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क्या महामहिम खन्ना दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ इमामों/पादरियों पर लागू करेंगे?

राज्यपालों ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन अनुमति देकर भारतीय  दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अधीन मेरे विरुद्ध अब तक ५० अभियोग चलवाए हैं| मूल कानूनों को नीचे की लिंक में पढ़ें:-

http://www.aryavrt.com/fatwa

क्या कोई राज्यपाल किसी मुसलमान या ईसाई पर भी उपरोक्त धाराओं १५३ व २९५ के अधीन अभियोग चलाने की अनुमति दे सकता है? दंड की कौन कहे, राज्यपाल लोकसेवकों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ १९७ के अधीन संरक्षण देकर नागरिकों कत्ल करवा रहे और लुटवा रहे हैं| अपराध के केंद्र मस्जिदों से अजान देकर काफिरों के देवताओं के निंदक ईमामों पर किसी राष्ट्रपति अथवा राज्यपाल ने सन १९५० से आज तक अभियोग चलाने की संस्तुति नहीं दी| क्या एक ईसाई व मुसलमान, जो ईसाई व मुसलमान नहीं रहना चाहता, अपना मजहब त्याग सकता है? ऐसा करने वाला ईसाई व मुसलमान क्या जीवित बचेगा? आईएनए को (कुरान ५:१०२ और १०२) और (बाइबल, व्यवस्था विवरण १३:६-११) पढ़ना चाहिए| क्या भारतीय संविधान के अनुच्छेद २५ से प्राप्त नागरिक की यही उपासना की आजादी है? क्या महामहिम खन्ना अपने बुद्धि का प्रयोग करने के लिए स्वतन्त्र है? क्या एक काफ़िर किसी मुसलमान देश में अपना धर्म पालन कर सकता है? क्या महामहिम खन्ना  ने शिया और सुन्नी के बीच दंगों के बारे में सुना है? क्या महामहिम खन्ना ने ईशनिंदा के अपराध में मुसलमान द्वारा मुसलमान के हत्या की खबर सुनी है?

कौन हैं इस देश की सुपर प्रधानमंत्री सोनिया गाँधी (ईसाई) और उप राष्ट्रपति हामिद (मुसलमान)?

सोनिया का ईसा कहता है, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूंयहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो|" (बाइबललूका १९:२७)

ईसा ने दस करोड से अधिक अमेरिका के लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल लिया और अब विश्व के सभी धर्मों को नष्ट कर केवल अपनी पूजा कराएगा!

Http://www.countdown.org/armageddon/antichrist.htm

इसके अतिरिक्त देश की छाती पर सवार जेसुइट सोनिया ने निम्नलिखित शपथ ली हुई है:-

मै यह भी प्रतिज्ञा करती हूँ कि जब भी अवसर आएगा, मै खुले रूप में पंथद्रोहियों से, फिर वे प्रोटेस्टैंट हों या उदारवादी, पोप के आदेश के अनुसार, युद्ध करूंगी और विश्व से उनका सफाया करूंगी और इस मामले में मै उनकी आयु का विचार करूंगी, लिंग का, परिस्थिति का| मै उन्हें फांसी पर लटकाऊंगी, उन्हें बर्बाद करूंगी, उबालूंगी, तलूंगी और (उनका) गला घोटूंगी| इन दुष्ट पंथ द्रोहियों को जिन्दा गाडून्गी| उनकी स्त्रियों के पेट और गर्भाशय चीर कर उनके बच्चों के सिर दीवार पर टकराऊँगी, जिससे इन अभिशप्त लोगों की जाति का समूलोच्छेद हो जाये| और जब खुले रूप से ऐसा करना सम्भव हो तो मै गुप्त रूप से विष के प्याले, गला घोटने की रस्सी, कटार या सीसे की गोलियों का प्रयोग कर इन लोगों को नष्ट करूंगी| ऐसा करते समय मै सम्बन्धित व्यक्ति या व्यक्तियों के पद, प्रतिष्ठा, अधिकार या निजी या सार्वजनिक स्थिति का कोई विचार नहीं करूंगी| पोप, उसके एजेंट या जीसस में विश्वास करने वाली बिरादरी के किसी वरिष्ठ का जब भी, जैसा भी निर्देश होगा, उसका मै पालन करूंगी|”

http://www|reformation|org/jesuit_oath_in_action|html

सोनिया, उसका बेटा, बेटी और दामाद सभी कैथोलिक ईसाई हैं| सोनिया और राहुल, इंडिया के मुसलमानों सहित, उन मतदाता नागरिकों, जिन्होंने वोट देकर सोनिया व राहुल को संसद में भेजा है, के आँखों के सामने उन मतदाताओं के घर लूट कर, उनके बच्चों को पटक कर मरवा कर और उनकी नारियों का बलात्कार करा कर धन्यवाद देंगे| (बाइबल, याशयाह १३:१६)

हामिद का अल्लाह कहता है, "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना)  बाकी न रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये|" (कुरानसूरह  अल अनफाल ८:३९). (कुरान, बनी इस्राएल १७:८१ व कुरानसूरह अल-अम्बिया २१:५८). 

३:१९ दीन तो अल्लाह की दृष्टि में केवल इस्लाम ही है| ...” (कुरान ३:१९)

३:८५ “जो इस्लाम के अतिरिक्त कोई और दीन (धर्म) तलब करेगा वह स्वीकार नहीं किया जायेगा| ...” (कुरान ३:८५)

मस्जिदों से ईमाम और मौलवी मुसलमानों को शिक्षा देते हैं कि गैर-मुसलमानों को कत्ल कर दो| इतना ही नहींमस्जिद से इस्लामी सिद्धांत को स्पष्ट करते हुए पाकिस्तानी मौलिक धर्मतंत्री सैयद अबुल आला मौदूदी घोषित कर चुका है कि इस्लाम विश्व की पूरी धरती चाहता है उसका कोई भूभाग नहीं, बल्कि पूरा ग्रह इसलिए नहीं कि ग्रह पर इस्लाम की सार्वभौमिकता के लिए तमाम देशों को आक्रमण कर छीन लिया जाये बल्कि इसलिए कि मानव जाति को इस्लाम से, जो कि मानव मात्र के सुख-समृद्धि(?) का कार्यक्रम है, लाभ हो|

मौदूदी जोर दे कर कह चुका है कि यद्यपि गैर-मुसलमान झूठे मानव निर्मित मजहबों को मानने के लिए स्वतन्त्र हैं, तथापि उनके पास अल्लाह के  धरती के किसी भाग पर अपनी मनुष्य निर्मित गलत धारणा की हुकूमत चलाने का कोई अधिकार नहीं| यदि वे (काफ़िर) ऐसा करते हैं, तो मुसलमानों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे काफिरों की राजनैतिक शक्ति छीन लें और उनको (काफिरों को) इस्लामी तौर तरीके से जीने के लिए विवश करें|

क्या राज्यपाल खन्ना को मालूम है कि:-

जहां हिंदुओं ने सभी देशों ओर मजहबों के पीडितों को शरण दिया, वहीं अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन कर जिन विश्व की सर्वाधिक आबादी ईसाइयत और दूसरी सर्वाधिक आबादी इस्लाम के लोगों को अल्पसंख्यक घोषित कर वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए इंडिया में रोका है, उन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया| लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए|

एक प्रमुख अंतर यह भी है कि जहां ईसाइयत और इस्लाम को अन्य संस्कृतियों को मिटाने में लंबा समय लगा वहीँ वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए २६ नवम्बर, १९४९ को संविधान बना कर ईसाइयत और इस्लाम के हाथों में सौँप दिया गया है| अजान को भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ २९५ के अधीन अपराध नहीं माना जाता| प्रेसिडेंट हर राज्यपाल ने अजान मस्जिद को भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(), पुलिस के संरक्षण और दंप्रसंकीधारा१९६ के कवच में रखा है| अजान देने के बदले सरकारें इमामों को सरकारी खजाने से वेतन दे रही हैं| वह भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से! (एआईआर, एससी, १९९३, प० २०८६). अजान के विरुद्ध कोई जज सुनवाई नहीं कर सकता| (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). इसके विपरीत जो भी ईसाइयत और इस्लाम का विरोध कर रहा है, भारतीय  दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अंतर्गत राज्यपालों के संस्तुति पर दंप्रसंकीधारा१९६ के अधीन जेल में ठूस दिया जा रहा है|

क्या राज्यपाल खन्ना को मालूम है कि:-

केवल वे ही संस्कृतियां जीवित बचीं, जिन्होंने भारत में शरण लिया| इसीलिए परभक्षी संस्कृतियां ईसाइयत और इस्लाम वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाना चाहती हैं, ताकि सबको अपना दास बना कर निर्ममता पूर्वक लूटा जा सके|

बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार हमारे पूर्वजों ने सारे विश्व में किया| लेकिन कोई उपासना स्थल नहीं तोड़ा| किसी को कत्ल नहीं किया| किसी नारी का बलात्कार नहीं किया| किसी नारी का आभूषण नहीं लूटा| किसी नागरिक को कत्ल नहीं किया| किसी को दास नहीं बनाया| अब्रह्मी संस्कृतियों ने क्या किया?

दया के पात्र शासकों सहित लोकसेवकों ने जीविका, पद और प्रभुता हेतु अपनी सम्पत्ति पूँजी रखने का अधिकार स्वेच्छा से त्याग दिया है| भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३१ ३९(). अपने जीवन का अधिकार खो दिया है| [बाइबल, लूका, १९:२७ और कुरान :१९१, भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९() के साथ पठित|] अपनी नारियां ईसाइयत और इस्लाम को सौँप दी हैं| (बाइबल, याशयाह १३:१६) और (कुरान २३:). इसके बदले में लोकसेवकों के पास बेटी (बाइबल , कोरिन्थिंस :३६) से विवाह पुत्रवधू (कुरान, ३३:३७-३८) से निकाह करने का अधिकार मिला है| जहां ईसाइयत और इस्लाम को अपनी संस्कृतियों को बनाये रखने का असीमित मौलिक अधिकार है, वहीँ लोकसेवकों को वैदिक सनातन धर्म को बनाये रखने का कोई अधिकार नहीं है| जब कि ईसाइयत और इस्लाम को धरती पर रहने का अधिकार नहीं है|

दया के पात्र लोकसेवकों के पास कोई विकल्प नहीं है| या तो वे नौकरी न करें, अथवा स्वयं अपनी मौत स्वीकार करें, अपनी नारियों का अपनी आखों के सामने बलात्कार कराएँ, शासकों (सोनिया) की दासता स्वीकार करें व अपनी संस्कृति मिटायें अथवा जेल जाएँ| लोकसेवकों के अपराध परिस्थितिजन्य हैं, जिनके लिए भारतीय संविधान उत्तरदायी है| ऐसे भारतीय संविधान को रद्दी की टोकरी में डालना अपरिहार्य है| हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग आतताई ईसाइयत और इस्लाम को इंडिया में रखने वाले भारतीय संविधान को रद्द करने की मुहिम में लगे हैं| ईसा के वास्ते अर्मगेद्दन लाने के लिए भेंड़ सोनिया के इंडिया पर आधिपत्य को स्वीकार करते ही सारी मानव जाति ईसा की भेंड़ हैं|| क्या म० खन्ना को नहीं लगता कि भारतीय संविधान, जिसकी उन्होंने शपथ ली है, स्वयं उनके ही सर्वनाश का अभिलेख है

राजा धर्मरक्षक होता है| धर्म राज्य के आश्रय से ही फलता फूलता है| जैनियों के २४ तीर्थंकर जैन धर्म की दीक्षा लेने के पूर्व राजा थे, लेकिन राजाश्रय के अभाव में जैन धर्म उतना नहीं फ़ैल सका, जितना अकेले अशोक के राजाश्रय से बौद्ध धर्म फैला| संघ सरकार ने वैदिक सनातन धर्म को संकट में डाल दिया है| वैदिक सनातन धर्म की रक्षा के लिए राजा और आर्यावर्त सरकार का होना आवश्यक है| मनु का आदेश है,

धर्मएव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षतः

तस्माद्धर्मो हन्तब्यो मानो धर्मो ह्तोऽवधीत|

क्या राज्यपाल खन्ना यह नहीं देख पा रहे हैं कि मस्जिदों से ईमाम अजान द्वारा गैर मुसलमान नागरिकों के इष्ट देवताओं की निंदा करता है| ईमाम मस्जिदों से काफिरों को कत्ल करने की शिक्षा देता है|

ईसा ने दस करोड से अधिक अमेरिका के लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल लिया और अब विश्व के सभी धर्मों को नष्ट कर केवल अपनी पूजा कराएगा!

Http://www.countdown.org/armageddon/antichrist.htm

भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से अधिकार प्राप्त कर, (यह अनुच्छेद दोनों को पूजा स्थल तोड़ने, हत्या, लूट, धर्मान्तरण और नारी बलात्कार का असीमित मौलिक अधिकार देता है) ईसाइयत व इस्लाम मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर वैदिक संस्कृति को मिटा रहे हैं| मंदिर तोड़ रहे हैं| मन्दिरों के चढ़ावों को लूट रहे हैं|

वे हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूंयहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो|" (बाइबललूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना)  बाकी न रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये|" (कुरानसूरह  अल अनफाल ८:३९). (कुरान, बनी इस्राएल १७:८१ व कुरानसूरह अल-अम्बिया २१:५८). (बाइबलव्यवस्था विवरण १२:१-३)]. 

नेताओं, सुधारकों, संतों, मीडिया, इस्लामी मौलवियों, मिशनरी और लोकसेवकों द्वारा जानबूझ कर मानवता को धोखा दिया जा रहा हैंसच छुपा नहीं है, न ही इसे जानना मुश्किल है| मानव उन्मूलन की कीमत पर आतंकित और असहाय मीडिया जानबूझकर अनभिज्ञ  बनी हुई है| मुसलमानों और ईसाइयों द्वारा तब तक जिहाद और मिशन जारी रहेगा, जब तक हम उनके साधन और प्रेरणास्रोत को नष्ट न कर दें| उनके साधन पेट्रो डालर और मिशनरी फंड और प्रेरणास्रोत कुरान (कुरान ८:३९) और बाइबल (बाइबल, लूका १९:२७) है

स्पष्टतः वैदिक सनातन धर्म मिटाना दोनों का घोषित कार्यक्रम है| जब वैदिक सनातन संस्कृति मिट जाएगी तो अर्मगेद्दन के लिए ईसा इस्लाम को भी मिटा देगा|

मुहम्मद ने अपना पैशाचिक इस्लाम तमाम गज़वों द्वारा फैलाया| भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) और कुरान के सहयोग से उनका जिहाद दिन दूना रात चौगुना फल फूल रहा है| ईसाइयत और इस्लाम ने हमारे पूर्वजों का नरसंहार किया| नारियों का बलात्कार किया| धर्मान्तरण किया और कर रहे हैं| लेकिन महामहिम खन्ना  को भारतीय  दंड संहिता की धारा १०२ के अंतर्गत हमारा प्राइवेट प्रतिरक्षा का प्रयत्न जातिवाद दिखाई दे रहा है! लेकिन म० खन्ना हमारी गुप्त सहायता कर के ही जीवित बच सकते हैं!

महामहिम खन्ना  इस भ्रम में न रहे कि वह मुझे व साध्वी प्रज्ञा को प्रताड़ित कर ईसाइयत और इस्लाम से मुक्ति पा जाएंगे| जिस पद, प्रभुता और पेट के लिए महामहिम खन्ना  निरीह लोगों को प्रताड़ित कर रहे है, वह बचेगा नहीं| विश्वास न हो तो पूर्व राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी का हाल देख ले|

 सम्पादक

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AyodhyaP Tripathi,
Jun 13, 2013, 7:12 AM
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