Muj13W38 Muzaffarnagar Danga


मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 


Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18 ISSUE 38, Sep 13-Sep 19, 2013. This issue is Muj13W38 Muzaffarnagar Danga

Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com

 


                       मुज़फ्फरनगर दंगा|

विकिपीडिया के अनुसार मुज़फ्फरनगर दंगा इसलिए भडका कि कवाल गांव में काफ़िर लड़की से छेड़छाड़ करने वाले मात्र एक मुसलमान शाहनवाज की हत्या के लिये ११ काफ़िर जेल में सड़ रहे हैं लेकिन २ काफिरों सचिन और गौरव की हत्या के लिये किसी मुसलमान पर अभियोग ही नहीं चला! ऐसा इसलिए सम्भव हुआ कि लोकसेवक सोनिया द्वारा मनोनीत राज्यपाल बनवारी के मातहत हैं| राज्यपाल बनवारी ने इस्लाम के संरक्षणपोषण व संवर्धन की शपथ ली है| छेड़छाड़ इस्लामी लव जिहाद का अभिन्न अंग है, जिसका, मजहबी आजादी के अधीन हर मुसलमान युवक के पास असीमित मौलिक मजहबी अधिकार है|

दंगा मौत के फंदे परभक्षी भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से प्रायोजित है|

भारतीय संविधान का अनुच्छेद(१) जाति हिंसक, बलात्कारी दासता पोषक है| देखें:-

अल्पसंख्यक-वर्गों के हितों का संरक्षण- "२९()- इंडिया के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को, जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाये रखने का अधिकार होगा|" भारतीय संविधान का अनुच्छेद(१) भाग मौलिक अधिकार|

काफ़िरों को यह ज्ञात होना चाहिए कि इस्लाम ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में व धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है| (कुरान :३९). राज्यपाल बनवारी के पुलिस के संरक्षण में मस्जिदों से ईमाम दिन में पांच समय अज़ान द्वारा इसकी स्पष्ट घोषणा करते हैं और खुतबे देते हैं कि काफ़िर मुसलमानों के खुले दुष्मन हैं| काफिरों को कत्ल कर दो| अज़ान और मस्जिद से दिए जाने वाले खुतबों के विरुद्ध काफ़िर शिकायत नहीं कर सकते और न जज सुनवाई कर सकता है| पुलिस किसी ईमाम के विरुद्ध आज तक अभियोग न चला सकी| मुसलमानों को काफिरों के नारियों का बलात्कार करने का अधिकार इस्लाम (कुरान २३:६) और लोकतन्त्रीय भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से प्राप्त है| इस असीमित मौलिक मजहबी अधिकार को संरक्षणपोषण व संवर्धन देने के लिए सोनिया के मनोनीत राष्ट्रपति राज्यपाल, विवश हो कर, शपथ लेते हैं| [भारतीय संविधान के अनुच्छेद ६० व १५९). लव जिहाद को संरक्षणपोषण व संवर्धन देने के लिए राष्ट्रपति और राज्यपालों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अंतर्गत एकाधिकार प्राप्त है| लोकसेवक या जज भारतीय संविधान, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ और कुरान के आगे विवश हैं!

मीडिया ने गोधरा कांड, कश्मीरी पंडितों और रियांगों के विस्थापन पर तो आज तक शोर नहीं मचाया, लेकिन यह हो हल्ला इसलिए हो रहा है कि मुसलमानों ने अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों का प्रयोग किया है, जब कि काफिरों ने मुसलमानों के अधिकारों का हनन कर उनको उनके घरों से निकाल दिया है| अतएव उनको सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए और काफ़िर लोकसेवकों सहित, जिसने भी मुसलमानों को उत्पीड़ित किया है, कठोर दंड दिया जाना चाहिए| ताकि भविष्य में लोकसेवकों सहित कोई भी काफ़िर मुसलमानों के अधिकारों यानी काफ़िर नरसंहार और लव जिहाद को रोकने का साहस न कर सके|

मीडिया हल्ला इसलिए भी मचा रही है कि कुछ खूनी मुसलमान, जिन्हें वैदिक सनातन संस्कृति को समूल नष्ट करने के लिये रखा गया है, काफिरों से आतंकित होकर घर छोड़ कर पलायन कर गए हैं| उन्हें काफिर संहार के लिये पुरष्कृत करना है| लेकिन जो भी वैदिक सनातन संस्कृति को बचाने की कोशिश करे, उस पर थानों ने प्राथमिकी पंजीकृत कर ही रखी है, उसका नामोनिशान मिटा देना है| ताकि इस्लाम का एक भी विरोधी न बचे| इससे सोनिया को वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने में आसानी होगी| न बनवारी पर आंच आएगी, न अखिलेश पर और न मौत के फंदे परभक्षी भारतीय संविधान पर|

चीन के युद्ध विशेषज्ञ ­­सन चू ने कहा है – शत्रु की रणनीति जानो, तुम पराजित नहीं हो सकते और बिना युद्ध लड़े ही शत्रु को शक्तिहीन और पराजित कर वश में कर लेना सर्वोत्तम है|  ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया, जो भारत है, का हर लोकसेवक बिना लड़े ही वीर्यहीन, पराजित दास हो कर अपने ही सर्वनाश का उपकरण बन गया है और अपनी ही सन्ततियों और वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए नियुक्त किया गया है| पराधीन लोकसेवक बेबस हैं|

कितने अभागे हैं वीर्यहीन बनवारी और अखिलेश? जो बार बाला सोनिया के आगे भयादोहित हो कर अपनी संपत्ति, पूँजी, नारियां और जीवन मिटाने के लिये विवश हैं| किसी के पास साहस नहीं कि सोनिया का विरोध कर सके!

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, फोन ९१५२५७९०४१

Your Request/Grievance Registration Number is : PRSEC/E/2013/

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AyodhyaP Tripathi,
Sep 28, 2013, 4:57 AM
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AyodhyaP Tripathi,
Sep 28, 2013, 4:59 AM
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