Muj13W52C Vedikdharm


मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18 ISSUE 52C, Dec 20-26, 2013. This issue is Muj13W52C Vedikdharm

Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com

 


प्राक्कथन

इस लेख के अंत में प्रस्तावित शपथपत्र की आवश्यकता क्यों पड़ी?

स्वतंत्रता आप का जन्मसिद्ध अधिकार है| जिसके लिए आप के पूर्वज सदैव लड़ते रहे| अंततः आप के पूर्वज १८५७ से १९४७ तक भी प्रयत्नशील रहे – लेकिन लोकसेवक सहित नागरिक आज भी दास हैं| भारत आज भी ब्रिटिश उपनिवेश है| {भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७ व भारतीय संविधान का अनुच्छेद ६ (ब)(।।)}. भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) ईसाई व मुसलमान सहित किसी को भी सम्पत्ति और पूँजी रखने का अधिकार नहीं देता| राष्ट्रपति, राज्यपाल, लोकसेवक और जज सभी अल्लाह या ईसा के अपराधी हैं| ईसाइयों व मुसलमानों को पद, प्रभुता और पेट के विवशता में बचा रहे हैं| इनके पास कोई विकल्प नहीं है| या तो ईसाइयत / इस्लाम स्वीकार करें, अथवा अपने आखों के सामने अपनी नारियों का बलात्कार कराएँ, शासकों (सोनिया) की दासता स्वीकार करें अथवा जेल जाएँ| इन के अपराध परिस्थितिजन्य हैं, जिनके लिए भारतीय संविधान उत्तरदायी है| ईसाई व मुसलमान दोनों को इंडिया में वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए रोका गया है| यह लोग लड़ाई नहीं लड़ सकते| सोनिया के देश पर आधिपत्य को स्वीकार करते ही आप ही नहीं, सारी मानव जाति ईसा की भेंड़ हैं| फिरभी भारतीय संविधान, अज़ान, मस्जिद और चर्च का एक भी विरोधी नहीं| यदि यह लोग जीवित रहना चाहते हों तो हमें गुप्त सहयोग दें|

चीन के युद्ध विशेषज्ञ ­­सन चू ने कहा है शत्रु की रणनीति जानो, तुम पराजित नहीं हो सकते और बिना युद्ध लड़े ही शत्रु को शक्तिहीन और पराजित कर वश में कर लेना सर्वोत्तम है|  ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया का हर लोकसेवक बिना लड़े ही वीर्यहीन, पराजित दास हो कर अपने ही सर्वनाश का उपकरण बन गया है| लोकसेवक अपनी ही सन्ततियों और वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए नियुक्त किये गए हैं| बार बाला सोनिया ने पूरे मानव जाति को वीर्यहीन कर सबके प्राणों को संकट में डाल कर अपने अधीन कर रखा है| किसी के पास सोनिया के विरोध का साहस नहीं!

मै डेनिअल वेबस्टर के कथन से पूरी तरह सहमत हूँहमको मिटाने के लिए किसी भी राष्ट्र के पास शक्ति नहीं है| हमारा विनाश, यदि आएगा, तो वह दूसरे प्रकार से आएगा| वह होगा सरकार के षड्यंत्र के प्रति जनता की लापरवाही| ... मुझे भय है कि जनता अपने उन लोकसेवकों पर अत्यधिक विश्वास करेगी, जिन्हें स्वयं अपने ही सर्वनाश के लिए (सोनिया द्वारा) हथियार बना लिया गया है|

हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग संस्कृतियों का युद्ध लड़ रहे हैं| ईसाइयत और इस्लाम मनुष्य को दास बनाने वाली अब्रह्मी संस्कृतियाँ हैं| इसका प्रमाण स्वयं एक ईसाई ने दिया है| खतने पर अपने शोध के पश्चात १८९१ में प्रकाशित अपने ऐतिहासिक पुस्तक में चिकित्सक पीटर चार्ल्स रेमोंदिनो ने लिखा है कि पराजित शत्रु को जीवन भर पुंसत्वहीन कर (वीर्यहीन कर) दास के रूप में उपयोग करने के लिए शिश्न के अन्गोच्छेदन या अंडकोष निकाल कर बधिया करने (जैसा कि किसान सांड़ के साथ करता है) से खतना करना कम घातक है| पीटर महोदय यह बताना भूल गए कि दास बनाने के लिए खतने से भी कम घातक वेश्यावृत्ति को संरक्षण देना है| मूसा से लेकर सोनिया तक सब वही कर रहे हैं| विशेष विवरण के लिये नीचे की लिंक पर क्लिक करें:-

http://en.wikipedia.org/wiki/Peter_Charles_Remondino

http://www.aryavrt.com/veerya-1

मूसा, ईसा और मुहम्मद ने अपने अनुयायियों को मूर्ख बनाया है| वीर्यहीन कर दास बनाने की कला में निपुण वे मर गए और अपना उत्तराधिकार शासकों और पुरोहितों को सौंप गए| ईसाई और मुसलमान स्वयं दास हैं और मानवमात्र को दास बनाना अन्यथा कत्ल कर देना उनका दायित्व है| जिनकी पूर्ति वे चर्चों व मस्जिदों से करते हैं| यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से प्रायोजित व राष्ट्रपति और राज्यपालों द्वारा शपथ लेकर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण से युक्त है|

किसी भी हरे भरे वृक्ष को नष्ट करने के लिए एक गिद्ध का निवास ही पर्याप्त है| इसी प्रकार किसी भी संस्कृति को मिटाने के लिए एक मुसलमान या ईसाई का निवास पर्याप्त है| अकेला कोलम्बस अमेरिका के लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल गया| अकेले मैकाले ने संस्कृत भाषा और निःशुल्क वीर्यरक्षा की शिक्षा देने वाले गुरुकुलों को नष्ट कर दिया| सोनिया ने यौनशिक्षा लागू की| विवाह संस्कार को समाप्त कर रही और वेश्यावृत्ति को प्रोत्साहित कर रही है| अकेला मुहम्मद अपने आश्रय दाता यहूदियों के तीन प्रजातियों बनू कैनुका, बनू नजीर और बनू कुरेज़ा को निगल गया| वैदिक सनातन धर्म अभी तक मिटा नहीं है| माउन्टबेटन ने ईसाइयत और इस्लाम को १९४७ में रोका| भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) का संकलन कर इनको दास बनाने, लूट – मार की संस्कृतियों को बनाये रखने का असीमित मौलिक अधिकार दिया| धर्मान्तरण का अधिकार दिया| मुस्लिम निजी कानून दिया| सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से हज अनुदान और ईमामों को वेतन दिया जा रहा है| फिर भी वैदिक सनातन धर्म मिटा नहीं| अब इसे मिटाने के लिए साम्प्रदायिक और लक्षित हिंसा अधिनियम,२०११ पास किया जायेगा| यदि आप को वैदिक सनातन धर्म, जीवन और सम्मान बचाना हो तो हिंदू धर्म का परित्याग कीजिए| वेदिकपंथी बनिए|

http://www.aryavrt.com/kautumbik-vyabhichar

इसके अतिरिक्त देश की छाती पर सवार जेसुइट सोनिया ने निम्नलिखित शपथ ली हुई है:-

“… मै यह भी प्रतिज्ञा करती हूँ कि जब भी अवसर आएगा, मै खुले रूप में पंथद्रोहियों से, फिर वे प्रोटेस्टैंट हों या उदारवादी, पोप के आदेश के अनुसार, युद्ध करूंगी और विश्व से उनका सफाया करूंगी और इस मामले में मै उनकी आयु का विचार करूंगी, लिंग का, परिस्थिति का| मै उन्हें फांसी पर लटकाऊंगी, उन्हें बर्बाद करूंगी, उबालूंगी, तलूंगी और (उनका) गला घोटूंगी| इन दुष्ट पंथ द्रोहियों को जिन्दा गाडून्गी| उनकी स्त्रियों के पेट और गर्भाशय चीर कर उनके बच्चों के सिर दीवार पर टकराऊँगी, जिससे इन अभिशप्त लोगों की जाति का समूलोच्छेद हो जाये| और जब खुले रूप से ऐसा करना सम्भव हो तो मै गुप्त रूप से विष के प्याले, गला घोटने की रस्सी, कटार या सीसे की गोलियों का प्रयोग कर इन लोगों को नष्ट करूंगी| ऐसा करते समय मै सम्बन्धित व्यक्ति या व्यक्तियों के पद, प्रतिष्ठा, अधिकार या निजी या सार्वजनिक स्थिति का कोई विचार नहीं करूंगी| पोप, उसके एजेंट या जीसस में विश्वास करने वाली बिरादरी के किसी वरिष्ठ का जब भी, जैसा भी निर्देश होगा, उसका मै पालन करूंगी|”

http://www|reformation|org/jesuit_oath_in_action|html

सोनिया, उसके बेटा, बेटी और दामाद सभी कैथोलिक ईसाई हैं| इंडिया के उन नागरिकों, जिन्होंने वोट देकर सोनिया व राहुल को संसद में भेजा है, को सोनिया और राहुल इंडिया के मुसलमानों सहित अपने मतदाताओं के आँखों के सामने उनके घर लूट कर, उनके बच्चों को पटक कर मरवा कर और उनकी नारियों का बलात्कार करा कर धन्यवाद देंगे| (बाइबल, याशयाह १३:१६)

Http://en.wikipedia.org/wiki/Armageddon

सत्ता का हस्तांतरण १५ अगस्त, १९४७ को हुआ और २६ जनवरी, १९५० को देश के नागरिकों पर भारतीय संविधान थोपा गया| यह विचित्र है कि भारतीय संविधान के संकलनकर्ता अम्बेडकर ने राज्य सभा में २ सितम्बर, १९५३ को कहा था, इस संविधान को आग लगाने की जिस दिन जरूरत पड़ेगी, मैं पहला व्यक्ति रहूंगा जो इसे आग लगाउॅंगा। भारतीय संविधान किसी का भला नहीं करता|“ (यह कथन राज्य सभा की कार्यवाही का हिस्सा है।) इस कथन से नेहरु कुपित हो गया| नारो के अध्यक्ष डीके गुप्ता के अनुसार नेहरु के सहयोग से भरतपुर नरेश श्री बच्चू सिंह ने श्री अम्बेडकर को राज्य सभा के भीतर, तमाम सांसदों की उपस्थिति में, गोली मार दिया और किसी को विरोध करने का साहस नहीं हुआ| न किसी को पता है!

यदि आप स्वयं का एवं मानव जाति का भला करना चाहते हों तो गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित करने में मेरी सहायता करिये| हम भारत को बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान से मुक्त कर पुनः सोने की चिड़िया बनायेंगे| प्रजा को सम्पत्ति और पूँजी रखने का अधिकार देंगे| गायत्री, गीता, गंगा और गो वैदिक सनातन धर्म की आधार शिलाएं हैं| इन को पुर्स्थापित करेंगे| बैल आधारित खेती और गो वंश की वृद्धि को प्रोत्साहित करेंगे|

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, फोन ९१५२५७९०४१


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AyodhyaP Tripathi,
Dec 21, 2013, 10:08 PM
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AyodhyaP Tripathi,
Dec 21, 2013, 9:54 PM
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