Muj13W40 lv jihad


मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18  ISSUE 40, Sep 27-Oct 03, 2013This issue is Muj13W40 lv jihad

Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com

 


                       लव जिहाद

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट केपी सिंह ने सोम की जमानत याचिका नामंजूर कर दी. (नहीं नामंजूर करते तो राज्यपाल बनवारी CJM को ही जेल भेजवा देता). सोम को शनिवार को एक फर्जी वीडियो अपलोड करने में उनकी कथित भूमिका के कारण शनिवार को गिरफ्तार किया गया था. कहा जा रहा है कि उसी वीडियो के कारण मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे| लड़की से छेड़छाड़ का विरोध करने पर मुसलमानों द्वारा २ काफिरों की हत्या की दंगे में कोई भूमिका ही नहीं है! मस्जिद, जहाँ से काफिरों के हत्या की शिक्षा दी जाती है और काफिरों के इष्ट देवों की अजान द्वारा ईशनिंदा की जाती है, से भी सांप्रदायिक दंगे नहीं फैलते| क्यों कि काफिरों का नरसंहार, ईशनिंदा, लव जिहाद और हर काफ़िर नारी का बलात्कार करने का कुरान २३:६ के अधीन और भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से प्राप्त हर मुसलमान के पास असीमित मौलिक मजहबी अधिकार है| भारतीय  दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ , जिसके अधीन विधायक सोम बंदी बने हैं, का नियंत्रण दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन राष्ट्रपति और राज्यपाल के पास है|

मस्जिदों और चर्चों से ईशनिंदा के प्रसारण और जातिहिंसक शिक्षाओं को राष्ट्रपति और राज्यपाल भारतीय  दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अधीन राज्य के विरुद्ध अपराध नहीं मान सकते| लेकिन भारतीय  दंड संहिता की धाराओं १०२ व १०५ के अधीन अपराधी संस्कृतियों ईसाइयत और इस्लाम का विरोध भारतीय  दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अधीन राज्य के विरुद्ध गैर जमानती संज्ञेय अपराध है| इस अधिकार के संरक्षणपोषण व संवर्धन करने के लिये राज्यपाल बनवारी ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद १५९ अधीन शपथ ली है|

यही कारण है कि लड़की से छेड़छाड़ करने वाले, विरोध करने पर २ काफिरों की हत्या करने वाले और ७ सितम्बर’ १३ को पंचायत से लौटने  वाले काफिरों की हत्या करने वाले मुसलमानों के विरुद्ध विरोध का एक शब्द भी न तो सोनिया ने कहा और न मनमोहन ने| उमा भारती को रोका गया लेकिन मुसलमानों को सहायता पहुँचाने वाले बे रोकटोक आ जा रहे हैं| कैसे बचायेंगे अपनी नारियां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट केपी सिंह?

मीडिया के अनुसार गाँव के लोगों ने अपनी लडकियों को न पढ़ाने का निश्चय किया है| जो समस्या का समाधान नहीं हो सकता| क्योंकि इंडिया ब्रिटिश उपनिवेश है और नागरिक अंग्रेजों का दास| {भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७ व भारतीय संविधान, अनुच्छेद ६ (ब)(।।)}. दास के अधिकार नहीं होते| भारतीय संविधान कुटरचित, परभक्षी और आतताई अभिलेख है| {भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९() ३९()}. किसी को जीवित रहने और पूँजी व सम्पत्ति रखने का अधिकार नहीं देता| काफ़िर नारियों का बलात्कार भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से प्रायोजित है| जिसे नागरिक वोट द्वारा भी बदल नहीं सकता|

अपने जान-माल की रक्षा आप का प्राकृतिक मानवाधिकार है| ईसाइयत और इस्लाम आप को जीने का अधिकार नहीं देते| अगर आप को जीवित बचना है तो लोगों को मात्र इतना सत्य बताइए कि अजान, जो ईशनिंदा है, जिसके लिये इस्लाम में मृत्युदंड निर्धारित है और मस्जिद (जो मजहब के आधार पर साम्प्रदायिक विद्वेष और वैमनस्य की शिक्षा देने के केन्द्र हैं) रहे तो काफ़िर जीवित नहीं बच सकते|

मुसलमान, लोकसेवक, जज, राज्यपाल व मुख्यमंत्री सहित मीडियाकर्मी जान लें कि सोनिया संस्कृतियों का युद्ध लड़ रही है और उसका लक्ष्य वैदिक सनातन संस्कृति सहित धरती की सभी संस्कृतियों को मिटा कर अर्मगेद्दन द्वारा केवल ईसा की पूजा करवानी है|

Http://www.countdown.org/armageddon/antichrist.htm

अमेरिका आज भी है, लेकिन लाल भारतीय और उनकी माया संस्कृति मिट गई| सोनिया वैदिक सनातन संस्कृति मिटाएगी, आप का मांस खाएगी और लहू पीयेगी| (बाइबल, यूहन्ना ६:५३).  इंडिया तो रहेगा, लेकिन वैदिक सनातन संस्कृति और भारत के मूल निवासी न रहेंगे| मुलायम, अखिलेश व बनवारी भारतीय संविधान की शपथ लेकर उनकी अपनी ही वैदिक सनातन संस्कृति मिटाने के लिए विवश हैंबचना हो तो अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार को सहयोग दीजिये| आप के लिए यह युद्ध मात्र हम लड़ सकते हैं| ईसाइयत और इस्लाम को धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं है| चर्चों व मस्जिदों से ईसाई व मुसलमान को कत्ल करने की शिक्षा दी जाती है| अतएव चर्च व मस्जिद नष्ट करना भारतीय दंड संहिता के धारा १०२ के अधीन काफिरों का कानूनी अधिकार है| हमने कत्ल, लूट और नारी बलात्कार की शिक्षा का केंद्र बाबरी ढांचा गिराया है| हम मालेगांव व अन्य ऐसे केंद्र मस्जिदों में विष्फोट के अभियुक्त हैं| हमारे ९ अधिकारी २००८ से जेलों में बंद हैं| जिन लोगों को अपना जीवन, अपनी आजादी और अपनी नारियों का और अपना सम्मान व दासता से मुक्ति चाहिए, वे यदि हमे सहयोग दें तो हम ईसाइयत और इस्लाम को नहीं रहने देंगे|

 अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, फोन ९१५२५७९०४१

Your Request/Grievance Registration Number is : PRSEC/E/2013/15500

http://helpline.rb.nic.in/

This is a public document. Anyone can view the status from the web site by typing the above Request/Grievance Registration Number. There is no pass-word.

 

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AyodhyaP Tripathi,
Sep 28, 2013, 5:33 AM
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AyodhyaP Tripathi,
Sep 28, 2013, 5:36 AM
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