Muj14W52y PK Hangama



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 19 Year 19 ISSUE 52, Dec 26-, 2014 Jan 01, 2015. This issue is Muj14W52y PK Hangama


Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com



Muj14W52y PK Hangama

‘PeeKe’

क्या आर्यावर्त सरकार जान सकती है कि पीके फिल्म पर अपमानित होने वाले मस्जिदों, अज़ान और काफिरों को कत्ल करने के खुत्बों से अपमानित क्यों नहीं होते? आर्यावर्त सरकार के ९ अधिकारी मालेगांव मस्जिद और समझौता एक्सप्रेस विष्फोट में सन २००८ से जेलों में बंद हैं. क्या कोई अल्लाह और इस्लाम का विरोध कर सकता है? आर्यावर्त सरकार ने वैदिक सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए ब्रिटिश उपनिवेश के मातहतों और उपकरणों को तमाम पत्र लिखे हैं.

The request

As per stipulation of section 99 of the Indian Penal Code the following letter was communicated to the then Police Commissioner, Delhi.

"Aryavrt
"77, Khera Khurd, Delhi-110082
"Email to: 
aryavrt@yahoo.com - Pager: 9628041943
"Letter No.:md\nc3gb\Khushwant & pak k019 Dated: October 19, 2000

"Press Release
"Allahu Akbar?

"Sir,
"Allahu Akbar means Allah is great. How can a criminal be great? In this very morning, while I am praying my own Ishwar, I can here this bang from the loudspeaker situated at more than 1km away in Khera Kalan, falling under Samaipur Police Station.
"Besides Allahu Akbar, Muslims chant here, “La e la h illlahu, Muhammadurrasulllah “that means, Allah alone can be worshipped. Muhammad is his messenger. They call it Namaz. Koran is the compilation of the commands of the very Allah and in Chapter 21, The Prophets, Verse 98, the very Allah commands, “Lo! Ye and that which ye worship beside Allah are fuel of hell. Thereunto ye will come.” Clearly its not me only, 890 million citizens are not worshipping Allah. Would they survive? Atal Govt., which is taxing us, is requested to stop it.
"Allah is robber, Koran 8:01 & 41 murderer, Koran 8:17, Koran rapist 4:24 and usurper Koran 2:255 and is, as such, a criminal. A criminal can neither be great nor god. Similarly murder, plunder, rape and usurpation cannot be religion. Still Indian Constitution accepts Islam as a secular religion and provides vide Article 29(1) the fundamental right to practice very religion. So Aryans are in jeopardy.

"Yours etc, A.P.Tripathi".

परिणाम के विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/judgment-on-azaan-eng

The Grievance

To, H.E. Dada, ABOLISH AJAAN In lieu of promoting enmity between Muslims and Kafirs, on grounds of religion, race, etc., and doing acts prejudicial to maintenance of harmony, by propagating Ajaan, which is blasphemy of deities of Kafirs and preaching slaughter of Kafirs from their mosques, which are cognizable and non bail able offences u/s 153A and 295A of the Indian Penal Code, Muslims, instead of prosecution, are getting rewards of Hajj subsidy Writ Petition (civil) No.1 OF 2007 Prafull Goradia Petitioner(s) VERSUS Union of India Respondent(s), salaries to Muslim Imaams, (AIR 1993 SUPREME COURT 2086) and immunity under section 196 of the Criminal Procedure Code. However, I am facing protracted trial u/s 153A for trying to exercise my legal right as provided vide sections 102 and 105 of the Indian Penal Code since 1993, under the very section 196 of the Criminal Procedure Code. Your Excellency and Governors are helping Sonia in eradicating Vedic Sanaatan Dhram. Under section 196, no one can complain against offences committed by any one u/s 153A and 295A of the Indian Penal Code, no police can arrest and no judge can try. For more information click the URL below,

http://www.aryavrt.com/azaaneng

Your Excellency Dada, would you stop our victimization and abolish Ajaan and remove Masjids from where Imaams preach slaughter of Kafirs? Ayodhya Prasad Tripathi; Mob (+91)9152579041

विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/azaan-aur-snvidhan

दासता से मुक्ति हेतु युद्ध.

पाकपिता मोहनदास करमचन्द गांधी, मोहम्मद अली जिन्ना, जवाहरलाल नेहरु, सरदार वल्लभ पटेल, वीर सावरकर और बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर में एक समानता थी| सभी बैरिस्टर थे| सभी को भारतीय स्वतंत्रता (उपनिवेश) अधिनियम१९४७का पूरा ज्ञान था|

इंडिया ब्रिटिश उपनिवेश है| {भारतीय स्वतंत्रता (उपनिवेश) अधिनियम, १९४७ व अनुच्छेद ६ (ब)(।।) भारतीय संविधान}. माउंटबेटन ने २०वीं सदी के मीरजाफर पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी से संधि कर, इसे लूटने के लिए और वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए ९९ वर्ष के लिए, १५ अगस्त, १९४७ को, किराये पर काले अंग्रेजों को दे दिया है|

माउन्टबेटन को इससे भी संतुष्टि नहीं हुईउसने मौत के फंदे व परभक्षी भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) का संकलन करा करमानवमात्र को कत्ल होने के लिएसदा सदा के लिए इंडिया के मानवमात्र की धरती और सम्पत्ति छीन कर, कुटिलता पूर्वक संयुक्त रूप से मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप दिया| लेकिन अंततोगत्वा नागरिक के पास कुछ नहीं छोड़ा. भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) नागरिक को धन व उत्पादन के साधन रखने का अधिकार नहीं देता| "३९(ग)- आर्थिक व्यवस्था इस प्रकार चले कि जिससे धन व उत्पादन के साधनों का सर्वसाधारण के लिए अहितकारी संकेंद्रण न हो;" ईशनिंदा और कत्ल करने की शिक्षा देने का अधिकार मुसलमानों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से प्राप्त है और राष्ट्रपति और राज्यपाल को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन ईशनिन्दकों को संरक्षण देने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है.

आप चाहे ईसाई हों या मुसलमान या जो भी हों, आप को जीवित रहने का {भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१)} तथा सम्पत्ति व उत्पादन के साधन रखने का अधिकार नहीं है| यदि आप ईसाई हैं तो आप को मुसलमान कत्ल करेगा (कुरानसूरह अल अनफाल ८:३९) और मुसलमान हैं तो ईसाई| (बाइबल, लूका १९:२७). अगर आप दोनों में से कोई नहीं तो दोनों मिल कर कत्ल करेंगे|

‘पीके’ फिल्म पर शोर मचाने वालों ने क्या कभी सोचा है?

कुरान के अनुसार अल्लाह व उसके इस्लाम ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है| धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है| (कुरान ८:३९). काफ़िर को कत्ल करना व दार उल हर्ब धरती को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का जिहाद और असीमित संवैधानिक मौलिक मजहबी अधिकार है|

अब्रह्मी संस्कृतियों के अनुयायियों को ईशनिंदा का संवैधानिक अधिकार है [भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१)]. भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अधीन राज्य के विरुद्ध अपराध होते हुए भी ईशनिंदा का विरोध संज्ञेय गैर जमानती अपराध है, जबकि मस्जिदों से अज़ान और खुत्बों का प्रसारण उपासना की स्वतंत्रता है और इनका नियंत्रण दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ द्वारा ब्रिटिश सरकार के मातहत और उपकरण राष्ट्रपति और राज्यपाल करते हैं.

ब्रिटिश उपनिवेश का हर नागरिक प्रातः से रात तक मस्जिदों से अज़ान यानी ईशनिंदा और कत्ल किये जाने की घोषणा सुनने के लिए विवश है और मस्जिदों, ईमामों और मौलवियों का संरक्षणपोषण व संवर्धन होता है.

एलिजाबेथ के पास उपनिवेश के दासों को मिटाने का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से भी प्राप्त हैं. जिस पर किसी का जोर नहीं.

नमो ने सत्ता के हस्तान्तरण के रजिस्टर पर हस्ताक्षर किये हैं और संविधान में आस्था और निष्ठा की शपथ ली है. इसलिए नमो एलिजाबेथ के प्रधान दास हैं. एलिजाबेथ ने वैदिक सनातन संस्कृति की चारो आधारशिलाओं गुरुकुल, गौ, गंगा और गायत्री को नष्ट कर दिया है. एलिजाबेथ को अमेरिकी लाल भारतीयों की भांति काले भारतीयों को नष्ट करना है.

मैंने आर्यावर्त सरकार का गठन किया है. उपनिवेश से मुक्ति के लिए युद्धरत हूँ. इसलिए भारतीय दंड संहिता की धारा १२१ का अपराधी हूँ. विवरण के लिए नीचे धारा का उल्लेख है:- 

121. भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध करना या युद्ध करने का प्रयत्न करना या युद्ध करने का दुष्प्रेरण करना--जो कोई [भारत सरकार] के विरुद्ध युद्ध करेगा, या ऐसा युद्ध करने का प्रयत्न करेगा या ऐसा युद्ध करने का दुष्प्रेरण करेगा, वह मॄत्यु या [आजीवन कारावास] से दंडित किया जाएगा [और जुर्माने से भी दंडनीय होगा].

मैं स्वीकार करता हूँ कि हम ग्राहम स्टेन्स और उसके दो पुत्रों की हत्या के अभियुक्त हैं. हमारे दारा उर्फ रविन्द्रपाल सिंह १९९९ से जेल में बंद हैं. हमने बाबरी ढांचा गिराया है| हम मालेगांव और समझौता एक्सप्रेस बम विष्फोट के अभियुक्त हैं| हमारे धनंजय देसाई भी जेल में बंद हैं. साध्वी प्रज्ञा व अन्य आर्यावर्त सरकार के अधिकारियों को आतताई अब्रह्मी संस्कृतियों को बचाने के लिए सताया जा रहा है| ताकि मानवजाति सम्मानपूर्वक न जी सके जिए तो शासकों का दास बनकर|

मैं एलिजाबेथ को चुनौती देता हूँ कि भारतीय दंड संहिता की धारा १२१ के अधीन मुझे मृत्युदंड दे. सम्पादक.

Registration Number is : MINHA/E/2014/03037

 

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