Muj16W51AY JUMMEKI CHHUTTI



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 

Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 21 Year 21 ISSUE 51AY, Dec 16-22, 2016. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj16W51AY JUMMEKI CHHUTTI Dated:22/12/2016

 


||श्री गणेशायेनमः||

विषय: पेंशन

पत्रांक: Pension16-16d22 दिनांक २२/१२/१६

संदर्भ: सचिव सिचाई श्री आनंद वर्द्धन जी का पत्रांक 2039/ II – 2016 -01(09) / 2015 दिनांक २८.११.२०१६.

http://www.aryavrt.com/muj16w48ay-pension-rajyapal

जुम्मे के नमाज और खुत्बे की छुट्टी

नियमानुसार या लक्ष्यानुसार

महामहिम पॉउल, उख० सरकार,

महोदय!

कृपया उपरोक्त पत्र एवं लिंक का संदर्भ लें. प्रमुख सचिव सिचाई, उप्र सरकार, मेरे पेंशन के मामले में कुछ नहीं कर सकते. पत्रांक ६६५७ में प्रमुख अभियंता सिचाई ने स्वयं स्वीकार किया है, “... सेवा पुस्तिका ... चंद्र प्रभा से अप्राप्त रही.”

पिछले पत्र में मैंने नियम का हवाला दिया है. सेवा पुस्तिका जोशीमठ से गायब हुई है. नियम कहता है, “ ... but that it would be unfair to a retiring Government servant if he had to suffer because of the lapses of those responsible for the proper maintenance of service records…

लेकिन आप नियमानुसार कार्यवाही नहीं कर सकते.

मुसलमान मस्जिद से ईशनिंदा करते, इंडिया को दार उल इस्लाम बनाने और काफ़िर को कत्ल करने का प्रसारण करते हैं, जो भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अधीन अपराध है. उपनिवेशवासी के पास मुसलमानों के विरुद्ध शिकायत करने का अधिकार नहीं है. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन नियमानुसार आप ही अभियोग चलवा सकते हैं. अज़ान और मस्जिद के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए मैंने पत्र लिखा था. विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/judgment-on-azaan-eng

आप भी यदि नियमानुसार कार्यवाही करेंगे तो नारायण दत्त तिवारी की भांति सड़क पर आ जायेंगे. विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/ghatak-bhartiya-smvidhan

http://www.aryavrt.com/azaan-aur-snvidhan

मालेगांव कांड में मैं साध्वी प्रज्ञा का सह अभियुक्त हूँ. जज का निर्णय देखें. साध्वी की ज़मानत ख़ारिज करते हुए कोर्ट ने प्राथमिक यानी एटीएस की जांच पर ज्यादा भरोसा दिखाया है। कोर्ट ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा सिंह इस बात से इनकार नहीं कर सकती कि धमाकों के लिए इस्तेमाल बाइक से उनका संबन्ध है। कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान के मुताबिक भोपाल में हुई मीटिंग में साध्वी मौजूद थीं। उस मीटिंग में औरंगाबाद और मालेगांव में बढ़ रही जिहादी गतिविधियों और उन्हें रोकने पर चर्चा हुई। यंहाँ तक कि मीटिंग में मौजूद सभी लोगों ने देश में तत्कालीन सरकार को गिराकर अपनी स्वतन्त्र सरकार बनाने की बात भी की थी।

क्या आप बताएंगे कि जिहादी गतिविधियों और उपनिवेश का विरोध अपराध कैसे है?

जिनके पास वैदिक सनातन धर्म के अनुयायियों के जान-माल की रक्षा का दायित्व है, उनको पद, प्रभुता और पेट के लोभ में वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए एलिजाबेथ द्वारा विवश कर दिया गया है| उपनिवेश का विरोध भारतीय दंड संहिता की धारा १२१ के अधीन मृत्युदंड का अपराध है. क्या आप नियमानुसार मुझे फांसी दिलवा सकते हैं?

वैदिक सनातन धर्म को मिटाना एलिजाबेथ का मजहबी अधिकार, घोषित कार्यक्रम और भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से प्राप्त संवैधानिक अधिकार है|

आप एलिजाबेथ के बलिपशु हैं. आप उपनिवेश से मुक्ति नहीं ले सकते और न ही उख में मस्जिद और अज़ान बंद करा सकते हैं? क्या आप ईशनिंदा व कत्ल करने के खुत्बे सुनकर लज्जित या भयभीत नहीं होते? क्या आप ने सोचा कि कितने असहाय हैं आप? क्या आप की भावी संताने और संस्कृति जीवित बचेंगी?

हम मालेगांव के अभियुक्त उपनिवेश, भारतीय संविधान, कुरान और बाइबल से मुक्ति के लिए लड़ रहे हैं. आप भलीभांति जानते हैं कि यह लड़ाई आप नहीं लड़ सकते.

माउंटबेटन ने वैश्यालय राष्ट्रपति भवन में वैश्या पत्नी एडविना को उपनिवेशवासियों को दास बनाने के लिए रखा. एडविना प्रातः जिन्ना के साथ हमबिस्तर होती थी और सायं नेहरु के साथ. एक औरत के लिए जिन्ना और नेहरु दोनों ने उपनिवेशवासियों को स्थाई दास बना दिया. क्या आप मुझे पेंशन भी नहीं दिलवा सकते, ताकि मैं आप की और वैदिक सनातन धर्म की रक्षा कर सकूं?

महामहिम जी! एलिजाबेथ आप का भयादोहन कर रही है. आप चारो ओर से एलिजाबेथ के गुप्तचरों से घिरे हैं. जिहाद व उपनिवेश से मुक्ति चाहें, तो हमारा गुप्त सहयोग करिये. अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी

 http://www.aryavrt.com/muj16w51ay-jummeki-chhutti

Registration Number is : PMOPG/E/2016/0599687 


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