Muj13W06 VHP


मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18 ISSUE 06, Feb 08-14, 2013. This issue is Muj13W06 VHP

Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 18 Year 18. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com

 


                      

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वि०हि०प० से:

आनन्द शंकर पंड्या का पत्रक पढ़ा| अंधों के गाँव में यदि आप आइना बेचने जाएँ तो लोग आप को क्या कहेंगे? जब भी कोई देश के आजाद होने की बात कहता या लिखता है तो मुझे उसकी बुद्धि पर तरस आता है| क्योंकि इंडिया तो कभी आजाद हुआ ही नहीं| इंडिया आज भी ब्रिटिश उपनिवेश है| और नागरिक अंग्रेजों का दास| {भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७ व अनुच्छेद ६ (ब)(।।) भारतीय संविधान}. लेकिन सच कहे कौन?

मैकाले ने निःशुल्क ब्रह्मचर्य के शिक्षा केंद्र गुरुकुलों को मिटाकर, किसान द्वारा सांड़ को बैल बनाकर दास के रूप में उपयोग करने की भांति, महँगी वीर्यहीन करने वाली यौनशिक्षा थोपकर मानवमात्र को अशक्त तो सन १८३५ के बाद ही कर दिया| २६ जनवरी, १९५० से, माउन्टबेटन ने, इंद्र के मेनका की भांति, अपनी पत्नी एडविना को नेहरू व जिन्ना को सौंप कर, ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया पर मृत्यु के फंदे व परभक्षी भारतीय संविधान को लादकर आप को अशक्त और पराजित कर रखा है| आप से आप की अपनी ही धरती छीन कर ब्रिटिश उपनिवेश बना लिया| मजहब के आधार पर पुनः दो भाग कर इंडिया और पाकिस्तान बना दिया| (भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७). माउन्टबेटन को इससे भी संतुष्टि नहीं हुई| उसने मौत के फंदे व परभक्षी भारतीय संविधान के अनुच्छेदों २९(१) व ३९(ग) का संकलन करा कर सदा सदा के लिए आप की धरती को छीन कर संयुक्त रूप से मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप दिया| भ्रष्टाचार के लिए स्वयं भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) उत्तरदायी है| जब नागरिक के पास सम्पत्ति और उत्पादन के साधन रखने का अधिकार ही नहीं तो कोई लूटे नागरिक को दर्द क्यों होगा? राष्ट्रपति और राज्यपाल वैदिक सनातन संस्कृति को समूल नष्ट करने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) व दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ द्वारा ईसाइयत और इस्लाम का परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण करने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद ६० व १५९ के अधीन विवश कर दिए गये हैं|

ईसाइयत और इस्लाम संस्कृतियों ने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया| लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए| ईसाइयत इस्लाम मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर संस्कृतियों को मिटा रहे हैं| वे हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो|" (बाइबल, लूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना)  बाकी रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये|" (कुरान, सूरह  अल अनफाल :३९). ईसाइयत और इस्लाम को इंडिया में रोकने का कारण ही वैदिक सनातन संस्कृति से शत्रुता है| यह बात पाठक के समझ में कब आएगी? नागरिक वोट देकर भी उपरोक्त अनुच्छेदों में कोई परिवर्तन नहीं कर सकते हैं और न सच बोल सकते हैं||

खतने पर अपने शोध के पश्चात १८९१ में प्रकाशित अपने ऐतिहासिक पुस्तक में चिकित्सक पीटर चार्ल्स रेमोंदिनो ने लिखा है कि पराजित शत्रु को जीवन भर पुंसत्वहीन कर (वीर्यहीन कर) दास के रूप में उपयोग करने के लिए शिश्न के अन्गोच्छेदन या अंडकोष निकाल कर बधिया करने (जैसा कि किसान सांड़ के साथ करता है) से खतना करना कम घातक है| किसान को दास बना कर खेती के योग्य बैल बनाने के लिए सांड़ का बंध्याकरण करना पड़ता है| लेकिन लूट और यौनाचार के लोभ में यहूदी व मुसलमान गाजे बाजे के साथ स्वेच्छा से खतना कराकर ब्रह्मतेज को गवां देते हैं और जीवन भर रोगी, अशक्त और दास बन कर जीते हैं| विवरण देखें:- http://en.wikipedia.org/wiki/Peter_Charles_Remondino

ईश्वर ने मनुष्य को वीर्य के रुप में अपनी सारी शक्ति दी है। जेहोवा और अल्लाह मूसा और मुहम्मद के बिचौलिये और मनुष्य को दास बना कर लूटने के लिए मुखौटे हैं| इनका अस्तित्व ही नहीं है| मनुष्य के वीर्य की शक्ति को मिटाने का प्रथम प्रयास मूसा ने किया| मुहम्मद ने मूसा का नकल किया| सैतानों मूसा और मुहम्मद ने खतना को मजहब से जोड़ दिया है| ईसाई के पास बेटी (बाइबल १, कोरिन्थिंस :३६) से विवाह का अधिकार है और अल्लाह मुसलमान का पुत्रवधू (कुरान, ३३:३७-३८) से और ५२ वर्ष के मुसलमान का ६ वर्ष की कन्या से निकाह करता है| यहाँ विश्वामित्र और मेनका का प्रसंग प्रासंगिक है| इंद्र ने वीर्यवान विश्वामित्र को पराजित करने के लिए मेनका का उपयोग किया| मूसा और मुहम्मद ने तो इंद्र की भांति धरती की सभी नारियां मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप रखी हैं| (बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६). लेकिन कहे कौन?

विद्या मात्र ब्रह्मविद्या है और ज्ञान मात्र ब्रह्मज्ञान| वीर्यरक्षा के बिना ब्रह्मज्ञान सम्भव नहीं| वीर्यरक्षा की शिक्षा गुरुकुलों में निःशुल्क दी जाती थी, जिसे मानवमात्र को भेंड़ बनाने के लिए मैकाले ने मिटा दिया| मल ही बल है और वीर्य ही जीवन| वीर्य अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों का दाता, स्वतंत्रता, परमानंद, ओज, तेज और स्मृति का जनक है| वीर्यहीन व्यक्ति अपनी इन्द्रियों और शासक का दास ही बन सकता है, स्वतन्त्र नहीं रह सकता| भारतीय संविधान मानव मात्र को दास बनाने, लूटने और कत्ल करने की संहिता है| भारतीय संविधान, कुरान और बाइबल से मानव जाति के, डायनासोर की भांति, अस्तित्व को खतरा है| दैवी शक्तियाँ, परमानन्द और निरोग जीवन चाहिए तो गुरुकुलों को पुनर्जीवित करिये|

यहूदी या मुसलमान किसको पसंद करेंगे?

महामूर्ख यहूदी (बाइबल, उत्पत्ति २:१७) या मुसलमान (कुरान :३५) किसको पसंद करेंगे? ईश्वर को, जो उस के रग रग में सदा उस के साथ है, या जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो सातवें आसमान पर बैठा है और अपने अनुयायियों से मिल ही नहीं सकता? ईश्वर को, जो उस को आरोग्य, ओज, तेज, सिद्धि, निधि और स्मृति का स्वामी बनाता है या जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो उनका खतना करा कर दास बनाते हैं? ईश्वर को, जो उन को किसी भी देवता के उपासना की स्वतंत्रता देता है अथवा जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो उन के उपासना की स्वतंत्रता छीनते हैं?

चीन के युद्ध विशेषज्ञ ­­सन चू ने कहा है शत्रु की रणनीति जानो, तुम पराजित नहीं हो सकते और बिना युद्ध लड़े ही शत्रु को शक्तिहीन और पराजित कर वश में कर लेना सर्वोत्तम है|  ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया का हर लोकसेवक बिना लड़े ही वीर्यहीन, पराजित दास हो कर अपने ही सर्वनाश का उपकरण बन गया है| लोकसेवक अपनी ही सन्ततियों और वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए नियुक्त किये गए हैं| पराधीन लोकसेवक बेबस हैं| एक बार बाला सोनिया ने पूरे मानव जाति को वीर्यहीन कर सबके प्राणों को संकट में डाल कर अपने अधीन कर रखा है| सोनिया का कोई विरोधी नहीं!

वीर्य महिमा के समर्थन में मुझे वर्तमान में एक ही प्रमाण देना है| शेर से कई गुने भारी हाथी सदैव झुण्ड में चलते हैं| फिर भी अकेले शेर से परास्त होते हैं| क्योंकि हाथी कामी होता है और शेर जीवन में एक बार सम्भोग करता है - अतः वीर्यवान| अतएव गुरुकुलों को पुनर्जीवित करें| गुरुकुल शेर बनाते हैं और मैकाले की शिक्षा दास|

एक ओर आप के वैदिक सनातन संस्कृति की वीर्यवान ब्रह्मचारी बना कर आप के ईशत्व को दिलाने वाले निःशुल्क गुरुकुल हैं और दूसरी ओर दास बनाने वाले ईसाइयत और इस्लाम| निर्णय मानवजाति को करना है कि वह किसे चुनेगी?

यह संस्कृतियों का युद्ध है| ईसाइयत और इस्लाम वैदिक सनातन संस्कृति को सहन नहीं कर सकते| ईसाइयत और इस्लाम रहेंगे तो वैदिक सनातन संस्कृति को मिटना ही मिटना है| विशेष विवरण के लिये नीचे की लिंक पर क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/astitv-ka-snkt

इसलिए मानवता के शत्रु ईसाइयत और इस्लाम को मिटाने में आर्यावर्त सरकार को सहयोग दीजिये| यह तभी सम्भव है जब आप गुरुकुलों को पुनर्जीवित करने में आर्यावर्त सरकार का सहयोग करें| माउन्टबेटन ने अपनी जाति के उन्नति के लिए अपनी पत्नी नेहरु और जिन्ना को सौंप दिया| क्या आप अपनी जाति के उन्नति के लिए गुरुकुलों के पुनर्स्थापना के आर्यावर्त सरकार की सहायता करेंगे? सहयोग के इच्छुक व्यक्ति नीचे के फोन पर सम्पर्क कर सकते हैं|

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, फोन ९१५२५७९०४१

Grievance Regn No is:PRSEC/E/2013/19643

 

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AyodhyaP Tripathi,
Nov 22, 2013, 10:19 AM
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AyodhyaP Tripathi,
Nov 22, 2013, 10:20 AM
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