| क्या आप एलिजाबेथ के विरुद्ध एफआईआर कर पाएंगे?

अरक्षितारम् राजानं बलिषड्भागहारिणम्|

तमाहुः सर्वलोकस्य समग्रमलहारकम्|| (मनुस्मृति :३०८)

4.  उपनिवेशवासियों के पास कालाधन नहीं है. एलिजाबेथ का भारतीय संविधान काला है. एलिजाबेथ के पास १६.६७% से अधिक कर लेने का कोई अधिकार नहीं है. इसे निरस्त करने में आर्यावर्त सरकार को सहयोग दीजिए. आप एलिजाबेथ की कठपुतली न बनिये. बनिये भी तो वैदिक सनातन धर्म की मुक्ति तक.

5.  राष्ट्रीयकरण से किसका हित हुआ? आप के विमुद्रीकरण, स्वर्ण नियंत्रण और ई पासबुक से भी किसी का हित नहीं होने वाला. २०वीं सदी के मीरजाफर पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की भांति आप की हत्या अवश्य हो जायेगी. यही एलिजाबेथ चाहती है. सोचिये! क्या कोई एलिजाबेथ के विरुद्ध ऊँगली उठा पायेगा?

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6.  भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) के अधीन एलिजाबेथ ने उपनिवेशवासियों को लूट लिया. राजा अपने राज्य और प्रिवीपर्स नहीं बचा सके. मेरे पितामह अपनी जमींदारी नहीं बचा सके. बैंकर अपने बैंक नहीं बचा सके. खानों के मालिक अपनी खानें नहीं बचा सके. मैं अपनी २ अरब की सम्पत्ति व हुतात्मा रामप्रसाद बिस्मिल का ४ अरब का स्मारक न बचा सका और न लोकसेवक होते हुए पेंशन ही प्राप्त कर सका. और तो और सहारा श्री सुब्रत राय लम्बे अरसे से जेल में हैं. अब रतन टाटा और मुकेश अम्बानी आदि की बारी है. आप अपना पूजास्थल, नारियाँ, जीवन, सम्पत्ति और पूँजी कैसे बचायेंगे? क्या आप को लज्जा नहीं आती? क्या विरोध कर सकते हैं?

7.  मैकाले को इंडिया में सन १८३५ तक एक भी चोर या भिखारी न मिला. १९४७ तक देश के खजाने में १५५ करोड़ रु० था. कोई विदेशी कर्ज न था. आज प्रति व्यक्ति ८२५६०/- रु० कर्जदार (मार्च २०१६ तक; ७० रु० प्रति डालर की दर से) है| और यह कर्ज तब है, जब भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) के अधिकार से लोक लूट तंत्र ने नागरिकों की जमीनें और जमींदारी लूटी|सोना लूटा| बैंक लूटे| पूँजी और उत्पादन के साधन लूटे| क्या आप एलिजाबेथ से पूछ पाएंगे कि उपनिवेश इंडिया का सारा धन कहाँ गया?

8.  स्वर्ण नियन्त्रण कानून १९६८ में भी लागू हुआ था, जिसे ६ जून, १९९० को निरस्त कर दिया गया. अब २०१७ में एलिजाबेथ यह कानून पुनः ला रही है.

9.  जिस गरीब के हित की आड़ में उपनिवेशवासी लूटे गए, वह गरीब और अधिक कर्जदार हो गया और एलिजाबेथ की ओर कोई उंगली भी क्यों नहीं उठा सकता?

10. एलिजाबेथ का अगले आखेट देश के पूंजीपति और व्यापारी हैं. सबकी सम्पत्ति और पूँजी लूटने के लिए आप की आड़ में कालाधन का मुद्दा पेश किया है. गरीबों के खाते में १५ लाख तो आये नहीं, अलबत्ता उनकी जीविका प्रभावित है. दिहाड़ी मजदूर गांव पलायन कर गए हैं. क्या कोई ऊँगली उठा सकता है?

11. अब्रह्मी संस्कृतियों ने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति और निवासियों को नष्ट कर दिया| लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए| आप और आप का वैदिक सनातन धर्म कैसे बचेंगे?

12. माउंटबेटन ने उपनिवेशवासियों को दास बनाने के लिए पत्नी एडविना का वैश्यालय खोल लिया. एडविना प्रातः जिन्ना के साथ हमबिस्तर होती थी और सायं नेहरु के साथ. क्या आप उपनिवेश से मुक्ति हेतु आर्यावर्त सरकार को गुप्त सहयोग दे सकते हैं?

अप्रति

१२/०१/१७

Your Registration Number is : PMOPG/E/2017/0028019 



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