Muj14W01A CrPC196 Rem01



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 19 Year 19 ISSUE 01A, Jan. 03- Jan. 09, 2014. This issue is Muj14W01A CrPC196 Rem01


Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com



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मस्जिद होने का मतलब

विषय: अभियोग वापसी हेतु|

सन्दर्भ: प्राथमिकी संख्याएं ४०६/२००३ व १६६/२००६ थाना नरेला| (विचाराधीन) MM वि० संदीप गुप्ता रोहिणी|


सेवा में,


सुश्री अर्चना अरोरा, प्रमुख सचिव, गृह, दिल्ली सरकार|


महोदया,


कृपया मेरे पिछले पत्र GNCTD/E/2013/03271 दिनांक ५ दिसम्बर, २०१३ का सन्दर्भ लें| आप ने मेरे पत्र के प्राप्ति की सूचना नहीं दी| आप उत्तर दे भी नहीं सकतीं| क्योंकि आप ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया की दासी हैं|


भारतीय संविधान का संकलन मानव मात्र के मृत्यु अन्यथा दास बनाने का फंदा है| इसका संकलन वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए किया गया है| आप को कोई स्व(अपना)राज नहीं मिला| इंडिया आज भी ब्रिटिश उपनिवेश है| {भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७ व अनुच्छेद ६ (ब)(।।) भारतीय संविधान व राष्ट्रकुल का सदस्य}. आप ने अपनी धरती, [(कुरान २:२५५) व (बाइबल, लूका १९:२७)], सम्पत्ति [(बाइबल, व्यवस्था विवरण २०:१३-१४), (कुरान ८:१, ४१ व ६९), नारियां [(बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६)], जीने का अधिकार [(बाइबललूका १९:२७) व (कुरान, सूरह  अल अनफाल ८:३९)], अपने पूजा स्थल [(कुरान, बनी इस्राएल १७:८१ व कुरानसूरह अल-अम्बिया २१:५८). (बाइबलव्यवस्था विवरण १२:१-३)] और उपासना की आजादी (अज़ान, कुरान ३:१९) गवां दी है| क्या आप ब्रिटेन की दासता से मुक्ति हेतु हमारे अभियोग वापस करा सकती हैं?


चीन के युद्ध विशेषज्ञ ­­सन चू ने कहा है शत्रु की रणनीति जानो, तुम पराजित नहीं हो सकते और बिना युद्ध लड़े ही शत्रु को शक्तिहीन और पराजित कर वश में कर लेना सर्वोत्तम है| ईसाइयत और इस्लाम का अविष्कार बिना युद्ध लड़े मानवमात्र को दास बनाने के लिये किया गया है| खतने पर अपने शोध के पश्चात १८९१ में प्रकाशित अपने ऐतिहासिक पुस्तक में चिकित्सक पीटर चार्ल्स रेमोंदिनो ने लिखा है कि पराजित शत्रु को जीवन भर पुंसत्वहीन कर (वीर्यहीन कर) दास के रूप में उपयोग करने के लिए शिश्न के अन्गोच्छेदन या अंडकोष निकाल कर बधिया करने (जैसा कि किसान सांड़ के साथ करता है) से खतना करना कम घातक है| पीटर महोदय यह बताना भूल गए कि दास बनाने के लिए खतने से भी कम घातक वेश्यावृत्ति को संरक्षण देना है| मूसा से लेकर सोनिया तक सब वही कर रहे हैं| विशेष विवरण के लिये नीचे की लिंक पर क्लिक करें:-


http://en.wikipedia.org/wiki/Peter_Charles_Remondino


http://www.aryavrt.com/veerya-1


(अ)ब्राह्मी संस्कृतियां खतना और इन्द्र की भांति मेनकाओं के प्रयोग द्वारा वीर्यहीन कर  दास बनाती हैं| किसान को सांड़ को दास बना कर खेती के योग्य बैल बनाने के लिए सांड़ का बंध्याकरण करना पड़ता है, लेकिन लूट और यौनाचार के लोभ में यहूदी और मुसलमान मजहब की आड़ में स्वेच्छा से गाजे बाजे के साथ वीर्यहीन बनने के लिए खतना कराते हैं और स्वेच्छा से अपने ब्रह्मतेज को गवां देते हैं| जीवन भर रोगी, अशक्त और दास बन कर जीते हैं| यहाँ विश्वामित्र और मेनका का प्रसंग प्रासंगिक है| इंद्र ने वीर्यवान विश्वामित्र को पराजित करने के लिए मेनका का उपयोग किया| मूसा और मुहम्मद ने तो इंद्र की भांति धरती की सभी नारियां मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप रखी हैं| (बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६). इतना ही नहीं ईसा ने बेटी (बाइबल, , कोरिन्थिंस ७:३६) से विवाह की छूट दी है| अल्लाह ने मुहम्मद का निकाह उसकी पुत्रवधू जैनब (कुरान, ३३:३७-३८) से किया और ५२ वर्ष के आयु में ६ वर्ष की आयशा से मुहम्मद का निकाह किया|


ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया का हर लोकसेवक बिना लड़े ही वीर्यहीन, पराजित दास हो कर अपने ही सर्वनाश का उपकरण बन गया है| लोकसेवक अपनी ही सन्ततियों और वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए नियुक्त किये गए हैं| पराधीन लोकसेवक बेबस हैं| एक बार बाला सोनिया ने, निर्विरोध, पूरे मानव जाति को वीर्यहीन कर, सबके प्राणों को संकट में डाल कर, अपने अधीन कर रखा है| किसी के पास सोनिया के विरोध का साहस नहीं!


वैदिक सनातन धर्म किसी भी अन्य धर्म के लिए कोई निहित शत्रुता के बिना एक ऐसी संस्कृति है. जो केवल वसुधैव कुटुम्बकम के बारे में बात करती है. इसके आचार, मूल्य और नैतिकता सांप्रदायिक नहीं - सार्वभौमिक हैं| वे पूरी मानव जाति के लिए हर समय लागू हैं| इसका दर्शन मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, म्यांमार, जापान, चीन, अफगानिस्तान और कोरिया में फैल गया था| एक बार अमेरिका में चीन के राजदूत ने कहा, “भारत एक भी सैनिक बाहर भेजे बिना तमाम देशों पर विजय प्राप्त करने वाला दुनिया में एकमात्र देश है"


ईश्वर ने मनुष्य को वीर्य के रुप में अपनी सारी शक्ति दी है। वैदिक सनातन धर्म वीर्य को साक्षात ईश्वर का पर्याय मानता है| इसके किसी भी तरह के क्षरण को घृणित पाप मानता है| विद्या मात्र ब्रह्मविद्या है और ज्ञान मात्र ब्रह्मज्ञान| वीर्यरक्षा के बिना ब्रह्मज्ञान सम्भव नहीं| वीर्यरक्षा की शिक्षा गुरुकुलों में निःशुल्क दी जाती थी, जिसे मानवमात्र को भेंड़ बनाने के लिए मैकाले, जिसे १८३५ ई० तक पूरे भारत में एक भी भिखारी या चोर नहीं मिला, ने मिटा दिया| क्यों कि तब वैदिक सनातन धर्म आधारित राजतंत्र था| अब सोनिया महंगी यौनशिक्षा लागू कर चुकी है| पढ़ें मेरी पुस्तकअज़ान| क्या आप गुरुकुलों की पुनर्स्थापना में आर्यावर्त सरकार की सहायता करेंगी?


जेहोवा और अल्लाह मूसा और मुहम्मद के बिचौलिये और मनुष्य को दास बना कर लूटने के लिए मुखौटे हैं| इनका अस्तित्व ही नहीं है| मनुष्य के वीर्य की शक्ति को मिटाने का प्रथम प्रयास मूसा ने किया| मुहम्मद ने मूसा का नकल किया| सैतानों मूसा और मुहम्मद ने खतना को मजहब से जोड़ दिया है| किसान को सांड़ को दास बना कर खेती के योग्य बैल बनाने के लिए सांड़ का बंध्याकरण करना पड़ता है, लेकिन लूट और यौनाचार के लोभ में यहूदी और मुसलमान मजहब की आड़ में स्वेच्छा से गाजे बाजे के साथ वीर्यहीन बनने के लिए खतना कराते हैं और स्वेच्छा से अपने ब्रह्मतेज को गवां देते हैं|


ईसाइयत के प्रसार हेतु माउन्टबेटन ने, इंद्र के मेनका की भांति, अपनी पत्नी एडविना को नेहरू व जिन्ना को सौंप दिया| क्या आप अपने वैदिक सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए हमारे अभियोग वापस करा सकती हैं?


भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) का संकलन कर ईसाइयत और इस्लाम को इंडिया में वैदिक सनातन धर्म को मिटाने व सबको अपना दास बनाने के लिए रखा गया है| सोनिया के साम्प्रदायिक साम्राज्य विस्तारवादी ईसा को अर्मगेद्दन द्वारा धरती पर केवल अपनी पूजा करानी है| मस्जिदों से प्रसारित कुरान के अनुसार अल्लाह व उसके साम्प्रदायिक साम्राज्य विस्तारवादी इस्लाम ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है| धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है| (कुरान ८:३९) काफ़िर को कत्ल करना व दार उल हर्ब धरती को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का मजहबी अधिकार है| जिसके विरुद्ध जज सुनवाई नहीं कर सकता| (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). हिरण्यकश्यप की दैत्य संस्कृति न बची और केवल उसी की पूजा तो हो न सकी, अब ईसा और ईसाइयत की बारी है| चुनाव द्वारा भी इनमें कोई परिवर्तन सम्भव नहीं|


क्या आप भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) को रद्द करने में मेरी सहायता कर सकती हैं?


http://en.wikipedia.org/wiki/Armageddon


मैं, अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, आर्यावर्त सरकार का सूचना सचिव हूँ| आर्यावर्त सरकार की कोई प्रजा नहीं है और ब्रिटिश उपनिवेश के मात्र १५०० वर्ग गज की सीमाओं में सीमित है, जिसे छीनने के लिए सोनिया प्रयासरत है| आर्यावर्त सरकार के पास मात्र धर्म है, जो संसार में आज किसी के पास नहीं है| बिना शक्ति के धर्म की रक्षा नहीं हो सकती और बिना वीर्य के शक्ति नहीं मिल सकती|


भारतीय  दंड संहिता की धारा १०२ से प्राप्त अधिकार से हमने बाबरी ढांचा गिराया है और हमारे अधिकारी मक्कामालेगांव आदि के विष्फोट में बंद हैं| क्यों कि विवाद का मूल बिंदु है कि अपराध स्थल मस्जिद धरती पर क्यों रहें? मस्जिद बचाने वाले आत्मघाती हैं| क्या आप अज़ान और मस्जिद को मिटाने में आर्यावर्त सरकार की सहायता करेंगी?


अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, फोन ९१५२५७९०४१


http://pgportal.gov.in


Registration Number is : GNCTD/E/2013/03529






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AyodhyaP Tripathi,
Dec 29, 2013, 3:27 PM
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AyodhyaP Tripathi,
Dec 29, 2013, 3:28 PM
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