Muj16W43AY AAZAADIKA SHANKHNAD



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 21 Year 21 ISSUE 43AY, Oct 21-27, 2016. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj16W43AY AAZAADIKA SHANKHNAD Dated:10/23/2016

||श्री गणेशायनमः||

विश्व के उपनिवेशवासियों से निवेदन:

सपनों की दुनियां से बाहर आईये. मेरे प्रश्नों का उत्तर ढूंढिए...

आप ने सम्प्रभु बनाने वाले गुरुकुलों का बहिष्कार कर गो के कत्लखाने क्यों खोले हैं? विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/muj16w01-khtna-16101

आप हर वर्ष १५ अगस्त को स्वतंत्रता दिवस और २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस क्यों मनाते हैं?

इंडिया स्वतंत्र नहीं ब्रिटेन का स्वतंत्र? उपनिवेश है. आइये देखें उपनिवेश किसे कहते हैं?

उपनिवेश (कालोनी) किसी राज्य के बाहर की उस दूरस्थ बस्ती को कहते हैं, जहाँ उस राज्य की प्रजा निवास करती है।

कोई उपनिवेशवासी उपनिवेश का विरोध क्यों नहीं करता? उल्टे मेरे पास तमाम पत्र आ रहे हैं कि इंडिया दैट इज भारत स्वतंत्र है. मैं लोगों को दिग्भ्रमित करता हूँ. मेरा सुझाव है कि सत्ता हस्तान्तरण के मात्र २७ दिन पूर्व १८ जुलाई, १९४७ को ब्रिटिश संसद में पारित निम्नलिखित अधिनियम का पहला पैरा पढ़ें,

http://www.legislation.gov.uk/ukpga/Geo6/10-11/30

“An Act to make provision for the setting up in India of two independent Dominions, to substitute other provisions for certain provisions of the Government of India Act 1935, which apply outside those Dominions, and to provide for other matters consequential on or connected with the setting up of those Dominions…”

इंडियन उपनिवेशवासियों के पूर्वजों के ९० वर्षों के स्वातन्त्रय युद्ध का गांधी ने देश के बैरिस्टरों से मिल कर अपहरण कर लिया. उपनिवेशवासी स्वतंत्रता का युद्ध लड़ने का साहस भी गवां बैठे हैं. क्योंकि उपनिवेश का विरोध भारतीय दंड संहिता की धारा १२१ के अधीन मृत्युदंड का अपराध है.

इंडिया एलिजाबेथ का स्वतंत्र? उपनिवेश है. सारे ब्रिटिश कानून जस के तस लागू हैं. एलिजाबेथ को धरती की सभी संस्कृतियों और उनके अनुयायियों को अर्मागेद्दन द्वारा नष्ट कर केवल ईसा की पूजा करानी है. विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/elizabeth-kaun-hai

राज्यपाल और जज एलिजाबेथ के मनोनीत प्रतिनिधि हैं. उपनिवेशवासियों के आँखों के सामने एलिजाबेथ उनकी नारियों का बलात्कार कराएगी, उनका मांस खायेगी और लहू पिएगी.

जज, राष्ट्रपति और राज्यपाल गुप्तचरों से घिरे हैं. उनके पास इतना साहस नहीं कि वे चर्चों/मस्जिदों से उनकी अपनी आस्था का अपमान, इष्टदेवों की निंदा और इंडियन/काफ़िर को कत्ल करने के खुत्बे देने वाले किसी ईसाई या मुसलमान पर अभियोग चला सकें. विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/judgment-on-azaan-eng

http://www.aryavrt.com/fatwa

उल्टे राज्यपाल, जज और पुलिस इस बात से अत्यधिक पीड़ित हैं कि मैंने बाबरी ढांचा गिरवा दिया. हम मस्जिद, अज़ान और खुत्बे का विरोध कर रहे हैं. हम इस्लाम ब्रांड साम्प्रदायिक सद्भाव, “मात्र अल्लाह पूज्य है!” को बिगाड़ रहे हैं. हम एलिजाबेथ के उपनिवेश में रहने के लिए तैयार नहीं हैं. हमने स्वतंत्र आर्यावर्त सरकार बना ली.

उपरोक्त तथ्य तब उभड़ कर सामने आये, जब जज ने राज्यपाल की संस्तुति पर निम्नलिखित आदेश दिया:-

साध्वी की ज़मानत ख़ारिज करते हुए कोर्ट ने प्राथमिक यानी एटीएस की जांच पर ज्यादा भरोसा दिखाया है। कोर्ट ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा सिंह इस बात से इनकार नहीं कर सकती कि धमाकों के लिए इस्तेमाल बाइक से उनका संबन्ध है। कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान के मुताबिक भोपाल में हुई मीटिंग में साध्वी मौजूद थीं। उस मीटिंग में औरंगाबाद और मालेगांव में बढ़ रही जिहादी गतिविधियों और उन्हें रोकने पर चर्चा हुई। यंहाँ तक कि मीटिंग में मौजूद सभी लोगों ने देश में तत्कालीन सरकार को गिराकर अपनी स्वतन्त्र सरकार बनाने की बात भी की थी।

उपनिवेशवासी जानना चाहते हैं कि उपनिवेश का विरोध और मस्जिद, जहां से काफिरों के आराध्य देवों की ईशनिंदा की जाती है और जहां से काफिरों को कत्ल करने की शिक्षा दी जाती है, को नष्ट करना अपराध कैसे है?

उपनिवेशवासियों को कत्ल करने से जिनको जन्नत मिलेगी और नारियों का बलात्कार करने से हूरें. उनको उपनिवेशवासी इंडिया में क्यों रहने दें?

अज़ान व खुत्बे द्वारा मुसलमान स्वयं राज्यपालों के इष्टदेवों की निंदा करते हैं और कत्ल करने के खुत्बे देते हैं. क्या कोई राज्यपाल मस्जिद और अज़ान बंद करेगा?

अतः उपनिवेश. चर्च, मस्जिद, बाइबल और कुरान के रहते मानवजाति सुरक्षित नहीं है. इनसे मुक्ति हेतु मानवजाति आर्यावर्त सरकार का सहयोग करे.   अप्रति.

Registration Number is : PMOPG/E/2016/0399147

http://www.aryavrt.com/muj16w43ay-aazaadika-shankhnad


  


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AyodhyaP Tripathi,
Oct 23, 2016, 11:36 AM
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