Muj13W19 Political asylum


मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18 . ISSUE 19, May 10 - 16, 2013This issue is Muj13W19 Political asylum

Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com

 


राजनैतिक शरण|

   यदि प्रकृति का यह शास्वत सत्य नियम है कि सबसे बलवान और धर्म परायण ही बचेगा और यदि भारतीय संविधान का मूल मंत्र सत्यमेव जयतेहै यानी असत्य पराजित होगा, तो यह गाँठ बाँध लीजिए कि संसार से या तो मानवता नष्ट होगी अथवा आसुरी संस्कृतियाँ ईसाइयत और इस्लाम|

यह निर्विवाद रूप से स्थापित है कि संसार के अब तक के पुस्तकालयों में ऋग्वेद से प्राचीन कोई साहित्य नहीं है, जो संस्कृत भाषा और देवनागरी लिपि में लिखी गई है| संगणक (कम्प्यूटर) विशेषज्ञ यह भी स्वीकार करते हैं कि संगणन के लिये संस्कृत सबसे उपयुक्त भाषा है|

संसार की सभी लिपियों में मात्र देवनागरी लिपि ही मनुष्य के ऊर्जा चक्रों में लिखी पाई जाती है| ठीक इसके विपरीत अंग्रेजी और उर्दू लिपियों में लिपि और उच्चारण की त्रुटियाँ हैं|

वैदिक सनातन धर्म किसी भी अन्य धर्म के लिए कोई निहित दुश्मनी के बिना एक ऐसी संस्कृति है. जो केवल वसुधैव कुटुम्बकम के बारे में बात करती है. इसके आचार, मूल्य और नैतिकता सांप्रदायिक नहीं - सार्वभौमिक हैं| वे पूरी मानव जाति के लिए हर समय लागू हैं| इसका दर्शन मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, म्यांमार, जापान, चीन, अफगानिस्तान और कोरिया में फैल गया था| एक बार अमेरिका में चीन के राजदूत ने कहा, “भारत एक भी सैनिक बाहर भेजे बिना तमाम देशों पर विजय प्राप्त करने वाला दुनिया में एकमात्र देश है"

ठीक इसके विपरीत ईसाइयत और इस्लाम संस्कृतियों ने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया| लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए| ईसाइयत इस्लाम मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर वैदिक संस्कृति को मिटा रहे हैं| वे हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो|" (बाइबल, लूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना)  बाकी रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये|" (कुरान, सूरह  अल अनफाल :३९).

मुसलमान व ईसाई विचार करें

मल ही बल है और वीर्य ही जीवन| वीर्य अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों का दाता, स्वतंत्रता, परमानंद, ओज, तेज और स्मृति का जनक है| वीर्यहीन व्यक्ति अपनी इन्द्रियों और शक्तिवान का दास ही बन सकता है, स्वतन्त्र नहीं रह सकता| वीर्यहीन व्यक्ति का मानवाधिकार नहीं होता| वीर्य हीन मनुष्य रोगग्रसित चलता फिरता मुर्दा और दास है| भारतीय संविधान मानव मात्र को दास बनाने अथवा कत्ल करने की संहिता है| भारतीय संविधान, कुरान और बाइबल से मानव जाति के, डायनासोर की भांति, अस्तित्व को खतरा है| दैवी शक्तियाँ, परमानन्द और निरोग जीवन चाहिए तो गुरुकुलों को पुनर्जीवित करिये|

मल ही बल है और वीर्य ही जीवन|

ईश्वर ने मनुष्य को वीर्य के रुप में अपनी सारी शक्ति दी है। जेहोवा और अल्लाह मनुष्य को दास बना कर लूटने के लिए मुखौटे हैं| इनका अस्तित्व ही नहीं है| सैतानों मूसा और मुहम्मद ने खतना को मजहब से जोड़ दिया है| किसान के सांड की भांति दास बनने के लिए यहूदी और मुसलमान गाजे बाजे के साथ स्वेच्छा से अपने ब्रह्मतेज को गवां देते हैं और जीवन भर रोगी, अशक्त और दास बन कर जीते हैं|

यहूदी या मुसलमान किसको पसंद करेंगे?

महामूर्ख यहूदी (बाइबल, उत्पत्ति :१७) या मुसलमान (कुरान :३५) किसको पसंद करेंगे? ईश्वर को, जो उस के रग रग में सदा उस के साथ है, या जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो सातवें आसमान पर बैठा है और अपने अनुयायियों से मिल ही नहीं सकता? ईश्वर को, जो उस को आरोग्य, ओज, तेज, सिद्धि, निधि और स्मृति का स्वामी बनाता है या जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो उसका खतना करा कर दास बनाता है? ईश्वर को, जो उस को किसी भी देवता के उपासना की स्वतंत्रता देता है अथवा जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो उस के उपासना की स्वतंत्रता छीनता है?

अल्लाह का अस्तित्व नहीं है| मुहम्मद की बात करें, जिसने मुसलमानों को मूर्ख बनाया| (कुरान २:३५). मुहम्मद तो नर्क में गया और अपनी वरासत शासकों और पुरोहितों को सौंप गया| मुहम्मद ने मुसलमानों से उनके ओज, तेज, स्मृति, आदि को उनका खतना कर उनसे छीन लिया और परजीवी और मानव जाति का शत्रु बना दिया| वे मुटठी भर यहूदियों का ही कुछ नहीं बिगाड़ पा रहे| ईसाई उनका शोषण कर रहे हैं| मुसलमान इसलिए जीवित हैं कि वैदिक सनातन संस्कृति जीवित है| जिस दिन वैदिक सनातन संस्कृति मिट जायेगी, उनका हाल ओसामा और सद्दाम जैसा होगा|

जड़ (निर्जीव) और चेतन परमाणु उर्जा

जिसे आज के वैज्ञानिक परमाणु कहते हैं| उसे हमारे ही नहीं ईसाइयों व मुसलमानों के  पूर्वज भी ब्रह्म कहते थे| आज का परमाणु ऊर्जा विज्ञान जड़ (निर्जीव) परमाणुओं के भेदन पर आश्रित परमाणु ऊर्जा विज्ञान है| सर्व विदित है कि ऊर्जा निर्जीव पदार्थ के आधे भार को प्रकाश की गति के वर्ग से गुणा करने के बराबर है| चेतन परमाणु में उससे भी अधिक ऊर्जा है| हमारे पूर्वजों का विज्ञान जैविक परमाणुओं के भेदन पर आधारित है| इसी परमाणु भेदन को कुण्डलिनी जागरण कहा जाता है| हमारा ज्ञान और विज्ञान आज के जड़ परमाणु उर्जा के ज्ञान से अत्यधिक विकसित है| महाभारत काल में अश्वस्थामा के ब्रह्मास्त्र के संधान और लक्ष्य भेदन के प्रकरण से स्पष्ट होता है कि ब्रह्मास्त्र स्वचालित नहीं थे| एक बार छोड़ देने के बाद भी उनकी दिशा और लक्ष्य भेदन को नियंत्रित किया जा सकता था| इतना ही नहीं लक्ष्य पर वार कर ब्रह्मास्त्र छोड़ने वाले के पास वापस भी आ जाते थे| उनके मलबों को ठिकाने लगाने की समस्या नहीं थी| विकिरण से जीवन को होने वाली हानि की समस्या नहीं थी| ब्रह्म ज्ञान और वीर्यरक्षा की शिक्षा गुरुकुलों, जिसे मैकाले ने मिटा दिया, में दी जाती थी| वह भी निःशुल्क| इन आसुरी संस्कृतियों को मानवता के हित में मिटाने में और गुरुकुलों और गौ संवर्धन को पुनर्स्थापित करने में क्या आप हमारी सहायता करेंगे?

वीर्यवान को पराजित नहीं किया जा सकता और अधीन ही किया जा सकता है| मनुष्य की छोड़िये, वीर्यवान सांड़ को भी अधीन नहीं किया जा सकता| न बांधा ही जा सकता| वीर्यहीन होते ही वह बैल बन कर किसान के लिए अन्न पैदा करता है, जिसे किसान स्वयं खा जाता है और बैल को भूसा खिलाता है| क्यों कि वीर्य स्वतंत्रता, परमानंद, ओज, तेज और स्मृति का जनक है| जिस प्रकार किसान सांड़ को वीर्यहीन कर दास बना लेता है, उसी प्रकार मैकाले ने गुरुकुल शिक्षा को मिटा कर मानव मात्र को वीर्यहीन बना कर दास बना लिया है|

यहाँ विश्वामित्र और मेनका का प्रसंग प्रासंगिक है| इंद्र ने वीर्यवान विश्वामित्र को पराजित करने के लिए मेनका का उपयोग किया| मूसा और मुहम्मद ने तो इंद्र की भांति धरती की सभी नारियां मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप रखी हैं| (बाइबल, याशयाह १३:१६) (कुरान २३:). इतना ही नहीं ईसा ने बेटी (बाइबल, , कोरिन्थिंस :३६) से विवाह की छूट दी है मुहम्मद ने पुत्रवधू (कुरान, ३३:३७-३८) से निकाह किया|

उपरोक्त तथ्य बताना या प्रकाशित करना भारतीय  दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अधीन अपराध है| लेकिन अज़ान द्वारा मस्जिद से ईशनिंदा और कत्ल करने के खुत्बे (शिक्षाएं) अपराध नहीं माने जाते| लव जिहाद का विरोध करने के कारण ही मुज़फ्फरनगर दंगा भड़का| जिसमे मात्र हिंदुओं के विरुद्ध कार्यवाही हुई|

भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९() ने बलात्कारी मुसलमानों को अपनी संस्कृति को बनाये रखने का और राष्ट्रपति और राज्यपाल ने क्रमशः अनुच्छेदों ६० १५९ के अधीन मुसलमानों की बलात्कारी संस्कृति के संरक्षणपोषण संवर्धन की शपथ ले रखी है| इसके अतिरिक्त मुसलमानों की बलात्कारी संस्कृति को कार्यान्वित करने के लिए राष्ट्रपति और राज्यपाल को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन उत्तरदायित्व भी सौप रखा है|

किसान को सांड़ को दास बना कर खेती के योग्य बैल बनाने के लिए सांड़ का बंध्याकरण करना पड़ता है, लेकिन लूट और यौनाचार के लोभ में यहूदी और मुसलमान धर्म की आड़ में स्वेच्छा से गाजे बाजे के साथ वीर्यहीन बनने के लिए खतना कराते हैं| ईसाइयों का ईसा स्वयं जारज(जार्ज) है और उस ने प्रत्येक ईसाई परिवार को वैश्यालय बना दिया है| कुमारी माताएं प्रायः प्रत्येक ईसाई घरों में मिलती हैं| इंद्र की भांति सोनिया दास बनाने के लिए व्यभिचार को राज्यपालों जजों द्वारा संरक्षण दिला रही है|

जो उपलब्धि इस्लाम ई० स० ७१२ से ई० स० १८३५ तक अर्जित कर सका, उससे अधिक ईसाइयत ने मात्र ई० स० १८३५ से ई० स० १९०५ के बीच अर्जित कर लिया| सोनिया वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने की दौड़ में सबसे आगे है| मात्र वर्षों की अवधि में सोनिया ने, नागरिकों को वीर्यहीन कर, वैदिक सनातन संस्कृति की जड़ें ही नष्ट कर दी हैं| कुमारी माताओं को सम्मानित किया जा चुका है| लव जेहाद, बेटी व पुत्रवधू से विवाह, सहजीवन समलैंगिक मैथुन, सगोत्रीय विवाह को कानूनी मान्यता मिल गई है| बारमें दारूपीने वाली बालाओं का सम्मान हो रहा है! विवाह सम्बन्ध अब बेमानी हो चुके हैं| स्कूलों में यौन शिक्षा लागू हो गई है| अब सोनिया टाटा, बिड़ला, अम्बानी आदि को लूटने के लिए एफडीआई लागू कर चुकी है|

मैं उपरोक्त तथ्य प्रकाशित करने के कारण ४२ बार बंदी बना हूँ| ईश्वर की कृपा से आज तक मुझे सजा नहीं दी गई| अतएव मैं इन सच्चाइयों को प्रचारित नहीं कर पा रहा हूँ|

मैं भिक्षुक ब्राह्मण हूँ और आप सर्वसमर्थ राष्ट्र के रक्षक| अपनी व अपने प्रजा की रक्षा आप का दायित्व है| ईसाइयत और इस्लाम का संसार में वर्चस्व है| अतः आप इनसे नहीं लड़ सकते| आप चाहें तो इस युद्ध के लिये मुझे राजनैतिक शरण दे सकते हैं| ताकि मानव जाति की रक्षा हो सके|

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी: फोन ९१५२५७९०४१

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AyodhyaP Tripathi,
Sep 30, 2013, 9:26 AM
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AyodhyaP Tripathi,
Sep 30, 2013, 10:01 AM
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