Muj13W09 NDTiwari Ujjwla


मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18 ISSUE 09, Mar 01-07, 2013. This issue is Muj13W09 NDTiwari Ujjwla

Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com

 


वैश्यावृति का महिमामंडन क्यों?


वेश्याओं के महिमामंडन हेतु २९ मई, २०१२ को पूर्व राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी ने डीएनए के लिए अपना खून दे दिया था| ईसाई (बाइबल, याशयाह १३:१६) व मुसलमान (कुरान २३:६) को नारियों के बलात्कार का अधिकार देने वाले भारतीय संविधान और कानूनों का परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण करने वाले राष्ट्रपति और राज्यपाल और बनाये रखने की शपथ लेने वाले जजों के पास नारायण दत्त तिवारी के डीएनए की जांच कराने का अधिकार कैसे है? लोकसेवकों को इस पर विचार करें|

वीर्य महिमा के समर्थन में मुझे वर्तमान में एक ही प्रमाण देना है| शेर से कई गुने भारी हाथी सदैव झुण्ड में चलते हैं| फिर भी अकेले शेर से परास्त होते हैं| क्योंकि हाथी कामी होता है और शेर जीवन में एक बार सम्भोग करता है| अतः वीर्यवान|

अतएव गुरुकुलों को पुनर्जीवित कीजिए – भारत को पुनः सोने की चिड़िया बनाइये|

आदि काल में कबीलों में रहने वाला व्यक्ति भी अपने भूमि, अपनी अर्जित सम्पत्ति और अपनी आस्था व उपासना के लिए स्वतंत्र था| और लोकसेवक? राजाओं के आगमन के साथ नागरिक का भूमि से अधिकार समाप्त हो गया| भूमि भूपति यानी राजा की हो गई| वैदिक सनातन धर्म के प्रभाव के कारण नागरिक के सम्पत्ति का अधिकार (मनुस्मृति ८:३०८) और उपासना की स्वतंत्रता (गीता ७:२१) फिर भी लागू रही| राज्यों ने लूट, हत्या, बलात्कार और विदेशियों के आक्रमण से रक्षा के लिए पुलिस, न्यायपालिका व सेना की नियुक्ति की| अपराधियों को दंडित करने लगे| उपरोक्त व्यवस्थाएं निर्विवाद रूप से आज भी विश्व के सभी राज्यों ने लागू की हुई हैं| आज आप के जान-माल के अधिकार छिन चुके हैं| यदि लोकसेवकों को अपने जान-माल की रक्षा करनी हो तो सोनिया से अपने मुक्ति के लिये आर्यावर्त सरकार का सहयोग करना पड़ेगा|

दास बनाने का क्रमिक इतिहास|

खतने पर अपने शोध के पश्चात १८९१ में प्रकाशित अपने ऐतिहासिक पुस्तक में चिकित्सक पीटर चार्ल्स रेमोंदिनो ने लिखा है कि पराजित शत्रु को जीवन भर पुंसत्वहीन कर (वीर्यहीन कर) दास के रूप में उपयोग करने के लिए शिश्न के अन्गोच्छेदन या अंडकोष निकाल कर बधिया करने (जैसा कि किसान सांड़ के साथ करता है) से खतना करना कम घातक है| दास बनाने के लिए खतने से भी कम घातक वेश्यावृत्ति को संरक्षण देना है| सोनिया को परेशानी यह है कि हम वैदिक सनातन धर्म के अनुयायी वैश्यावृति व कुमारी माताओं को संरक्षण और सम्मान नहीं देते| हमारा ईश्वर जारज(जार्ज) और प्रेत नहीं है| ईसाइयों का ईसा स्वयं जारज(जार्ज) है और उस ने प्रत्येक ईसाई परिवार को वैश्यालय बना दिया है| कुमारी माताएं प्रायः प्रत्येक ईसाई घरों में मिलती हैं| सोनिया दास बनाने के लिए व्यभिचार को राज्यपालों जजों द्वारा संरक्षण दिला रही है| जारज(जार्ज) हमारे लिए अपमानजनक सम्बोधन हो सकता है, लेकिन अंग्रेजों का शासक परिवार सम्मानित जारज(जार्ज) है| इतना ही नहीं ईसाइयों का मुक्तिदाता ईसा ही जारज(जार्ज) व पवित्र? प्रेत है| हमारे इंडिया में ईसाई घरों में भी कुमारी माताएं नहीं मिलतीं| हमारी कन्याएं १३ वर्ष से भी कम आयु में बिना विवाह गर्भवती नहीं होतीं| हमारे यहाँ विद्यालयों में गर्भ निरोधक गोलियाँ नहीं बांटी जाती| इससे आप को भेंड़ बनाने में सोनिया को कठिनाई हो रही है| मात्र वर्षों की अवधि में सोनिया ने, नागरिकों को वीर्यहीन करने के लिये, जजों का भयादोहन कर, वैदिक सनातन संस्कृति की जड़ें ही नष्ट कर दी हैं| आप की कन्या को बिना विवाह बच्चे पैदा करने के अधिकार का संयुक्त राष्ट्र संघ कानून पहले ही बना चुका है| [मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा| अनुच्छेद २५()]. विवाह या बिना विवाह सभी जच्चे-बच्चे को समान सामाजिक सुरक्षा प्रदान होगी|”]. लव जेहाद, बेटी पुत्रवधू से विवाह, सहजीवन समलैंगिक मैथुन और सगोत्रीय विवाह को कानूनी मान्यता मिल गई है| बारमें दारू पीने वाली बालाओं का सम्मान हो रहा है! विवाह सम्बन्ध अब बेमानी हो चुके हैं| स्कूलों में यौनशिक्षा सोनिया के सत्ता में आने के बाद सन २००५ से तीन प्रदेशों केरल, गुजरात और राजस्थान में लागू हो गई है| अब सोनिया टाटा, बिड़ला, अम्बानी आदि को लूटने के लिए एफडीआई भी लागू कर चुकी है|

मैकाले ने निःशुल्क ब्रह्मचर्य के शिक्षा केंद्र गुरुकुलों को मिटाकर, किसान द्वारा सांड़ को बैल बनाकर दास के रूप में उपयोग करने की भांति, महँगी वीर्यहीन करने वाली यौनशिक्षा थोपकर, मानवमात्र को अशक्त तो सन १८३५ के बाद ही कर दिया| २६ जनवरी, १९५० से, माउन्टबेटन ने, इंद्र के मेनका की भांति, अपनी पत्नी एडविना को नेहरू व जिन्ना को सौंप कर, ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया पर मृत्यु के फंदे व परभक्षी भारतीय संविधान को लादकर आप को अशक्त और पराजित कर रखा है| आप से आप की अपनी ही धरती छीन कर ब्रिटिश उपनिवेश बना लिया| मजहब के आधार पर पुनः दो भाग कर इंडिया और पाकिस्तान बना दिया| (भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७). माउन्टबेटन को इससे भी संतुष्टि नहीं हुई| उसने मौत के फंदे व परभक्षी भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) का संकलन करा कर सदा सदा के लिए आप की धरती को छीन कर संयुक्त रूप से मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप दिया| राष्ट्रपति और राज्यपाल वैदिक सनातन संस्कृति को समूल नष्ट करने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) व दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ द्वारा ईसाइयत और इस्लाम का परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण करने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद ६० व १५९ के अधीन विवश कर दिए गये हैं|

चीन के युद्ध विशेषज्ञ ­­सन चू ने कहा है शत्रु की रणनीति जानो, तुम पराजित नहीं हो सकते और बिना युद्ध लड़े ही शत्रु को शक्तिहीन और पराजित कर वश में कर लेना सर्वोत्तम है|  ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया का हर लोकसेवक बिना लड़े ही वीर्यहीन, पराजित दास हो कर अपने ही सर्वनाश का उपकरण बन गया है| पराधीन लोकसेवक अपनी ही सन्ततियों और वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए विवश हैं| एक बार बाला सोनिया ने पूरे मानव जाति को वीर्यहीन कर सबके प्राणों को संकट में डाल कर अपने अधीन कर रखा है| किसी के पास विरोध का साहस नहीं!

सैतानों मूसा और मुहम्मद ने, किसान के सांड़ की भांति, यहूदियों व मुसलमानों को दास बनाने के लिए खतना को मजहब से जोड़ दिया है| यहूदी और मुसलमान गाजे बाजे के साथ स्वेच्छा से अपने ब्रह्मतेज को गवांते हैं| जीवन भर रोगी, अशक्त और दास बन कर जीते हैं|

आज से मात्र १०० वर्ष पूर्व दादा साहेब फाल्के को वेश्याओं ने भी फिल्मों में काम करने से मना कर दिया था| लेकिन आज फिल्मों में काम करने वाली तमाम नारियां सम्माननीय सांसद और मुख्यमंत्री हैं| नारायण दत्त तिवारी बनाम उज्ज्वला व आरुषी बनाम नूपुर तलवार न्यायिक परीक्षण, गौहाटी के बार बाला को संरक्षण आदि आने वाले समाज को चेतावनी है कि हमें अपनी बेटियां नौकरों और लव जेहादियों को सौंप दी हैं| हमें चरित्रहीनता में ईसाइयों को पीछे छोड़ देना पड़ेगा| शीघ्र ही बाप बेटी के यौन सम्बन्ध को अनैतिक नहीं माना जायेगा| कुमारी माएं घरों को शोभायमान करेंगी!

प्राचीन कालमें महाराज अश्वपतिने कहा था

न  मे  स्तेनो  जनपदे   न   कदर्यो  न  मद्यपः ।

नानाहिताग्निर्नाविद्वान्न स्वैरी स्वैरिणी कुतः ॥

(छान्दोग्योपनिषद ५/११/५)

मेरे राज्यमें न तो कोई चोर है, न कोई कृपण है, न कोई मदिरा पीनेवाला है, न कोई अनाहिताग्नि (अग्निहोत्र न करनेवाला) है, न कोई अविद्वान् है और न कोई परस्त्रीगामी ही है, फिर कुलटा स्त्री (वेश्या) तो होगी ही कैसे?’

वैदिक सनातन संस्कृति की मान्यता है कि यदि आप का धन गया तो कुछ नहीं गया| यदि आप का स्वास्थ्य गया तो आधा चला गया| लेकिन यदि आप का चरित्र गया तो सब कुछ चला गया| अतएव सोनिया ब्रह्मचारी और चरित्रवान बनाने वाली वैदिक सनातन संस्कृति से आतंकित है| क्यों कि ब्रह्मचारी और चरित्रवान दास नहीं बनाये जा सकते|

http://www.aryavrt.com/kautumbik-vyabhichar

भारतीय संविधान ने जजों के न्यायिक योग्यता, मानवता और लोकसेवकों के चरित्र को मिटाकर उनको आतंकवादी और भ्रष्ट बना दिया है. लोकसेवकों को यह विचार करना है कि उनका उत्पीडन सोनिया नहीं करती| अपने पद, प्रभुता और पेट के लिये वे स्वयं ही अपनी आजादी जीवन और धन गवाने के लिये विवश हैं|

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, फोन ९१५२५७९०४१

Grievance Regn No is:DEPOJ/E/2013/00962

 

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AyodhyaP Tripathi,
Nov 27, 2013, 4:44 AM
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AyodhyaP Tripathi,
Nov 27, 2013, 4:45 AM
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