Muj13W49 PMNmo


मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18 ISSUE 49, Nov 29- Dec. 05, 2013. This issue is Muj13W49 PMNmo

Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com

 


Muj13W49 PMNmo

राहुल जी!

संगीत सोम जी का भाजपा सम्मान करेगी, यह जानकर सुखद आश्चर्य हुआ| क्यों कि सोम जी के सम्मान से मुसलमानों का नाराज होना एक कटु सत्य है| इससे मुसलमान भाजपा से दूर होंगे| नमो के प्रधानमंत्री बनने में कठिनाई होगी| नमो यदि प्रधानमंत्री बन भी जाएँ तो न तो आप को मुसलमानों को कत्ल करने से रोक सकते हैं {भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१)} और न आप के सम्पत्ति और उत्पादन के साधन लुटने से| {भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग)}. प्रधानमंत्री मनमोहन तो मुसलमानों का देश के संसाधनों पर पहला अधिकार दे चुके हैं| नमो कैसे रोक पाएंगे?

मैकाले ने निःशुल्क ब्रह्मचर्य के शिक्षा केंद्र गुरुकुलों को मिटाकर, किसान द्वारा सांड़ को बैल बनाकर दास के रूप में उपयोग करने की भांति, महँगी वीर्यहीन करने वाली यौनशिक्षा थोपकर मानवमात्र को अशक्त तो सन १८३५ के बाद ही कर दिया| २६ जनवरी, १९५० से, माउन्टबेटन ने, इंद्र के मेनका की भांति, अपनी पत्नी एडविना को नेहरू व जिन्ना को सौंप कर, ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया पर मृत्यु के फंदे व परभक्षी भारतीय संविधान को लादकर आप को अशक्त और पराजित कर रखा है| आप से आप की अपनी ही धरती छीन कर ब्रिटिश उपनिवेश बना लिया| मजहब के आधार पर पुनः दो भाग कर इंडिया और पाकिस्तान बना दिया| (भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७). माउन्टबेटन को इससे भी संतुष्टि नहीं हुई| उसने मौत के फंदे व परभक्षी भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) का संकलन करा कर सदा सदा के लिए आप की धरती को छीन कर संयुक्त रूप से मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप दिया| राष्ट्रपति और राज्यपाल वैदिक सनातन संस्कृति को समूल नष्ट करने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) व दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ द्वारा ईसाइयत और इस्लाम का परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण करने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद ६० व १५९ के अधीन विवश कर दिए गये हैं|

ईसाइयत और इस्लाम संस्कृतियों ने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया| लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए| ईसाइयत इस्लाम मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर संस्कृतियों को मिटा रहे हैं| वे हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो|" (बाइबल, लूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना)  बाकी रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये|" (कुरान, सूरह  अल अनफाल :३९).

खतने पर अपने शोध के पश्चात १८९१ में प्रकाशित अपने ऐतिहासिक पुस्तक में चिकित्सक पीटर चार्ल्स रेमोंदिनो ने लिखा है कि पराजित शत्रु को जीवन भर पुंसत्वहीन कर (वीर्यहीन कर) दास के रूप में उपयोग करने के लिए शिश्न के अन्गोच्छेदन या अंडकोष निकाल कर बधिया करने (जैसा कि किसान सांड़ के साथ करता है) से खतना करना कम घातक है| पूरा विवरण देखें:-

http://en.wikipedia.org/wiki/Peter_Charles_Remondino

विद्या मात्र ब्रह्मविद्या है और ज्ञान मात्र ब्रह्मज्ञान| वीर्यरक्षा के बिना ब्रह्मज्ञान सम्भव नहीं| वीर्यरक्षा की शिक्षा गुरुकुलों में निःशुल्क दी जाती थी, जिसे मानवमात्र को भेंड़ बनाने के लिए मैकाले ने मिटा दिया| ईश्वर ने मनुष्य को वीर्य के रुप में अपनी सारी शक्ति दी है। जेहोवा और अल्लाह मूसा और मुहम्मद के बिचौलिये और मनुष्य को दास बना कर लूटने के लिए मुखौटे हैं| इनका अस्तित्व ही नहीं है| मनुष्य के वीर्य की शक्ति को मिटाने का प्रथम प्रयास मूसा ने किया| मुहम्मद ने मूसा का नकल किया| सैतानों मूसा और मुहम्मद ने खतना को मजहब से जोड़ दिया है| किसान को सांड़ को दास बना कर खेती के योग्य बैल बनाने के लिए सांड़ का बंध्याकरण करना पड़ता है, लेकिन लूट और यौनाचार के लोभ में यहूदी और मुसलमान मजहब की आड़ में स्वेच्छा से गाजे बाजे के साथ वीर्यहीन बनने के लिए खतना कराते हैं और स्वेच्छा से अपने ब्रह्मतेज को गवां देते हैं|

यहाँ विश्वामित्र और मेनका का प्रसंग प्रासंगिक है| इंद्र ने वीर्यवान विश्वामित्र को पराजित करने के लिए मेनका का उपयोग किया| मूसा और मुहम्मद ने तो इंद्र की भांति धरती की सभी नारियां मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप रखी हैं| (बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६). इतना ही नहीं ईसा ने बेटी (बाइबल, , कोरिन्थिंस ७:३६) से विवाह की छूट दी है| अल्लाह ने मुहम्मद का निकाह उसकी पुत्रवधू जैनब (कुरान, ३३:३७-३८) से किया और ५२ वर्ष के आयु में ६ वर्ष की आयशा से उसका निकाह किया|

मल ही बल है और वीर्य ही जीवन| वीर्य अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों का दाता, स्वतंत्रता, परमानंद, ओज, तेज और स्मृति का जनक है| वीर्यहीन व्यक्ति अपनी इन्द्रियों व शासकों का दास ही बन सकता है, स्वतन्त्र नहीं रह सकता| भारतीय संविधान मानव मात्र को दास बनाने, लूटने और कत्ल करने की संहिता है| भारतीय संविधान, कुरान और बाइबल से मानव जाति के, डायनासोर की भांति, अस्तित्व को खतरा है| दैवी शक्तियाँ, परमानन्द और निरोग जीवन चाहिए तो गुरुकुलों को पुनर्जीवित करिये|

यहूदी या मुसलमान किसको पसंद करेंगे?

महामूर्ख यहूदी (बाइबल, उत्पत्ति २:१७) या मुसलमान (कुरान :३५) किसको पसंद करेंगे? ईश्वर को, जो उस के रग रग में सदा उस के साथ है, या जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो सातवें आसमान पर बैठा है और अपने अनुयायियों से मिल ही नहीं सकता? ईश्वर को, जो उस को आरोग्य, ओज, तेज, सिद्धि, निधि और स्मृति का स्वामी बनाता है या जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो उनका खतना करा कर दास बनाते हैं? ईश्वर को, जो उन को किसी भी देवता के उपासना की स्वतंत्रता देता है अथवा जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो मानवमात्र के उपासना की स्वतंत्रता छीनते हैं और दास बनाते हैं?

अपने पद, प्रभुता और पेट के लिए राष्ट्रपति और राज्यपाल को भारतीय संविधान और कानूनों के परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण की शपथ लेनी ही पड़ेगी| यानी राष्ट्रपति और राज्यपाल हर ईसाई (बाइबल, लूका १९:२७) व मुसलमान (कुरानसूरह  अल अनफाल ८:३९) को अपनी ही हत्या का अधिकार देने व अपनी वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए विवश हैं| ईमाम, जिन मस्जिदों से आप के हत्या की शिक्षा देते हैं, वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने की, काफिरों के नरसंहार की और काफिरों के इष्टदेवों की निंदा करते हैं, उनको सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश (एआईआर, एससी, १९९३, प० २०८६) पर राष्ट्रपति और राज्यपाल, वेतन दिलाते हैं| पुलिस संरक्षण देते हैं| काफिरों के कर के पैसे से मस्जिदों और हज भवनों का निर्माण कराते हैं| जो भी काफ़िर हत्या और ईशनिंदा के केंद्र मस्जिदों या ईमामों का विरोध करे – उसकी हत्या का निर्देश कुरान में (कुरआन ८:१७) है – जिसके विरुद्ध कोई जज सुनवाई ही नहीं कर सकता| (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). इतना ही नहीं! विरोध करने वालों को भारतीय  दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अधीन-राष्ट्रपति या राज्यपाल की दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ की संस्तुति द्वारा, जजों से, उत्पीडित कराया जा रहा है| यानी मानवजाति का संहार|

चीन के युद्ध विशेषज्ञ ­­सन चू ने कहा है शत्रु की रणनीति जानो, तुम पराजित नहीं हो सकते और बिना युद्ध लड़े ही शत्रु को शक्तिहीन और पराजित कर वश में कर लेना सर्वोत्तम है|  ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया का हर लोकसेवक बिना लड़े ही वीर्यहीन, पराजित दास हो कर अपने ही सर्वनाश का उपकरण बन गया है| लोकसेवक अपनी ही सन्ततियों और वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए नियुक्त किये गए हैं| पराधीन लोकसेवक बेबस हैं| एक बार बाला सोनिया ने, निर्विरोध, पूरे मानव जाति को वीर्यहीन कर, सबके प्राणों को संकट में डाल कर, अपने अधीन कर रखा है|

वीर्य महिमा के समर्थन में मुझे वर्तमान में एक ही प्रमाण देना है| शेर से कई गुने भारी हाथी सदैव झुण्ड में चलते हैं| फिर भी अकेले शेर से परास्त होते हैं| क्योंकि हाथी कामी होता है और शेर जीवन में एक बार सम्भोग करता है| अतः वीर्यवान|

एक ओर आप के वैदिक सनातन संस्कृति की वीर्यवान ब्रह्मचारी बना कर आप के ईशत्व को दिलाने वाले निःशुल्क गुरुकुल हैं और दूसरी ओर यौनशिक्षा वाली मंहंगी दास बनाने वाली शिक्षा ईसाइयत और इस्लाम| निर्णय मानवजाति को करना है कि वह किसे चुनेगी?

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, फोन ९१५२५७९०४१

 

ĉ
AyodhyaP Tripathi,
Nov 25, 2013, 8:01 AM
Ċ
AyodhyaP Tripathi,
Nov 25, 2013, 8:02 AM
Comments