Muj14W42Y AZAAN BND_KRO



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 19 Year 19 ISSUE 42, Oct 17-23, 2014. This issue is Muj14W42Y AZAAN BND_KRO


Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com



Muj14W42Y AZAAN BND_KRO

विषय: थाना नरेला दिल्ली से प्राथमिकी स० ४०६/२००३ व १६६/२००६ के अधीन लम्बित अभियोग वापस लेने की मांग.

महामहिम जी!

मीडिया में प्रकाशित समाचार के अनुसार डॉ हर्षवर्धन ने दीपावली पर होने वाले ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए आप से पटाखों को प्रतिबंधित करने की मांग की है.

आर्यावर्त सरकार मांग करती है कि पहले महामहिम मस्जिदों से लाउडस्पीकरों पर प्रसारित किये जाने वाले अज़ान और खुत्बों पर प्रतिबन्ध लगाएं.

क्योंकि दीपावली का ध्वनि प्रदूषण चंद दिनों का है, लेकिन वर्ष के ३६५ दिन प्रतिदिन ५ समय सबसे अधिक प्रदूषण मस्जिदों के अज़ान से होता है और अज़ान ईशनिंदा व भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अधीन अपराध भी है.

मस्जिदों से काफिरों को कत्ल करने के खुत्बे (उपदेश) दिए जाते हैं. लेकिन अज़ान और खुत्बों      के विरुद्ध कार्यवाही महामहिम द्वारा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अंतर्गत संस्तुति के बाद ही हो सकती है.

सम्बन्धित धाराओं के सम्पूर्ण विवरण के लिए देखें वेबसाइट का निम्नलिखित URL:-

http://www.aryavrt.com/dhara-196-crpc

महामहिम सहित नागरिक ब्रिटिश उपनिवेश के अधिकारहीन दास हैं| मैं महामहिम को एलिजाबेथ की दासता से मुक्ति दिलाना चाहता हूँ. क्या महामहिम मुक्ति लेना चाहेंगे?

क्या महामहिम जी को नहीं लगता कि उनके जीवित बचने और सम्पत्ति रखने के सारे मार्ग बंद कर दिए गए हैं? क्या सम्पत्ति के लुटेरे, अज़ान, नमाज़ और खुत्बों को संरक्षण देने वाले उपनिवेश को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए?

और अंत में यह भी बता दूं कि इस्लाम और ईसाइयत को मानवजाति के लूट, नारी बलात्कार व  नरसंहार के लिए पैदा किया गया है. इन संस्कृतियों को धरती पर रहने का अधिकार ही नहीं है| इमाम अज़ान, नमाज़ और खुत्बों द्वारा प्रतिदिन महामहिम व विश्व के सर्वशक्तिमान ओबामा सहित सभी अविश्वासियों के हत्या कीनारियों के बलात्कार कीलूट की और उपासना स्थलों के विध्वंस की निर्विरोध चेतावनी देते रहते हैंफिरभी राष्ट्रपति ओबामा सहित सभी शासकों ने भय वश नहींबल्कि मानवमात्र को दास बनाने के रणनीति के अंतर्गतअपना जीवनधननारियां और सम्मान इस्लाम के चरणों में डाल रखा है और दया की भीख मांगने को विवश हैंअब्रह्मी संस्कृतियों का कोई आलोचक जीवित नहीं छोड़ा जाता. चाहे वह आसमा बिन्त मरवान होंया अम्बेडकर या शल्मान रुश्दी होंया तसलीमा नसरीन या जगतगुरु अमृतानंद देवतीर्थ या साध्वी प्रज्ञा हों अथवा मैंविवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-

http://society-politics.blurtit.com/23976/how-did-galileo-die-

http://www.aryavrt.com/asma-bint-marwan

http://www.aryavrt.com/asama-binta-maravana

यह भी जान लें कि आतताई अब्रह्मी संस्कृतियों को संरक्षण देने के विरोध में उपरोक्त सच्चाइयों को लिखने के कारण ही मैं ४२ बार जेल गया हूँ. अब तक मुझ पर ५० अभियोग चले हैं, जिनमे से ५ आज भी लम्बित हैं. मेरे ९ सहयोगी मालेगांव मस्जिद बम कांड व अन्य आरोपों में सन २००८ से जेलों में हैं. अतएव उपरोक्त सच्चाइयों को लिखने का किसी के पास साहस नहीं है. मैं इसलिए लिख पा रहा हूँ, क्यों कि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं बचा है और मुझे मरने से भय नहीं है. यह युद्ध हमारे अतिरिक्त कोई नहीं लड़ सकता. जिसे अपना कल्याण चाहिए, हमारी सहायता करे. नहीं तो मानवजाति के अस्तित्व को मिटने से कोई नहीं रोक सकता. हमारे झूठे अभियोग वापस नहीं लिए जा रहे हैं ताकि मुझे कभी भी कत्ल किया जा सके. सन २००९ से साध्वी प्रज्ञा की मुक्ति के लिए बिना कार्यवाही के वेबसाइट पर हमारी याचिकाएं उपलब्ध है. विवरण के लिए नीचे की लिंक क्लिक करें:-  http://chn.ge/1hQCDy1 

 प्रार्थना

महामहिम उपरोक्त स्थितियों का अवलोकन करें और एलिजाबेथ के इशारों पर नाचने की जगह मानवजाति के अस्तित्व की रक्षा का ध्यान रखते हुए दिल्ली में चलने वाले हमारे २ उपरोक्त अभियोग, जिनके बारे में मैंने कई बार आप से आग्रह किया है, वापस लें.

याद रखें! इस्लाम को भय वैदिक सनातन संस्कृति से नहीं बल्कि एलिजाबेथ के ईसा से है.

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सू० स०) फोन: (+९१) ९८६८३२४०२५/९१५२५७९०४१

Registration Number is : DARPG/E/2014/07288

 


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AyodhyaP Tripathi,
Oct 20, 2014, 1:54 PM
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AyodhyaP Tripathi,
Oct 20, 2014, 1:53 PM
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