Muj14W35A Bechare Muthalik



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 19 Year 19 ISSUE 35A, Aug. 28- Sep. 04, 2014. This issue is Muj14W35A Bechare Muthalik


Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com



Muj14W35A Bechare Muthalik

प्रमोद जी पर्रिकर को भगाएंगे?

http://www.heraldgoa.in/Goa/Panjim/I-will-pull-Parrikar-down-from-power-Muthalik-Will-challenge-order-in-court-shameful-that-a-BJP-CM-has-banned-me-says-Sene-chief/17472.html#.U_Ybj8WSxDt

प्रमोद जी का मुकदमा जायेगा किसके पास? उन्हीं जजों के पास न, जहां सुकन्या कीर्ति होगई| उसकी माँ सुमित्रा सुशीला बन गई| वादी किशोर समरीते पर ५० लाख रु० दंड लगा| निर्णय हुआ मात्र ६ दिन में| जो इतने उल्लू हैं कि पिछले ६ वर्षों में उन्हें साध्वी प्रज्ञा का उत्पीड़न दिखाई ही नहीं पड़ा. क्या प्रमोद जी जानते हैं कि वैदिक सनातन संस्कृति के अनुयायियों की हत्या करना ईसाई व मुसलमान का संवैधानिक [भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१)] और असीमित मौलिक मजहबी अधिकार है, जिसके विरुद्ध कोई जज सुनवाई ही नहीं कर सकता? (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). साध्वी प्रज्ञा आप के जीवन की, भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ के अधिकार से, रक्षा करना चाहती हैं. जब कि भारतीय संविधान सबकी हत्या करने के लिए संकलित किया गया है. यदि एलिजाबेथ के आदेश से जज प्रमोद जी पर दस बीस करोड़ रु० का दंड लगा दें तो प्रमोद जी कहाँ जायेंगे?

http://elegalix.allahabadhighcourt.in/elegalix/WebShowJudgment.do

प्रमोद जी! सन १७५७ में राबर्ट क्लाइव ने मीरजाफर, नवाब के तीन सेनानायक, उसके दरबारी, तथा राज्य के अमीर सेठ जगत सेठ आदि से दुरभिसंधि की और सन १९४७ को माउंटबेटन ने पाकपिता - राष्ट्रहंता बैरिस्टर मोहनदास करमचन्द गांधी, बैरिस्टर जिन्ना, बैरिस्टर जवाहरलाल नेहरु, बैरिस्टर सरदार वल्लभभाई पटेल, बैरिस्टर अम्बेडकर आदि के साथ दुरभिसंधि की. जिसका, तब के बैरिस्टर वीर सावरकर से लगायत आज तक तमाम न्यायविद पैदा हुए और मर गए, किसी ने भी विरोध नहीं किया. क्या राम सेना के जवान उपनिवेश का विरोध कर सकते हैं?

आक्रांता अंग्रेजों ने भारतीय स्वतंत्रता (उपनिवेश) अधिनियम१९४७ को हॉउस ऑफ कामन्स में सत्ता के हस्तांतरण के पूर्व १८ जुलाई १९४७ को पास किया था, जिसके अनुसार ब्रिटेन शासित भारत का दो उपनिवेशों (भारत तथा पाकिस्तान) में विभाजन किया गया और १५ अगस्त १९४७ को भारत बंट गया। जो भी इसे दासता कहे, उसे तबाह करने के लिए राष्ट्रपति और राज्यपाल का मनोनयन किया गया है.

http://www.legislation.gov.uk/ukpga/Geo6/10-11/30

इसके बाद सन १९४८ में बने बर्तानिया के कानून के अंतर्गत हर भारत या पाकिस्तान वासी बर्तानिया की प्रजा है और यह कानून भारत या पाकिस्तान के तथाकथित सार्वभौम गणराज्य प्राप्त कर लेने के पश्चात भी लागू हैl

यानी आप को कोई स्वतंत्रता नहीं मिली| इंडिया का ईसाई व मुसलमान सहित हर नागरिक एलिजाबेथ का दास है| किसी के पास जीने का अधिकार नहीं है| ईसाई मुसलमान को कत्ल करेगा और मुसलमान ईसाई को| शासन करने का अधिकार मात्र जारज और प्रेत ईसा के पास है| इस स्थिति को पाकपिता गांधी, मोहम्मद अली जिन्ना, संविधान के संकलनकर्ता अम्बेडकर और वीर सावरकर ने भी स्वीकार किया और ईसाई व मुसलमान सहित सभी दास आज भी स्वीकार कर रहे हैं| हम आर्यावर्त सरकार के लोग इस षड्यंत्र को उजागर कर रहे हैं| इसीलिए हमारे ९ अधिकारी सन २००८ से जेलों में बंद हैं|

जातिसंहारकों का संरक्षणपोषण व संवर्धन सुनिश्चित करने के लिए भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१), भारतीय  दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ का संकलन किया गया है| शासक और लोकसेवक तभी तक सत्ता और सेवा में रहेंगे, जब तक एलिजाबेथ का हित साधते, यानी ईसा के राज्य का संरक्षणपोषण व संवर्धन करते रहेंगे| यानी अपना ही सर्वनाश सुनिश्चित करते रहेंगे|

तब से आज तक गुरुकुलों के निःशुल्क ब्रह्मचर्य शिक्षा को संरक्षण न देकर मैकाले के महंगे यौनशिक्षा और मकतबों के बलात्कार शिक्षा को संरक्षण दिया जा रहा है.

भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) द्वारा अब्रह्मी संस्कृतियों को अपनी संस्कृतियों को बनाये रखने का अधिकार दिया गया है.

मस्जिदों से प्रतिदिन ५ समय ईशनिंदा यानी अज़ान का प्रसारण और काफिरों के नरसंहार की शिक्षा दी जा रही है.

इस्लाम ने मानवजाति को मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है. कुरान में काफिरों को कत्ल करने का अधिकार दिया गया है. धरती को दार उल हर्ब से दार उल इस्लाम में बदलने का अधिकार दिया है.

खतना मनुष्य को विवेकशून्य और नपुंसक बनाता है| बाइबल में खतना उत्पत्ति १७:११ आवश्यक है.

लड़ना हो तो उपनिवेश के विरुद्ध लड़ें प्रमोद जी.

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी (सू० स०) फोन: (+९१) ९८६८३२४०२५/९१५२५७९०४१

Registration Number is : DARPG/E/2014/05413

http://pgportal.gov.in

यह सार्वजनिक अभिलेख है| कोई भी व्यक्ति इस पर हुई कार्यवाही का उपरोक्त न० द्वारा ज्ञान प्राप्त कर सकता है|

 

 

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AyodhyaP Tripathi,
Aug 28, 2014, 10:55 AM
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AyodhyaP Tripathi,
Aug 28, 2014, 10:54 AM
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