Muj13W51A Yaun Shoshan


मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18 ISSUE 51A, Dec. 13- Dec. 19, 2013. This issue is Muj13W51A Yaun Shoshan

Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com

 


Muj13W51A Yaun Shoshan

विषय: न्यायमूर्ति गांगुली द्वारा यौनशोषण

http://www.samaylive.com/nation-news-in-hindi/242706/at-first-sight-conduct-offensive-of-justice-ak-ganguly.html

सेवा में,

मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय, नयी दिल्ली|

आर्यावर्त सरकार न्यायमूर्ति ए० के० गांगुली के विरुद्ध यौन उत्पीड़न के अपराध का संज्ञान लेने के लिए ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया के सरकार और न्यायपालिका का स्वागत करती है और मांग करती है कि, इंद्र के मेनका की भांति, यौन शोषण के क्रिश्ती बाइबल और इस्लामी कुरान के निम्नलिखित आदेशों और ईसाइयों और मुसलमानों के व्यवहारों के विरुद्ध त्वरित कार्यवाही की जाये:-

“यदि कोई सोचता है कि वह अपनी युवा हो चुकी कुंवारी बेटी (प्रिया) के प्रति उचित नहीं कर रहा है और यदि उसकी कामभावना तीव्र है, तथा दोनों को ही आगे बढ़ कर विवाह कर लेने की आवश्यकता है, तो जैसा वह चाहता है, उसे आगे बढ़ कर वैसा कर लेना चाहिए. वह पाप नहीं कर रहा है. उन्हें विवाह कर लेना चाहिए. (बाइबल, १ कोरिन्थिंस ७:३६)” 

https://www.christiancourier.com/articles/950-does-the-bible-conflict-with-itself-in-the-matter-of-incest

अल्लाह ने मुहम्मद के बेटे जैद  की पत्नी से मुहम्मद का निकाह किया.

“३७. याद करो (ऐ नबी), जबकि तुम उस व्यक्ति से कह रहे थे जिस पर अल्लाह ने अनुकम्पा की, और तुमने भी जिस पर अनुकम्पा की कि, ‘अपनी पत्नी को अपने पास रोके रखो और अल्लाह का डर रखो, और तुम अपने जी में उस बात को छिपा रहे हो जिसको अल्लाह प्रगट करने वाला है.  तुम लोगों से डरते हो, जबकि अल्लाह इसका ज्यादा हक रखता है कि तुम उससे डरो.अतः जब जैद उस (जैनब) से अपनी जरूरत पूरी कर चुका तो हमने उसका (जैनब का) तुमसे निकाह कर दिया, ताकि इमानवालों पर अपने मुंह बोले बेटों की पत्नियों के मामले में कोई तंगी न रहे जबकि वे उनसे अपनी जरूरत पूरी कर लें. अल्लाह का फैसला तो पूरा हो कर ही रहता है. (कुरान सूरा ३३, अल-अहजाब आयत ३७)

“३८. नबी पर उस काम में कोई तंगी नहीं जो अल्लाह ने उसके लिए ठहराया हो. यही अल्लाह का दस्तूर उन लोगों के बारे में भी रहा है जो पहले गुजर चुके हैं-और  अल्लाह का काम तो जंचा-तुला होता है.” (कुरान सूरा ३३, अल-अहजाब आयत ३८)

इसायाह का ग्रन्थ : अध्याय १३ नियम १६  (बाइबल, लूका २४:४४) के साथ पठनीय: उनके (गैर ईसाइयों के) बाल-बच्चे उनके साम्हने पटक दिए जाएंगे और उनके घर लूटे जाएंगे, और उनकी स्त्रियां भ्रष्ट की जाएंगी।“ (बाइबल, व्यवस्था विवरण २०:१४) भी देखें|

http://www.biblemitr.com/bible.php?BookType=OLD&BookID=29&Chapter=13

"अपनी पत्नियों के साथ (और) जो औरतें तुम्हारे कब्जे में हों; उनके साथ सहवास करने में कोई निंदनीय काम नहीं है" कुरान, सूरा -मआरिज ७०:३० व २३:६

देखें नीचे उद्धृत लिंक पर:-

http://bhaandafodu.blogspot.in/2012_01_01_archive.html

जो उपलब्धि इस्लाम ई० स० ७१२ से ई० स० १८३५ तक अर्जित कर सका, गुरुकुल मिटा कर उससे अधिक ईसाइयत ने मात्र ई० स० १८३५ से ई० स० १९०५ के बीच अर्जित कर लिया और सोनिया ने मात्र ३ वर्षों में यौनशिक्षा लागू कर| हम वैदिक सनातन धर्म के अनुयायी अभी भी बेटी (बाइबल १, कोरिन्थिंस :३६) से विवाह नहीं करते| कुमारी माताओं को संरक्षण और सम्मान नहीं देते| हमारा ईश्वर जारज(जार्ज) और प्रेत नहीं है| ईसाइयों का ईसा स्वयं जारज(जार्ज) है और उस ने प्रत्येक ईसाई परिवार को वैश्यालय बना दिया है| कुमारी माताएं प्रायः प्रत्येक ईसाई घरों में मिलती हैं| जारज(जार्ज) हमारे लिए अपमानजनक सम्बोधन हो सकता है, लेकिन अंग्रेजों का शासक परिवार सम्मानित जारज(जार्ज) है| इतना ही नहीं ईसाइयों का मुक्तिदाता ईसा ही जारज(जार्ज) व पवित्र? प्रेत है| हमारे इंडिया में ईसाई घरों में भी कुमारी माताएं नहीं मिलतीं| हमारी कन्याएं १३ वर्ष से भी कम आयु में बिना विवाह गर्भवती नहीं होतीं| हमारे यहाँ स्कूलों में गर्भ निरोधक गोलियाँ नहीं बांटी जाती| जज की कन्या को भी बिना विवाह बच्चे पैदा करने, यानी व्यभिचार के अधिकार का संयुक्त राष्ट्र संघ कानून पहले ही बना चुका है| [मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा| अनुच्छेद २५()]. विवाह या बिना विवाह सभी जच्चे-बच्चे को समान सामाजिक सुरक्षा प्रदान होगी|”].

हमारी कठिनाई यह है कि जजों ने भयवश मस्जिद, अज़ान, बाइबल और कुरान पर सुनवाई करने से ही मना कर रखा है| (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). सोनिया के दबाव में जजों ने सहजीवन (बिना विवाह यौन सम्बन्ध), समलैंगिक सम्बन्ध और सगोत्रीय विवाह (भाई-बहन यौन सम्बन्ध) को कानूनी मान्यता दे दी है| जजों की कृपा से जजों की कन्याएं भी मदिरालयों में दारू पीने और नाच घरों में नाचने के लिए स्वतन्त्र हैं| उज्ज्वला - नारायण दत्त तिवारी और आरुषि - हेमराज में जजों के फैसलों ने आने वाले समाज की दिशा निर्धारित कर दी है| जज वैश्यावृत्ति से अपनी नारियों को भी न बचा पाएंगे| शीघ्र ही जजों के घरों में भी कुमारी माएं उपलब्ध होंगी| सोनिया के सत्ता में आने के बाद सन २००५ से तीन प्रदेशों केरल, गुजरात और राजस्थान में स्कूलों में यौन शिक्षा लागू हो गई है| शीघ्र ही अमेरिका की भांति इंडियन स्कूलों में गर्भनिरोधक गोलियां बांटी जाएँगी|

उपरोक्त सच्चाइयों को लिखना या कहना भारतीय  दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ दंड के अधीन अपराध है| जिनका नियंत्रण दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन तब के वाइसराय जो अब राष्ट्रपति कहे जाते हैं, राज्यपाल और जिलाधीश में से किसी एक को दिया गया है| जजों के अधिकार शून्य हैं| क्या अब भी पराजित न्यायपालिका होश में आएगी? क्यों कि जजों ने मृत्यु के फंदे {भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१)} और पर भक्षी {भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग)} संविधान और कानूनों को बनाये रखने की शपथ ली है|

यह समझ से परे है कि जो जज स्वेच्छा से अनैतिक सम्बन्धों पर इतने संवेदनशील हैं, वे ही ईसाइयत और इस्लाम के बलात्कार - कुकर्मों पर आँख मूंदे क्यों बैठे हैं?

मै डेनिअल वेबस्टर के कथन से पूरी तरह सहमत हूँहमको मिटाने के लिए किसी भी राष्ट्र के पास शक्ति नहीं है| हमारा विनाश, यदि आएगा, तो वह दूसरे प्रकार से आएगा| वह होगा (सोनिया) सरकार के षड्यंत्र के प्रति जनता की लापरवाही| ... मुझे भय है कि जनता अपने उन लोकसेवकों पर अत्यधिक विश्वास करेगी, जिन्हें स्वयं अपने ही सर्वनाश के लिए (सोनिया द्वारा) हथियार बना लिया गया है|

चीन के युद्ध विशेषज्ञ ­­सन चू ने कहा है शत्रु की रणनीति जानो, तुम पराजित नहीं हो सकते और बिना युद्ध लड़े ही शत्रु को शक्तिहीन और पराजित कर वश में कर लेना सर्वोत्तम है|  ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया का हर लोकसेवक बिना लड़े ही वीर्यहीन, पराजित दास हो कर अपने ही सर्वनाश का उपकरण बन गया है| लोकसेवक अपनी ही सन्ततियों और वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए नियुक्त किये गए हैं| पराधीन लोकसेवक बेबस हैं| एक बार बाला सोनिया ने, निर्विरोध, पूरे मानव जाति को वीर्यहीन कर, सबके प्राणों को संकट में डाल कर, अपने अधीन कर रखा है|

खतने पर अपने शोध के पश्चात १८९१ में प्रकाशित अपने ऐतिहासिक पुस्तक में चिकित्सक पीटर चार्ल्स रेमोंदिनो ने लिखा है कि पराजित शत्रु को जीवन भर पुंसत्वहीन कर (वीर्यहीन कर) दास के रूप में उपयोग करने के लिए शिश्न के अन्गोच्छेदन या अंडकोष निकाल कर बधिया करने (जैसा कि किसान सांड़ के साथ करता है) से खतना करना कम घातक है| पीटर महोदय यह बताना भूल गए कि दास बनाने के लिए खतने से भी कम घातक वेश्यावृत्ति को संरक्षण देना है| सोनिया यही कर रही है| सभी असहाय देख रहे हैं| पूरा विवरण देखें:-

http://en.wikipedia.org/wiki/Peter_Charles_Remondino

यह संस्कृतियों का युद्ध है और इसे आतताई ईसाइयत और इस्लाम को संरक्षण देकर नहीं लड़ा जा सकता| या तो ईसाइयत और इस्लाम रहेगा अथवा वैदिक सनातन संस्कृति| भारतीय  दंड संहिता की धारा १०२ का प्रयोग करते हुए हमने बाबरी ढांचा भी गिराया है और मस्जिदों में विस्फोट भी कराए हैं| मेरे ९ साथी २००८ से मस्जिद और इस्लाम विरोध के कारण जेलों में बंद हैं| यदि वीर्यहीन व पराजित जज अपना कल्याण चाहें तो मेरे सहयोगियों को ससम्मान छोड़ने में आर्यावर्त सरकार की गुप्त सहायता करें| अन्यथा मिटने के लिए तैयार रहें|

Your Registration Number is : DEPOJ/E/2013/00987 

http://pgportal.gov.in

यह सार्वजनिक अभिलेख है| कोई भी व्यक्ति इस पर हुई कार्यवाही का उपरोक्त न० द्वारा ज्ञान प्राप्त कर सकता है|

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, फोन ९१५२५७९०४१

 

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AyodhyaP Tripathi,
Dec 8, 2013, 4:27 PM
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AyodhyaP Tripathi,
Dec 8, 2013, 4:28 PM
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