Muj14W08 NMO JAN_MAL



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 19 Year 19 ISSUE 08, Feb 14-20, 2014. This issue is Muj14W08 NMO JAN_MAL


Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com



Muj14W08 NMO JAN_MAL

नमो पहले जान-माल की रक्षा करें|

पैगम्बरों के आदेश और अब्रह्मी संस्कृतियों के विश्वास के अनुसार दास विश्वासियों द्वारा अविश्वासियों को कत्ल कर देना ही अविश्वासियों पर दया करना और स्वर्ग, जहाँ विलासिता की सभी वस्तुएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, प्राप्ति का पक्का उपाय है| भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) अब्रह्मी संस्कृतियों' को अपनी संस्कृति बनाये रखने का असीमित मौलिक मजहबी अधिकार देता है और भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) नागरिक को सम्पत्ति व उत्पादन के साधन रखने का अधिकार नहीं देता| अब्रह्मी संस्कृतियों' और भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) के परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण के लिए राष्ट्रपति और राज्यपाल भारतीय संविधान के अनुच्छेदों, क्रमशः ६० व १५९ के अधीन, शपथ लेने के लिए विवश कर दिए गए हैं|

http://www.aryavrt.com/astitv-ka-snkt

दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं १९६ व १९७ द्वारा राष्ट्रपति और राज्यपाल क्रमशः अब्रह्मी संस्कृतियों व लोक सेवकों को संरक्षण देने के लिए विवश हैं और जजों ने भी अनुच्छेद ३९(ग) को बनाये रखने की शपथ ली है, (भारतीय संविधान, तीसरी अनुसूची, प्रारूप ४ व ८).

भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१), जिसमे नमो ने आस्था व निष्ठा की शपथ ली है और आगे भी लेने के लिए विवश हैं, मानवता का शत्रु है| (यह अनुच्छेद ईसाइयों व मुसलमानों को, जो स्वयं दास हैं और सबको दास बनाना जिनका मजहबी दायित्व है, पूजा स्थल तोड़ने, हत्या, लूट, धर्मान्तरण और नारी बलात्कार का असीमित मौलिक अधिकार देता है). नमो भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) व ३९(ग), कुरान और बाइबल के हठधर्म कैसे बदलेंगे?

इस प्रकार आप के कर के पैसे और भारतीय संविधान के सहयोग से पूरा तंत्र वैदिक सनातन धर्म मिटा रहा है|

केजरीवाल ने बताया है कि इंडिया को अम्बानी व अन्य पूंजीपति, एफडीआई लागू कर जिनको एलिजाबेथ लूटेगी, चला रहे हैं| जिनको बचना हो आर्यावर्त सरकार की सहायता करें, ताकि हम उपनिवेश से मुक्ति दिला सकें|

मैं, अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, आर्यावर्त सरकार का सूचना सचिव हूँ| आर्यावर्त सरकार की कोई प्रजा नहीं है और ब्रिटिश उपनिवेश के मात्र १५०० वर्ग गज की सीमाओं में सीमित है, जिसे छीनने के लिए एलिजाबेथ प्रयासरत है| आर्यावर्त सरकार के पास मात्र धर्म है, जो संसार में आज किसी के पास नहीं है| बिना शक्ति के धर्म की रक्षा नहीं हो सकती और बिना वीर्य के शक्ति नहीं मिल सकती| वीर्यरक्षा मात्र गुरुकुलों में शिक्षा लेने से ही सम्भव है| हम गुरुकुलों को पुनर्जीवित करना चाहते हैं|

इंडिया आज भी ब्रिटिश उपनिवेश है| साध्वी प्रज्ञा, एलिजाबेथ ने जिनकी रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है, जो कैंसर से पीड़ित हैं और जो २००८ से बिना किसी आरोप के जेल में बंद हैं, ने स्वतंत्रता के उस युद्ध को प्रारम्भ कर दिया है, जिसे १५ अगस्त, १९४७ से छल से रोका गया है| {भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७, अनुच्छेद ६ (ब)(।।) भारतीय संविधान व राष्ट्कुल की सदस्यता}. हम पर आरोप है कि हमने मस्जिदों में बम विष्फोट कराए हैं| हम जानना चाहते हैं कि मस्जिद में बम विष्फोट कराना अपराध कैसे है? भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ के अधीन हमारा कानूनी अधिकार क्यों नहीं?

आप को कौन सी सरकार चाहिए? वैदिक राजतन्त्र जिसमें १८३५ तक मैकाले को पूरे भारत में एक भी चोर या भिखारी नहीं मिला या लोकतंत्र जिसमे सभी चोर हैं|

वैदिक सनातन संस्कृति के बचने के सभी मार्ग अवरुद्ध कर दिये गए हैं| आप को वीर्यवान बनाने के शिक्षा केन्द्र गुरुकुलों को नष्ट कर दिया गया| आप आत्मरक्षा के लिये शस्त्र भी नहीं रख सकते| यदि आप स्वयं का एवं मानव जाति का भला करना चाहते हों तो गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित करने, प्रजा को सम्पत्ति और पूँजी रखने का अधिकार देने और वैदिक सनातन धर्म की आधार शिलाओं गायत्री, गीता, गंगा और गो की रक्षा के लिए आर्यावर्त सरकार को सहयोग दीजिये| हम बैल आधारित खेती और गो वंश की वृद्धि को प्रोत्साहित करेंगे| इन को मिटाया जा रहा है| हम पुनः इंडिया को सोने की चिड़िया भारत बनाना चाहते हैं|

धृतराष्ट्र के न्यायपालिका ने जुए में हारने के बाद पांडवों को निर्णय दिया था कि दास के अधिकार नहीं होते| इंडिया ब्रिटिश उपनिवेश है और नागरिक अंग्रेजों का दास| ४ फरवरी, २०१४ को पहली बार पता चला कि ब्रिटिश इंडियन उपनिवेश में आपरेशन ब्लूस्टार इंदिरा के आड़ में एलिजाबेथ ने कराया था|

एक ओर वैदिक राजतंत्र है जिसमें मैकाले को एक भी चोर या भिखारी नहीं मिला और दूसरी ओर ब्रिटिश इंडियन उपनिवेश, जिसमे सभी चोर और भिखारी हैं|

एक ओर वैदिक राजतंत्र है जिस व्यवस्था के महाराज अश्वपतिने कहा था

न  मे  स्तेनो  जनपदे   न   कदर्यो  न  मद्यपः ।

नानाहिताग्निर्नाविद्वान्न स्वैरी स्वैरिणी कुतः ॥

(छान्दोग्योपनिषद ५/११/५)

मेरे राज्यमें न तो कोई चोर है, न कोई कृपण है, न कोई मदिरा पीनेवाला है, न कोई अनाहिताग्नि (अग्निहोत्र न करनेवाला) है, न कोई अविद्वान् है और न कोई परस्त्रीगामी ही है, फिर कुलटा स्त्री (वेश्या) तो होगी ही कैसे?’

दूसरी ओर ब्रिटिश इंडियन उपनिवेश है, जिसमे कोई नारी सुरक्षित नहीं| अब्रह्मी संस्कृतियों ने धरती की सभी नारियां मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप रखी हैं| (बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६).

एक ओर वैदिक राजतंत्र है जिसके राम चरित मानस की पंक्तियाँ उद्धृत कर रहा हूँ,

अनुज बधू भगिनी सुत नारी| सुनु सठ कन्या सम ए चारी|

इन्हहिं कुदृष्टि बिलोकइ जोई| ताहि बधें कछु पाप न होई||

राम चरित मानस, किष्किन्धाकाण्ड; ८;४

अर्थ: [श्री रामजी ने कहा] हे मूर्ख! सुन, छोटे भाई की स्त्री, बहिन, पुत्रवधू और कन्या – ए चारों समान हैं| इनको जो कोई बुरी दृष्टि से देखता है, उसे मारने में कुछ भी पाप नहीं होता|

और दूसरी ओर अब्रह्मी संस्कृतियां जिनमें बेटी व पुत्रवधू से विवाह की छूट है| कुमारी माएं सम्माननीय हैं|

http://www.aryavrt.com/kautumbik-vyabhichar 

http://www.aryavrt.com/muj13w51a-yaun-shoshan

वैदिक सनातन संस्कृति की मान्यता है कि यदि आप का धन गया तो कुछ नहीं गया| यदि आप का स्वास्थ्य गया तो आधा चला गया| लेकिन यदि आप का चरित्र गया तो सब कुछ चला गया| इसके विपरीत भारतीय संविधान से पोषित इस्लाम, समाजवाद व लोक लूट तंत्र में मानव मूल्यों व चरित्र के लिए कोई स्थान नहीं है।

अब्रह्मी संस्कृतियां और प्रजातंत्र अपने अनुयायियों में अपराध बोध को मिटा देते हैं। ज्यों ही कोई व्यक्ति इन मजहबों या कार्लमार्क्स के समाजवाद अथवा प्रजातंत्र में परिवर्तित हो जाता है, उसके लिए लूट, हत्या, बलात्कार, दूसरों को दास बनाना, गाय खाना, आदमी खाना आदि अपराध नहीँ रह जाता, अपितु वह जीविका, मुक्ति, स्वर्ग व गाजी की उपाधि का सरल उपाय बन जाता है।

संविधान के अनु० ३१ प्रदत्त सम्पत्ति के जिस अधिकार को अँगरेज़ और संविधान सभा के लोग न लूट पाए, उसे सांसदों और जजों ने मिल कर लूट लिया और अब तो इस अनुच्छेद को भारतीय संविधान से ही मिटा दिया गया है| इसे कोई भ्रष्टाचार नहीं मानता! (एआईआर, १९५१, एससी ४५८)

अमेरिका आज भी है, लेकिन लाल भारतीय और उनकी माया संस्कृति मिट गई| इंडिया तो रहेगा| लेकिन वैदिक सनातन संस्कृति और भारत के मूल निवासी न रहेंगे| चुनाव द्वारा भी इनमें कोई परिवर्तन सम्भव नहीं| बचना हो तो अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार को सहयोग दीजिये| यह युद्ध मात्र हम लड़ सकते हैं| चर्चों व मस्जिदों से ईसाई व मुसलमान को कत्ल करने की शिक्षा दी जाती है| अतएव चर्च व मस्जिद नष्ट करना भारतीय दंड संहिता के धारा १०२ के अधीन सबका कानूनी अधिकार है| हमने बाबरी ढांचा गिराया है| हम मालेगांव व अन्य मस्जिदों में विष्फोट के अभियुक्त हैं| हमारे ९ अधिकारी २००८ से जेलों में बंद हैं| जिन लोगों को अपना जीवन, अपनी आजादी और अपनी नारियों का और अपना सम्मान चाहिए, वे हमे सहयोग दें तो हम अब्रह्मी संस्कृतियों को नहीं रहने देंगे|

http://www.aryavrt.com/Home/aryavrt-in-news

http://www.aryavrt.com/malegaon-notice-crpc160

याद रखें! भारतीय संविधान का संकलन आप की हत्या करने के लिए किया गया है| या तो बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान रहेगा अथवा वैदिक सनातन संस्कृति|

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, फोन ९१५२५७९०४१

Registration Number is : DARPG/E/2014/00417

 17-02-2014

Comments