Muj12W48-FDI-A31

एफडीआई या अनु० ३१

ईस्ट इंडिया कम्पनी मात्र संतानहीन की सम्पत्ति राजगामी किया करती थी| भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) सोनिया को सबकी सम्पत्ति राजगामी करने का पूरा अधिकार देता है| सोनिया जिसकी चाहती है, उसकी सम्पत्ति व भूमि राजस्व अभिलेखों में हेरा फेरी करा कर राजगामी करती है| दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के रहते जज, पुलिस व जनता सभी असहाय हैं| धरती का हर नागरिक जेहोवा या अल्लाह का दास तो है ही| सोनिया को सबको सम्पत्ति हीन भी करना है|

जेल और जंगल में बागी रहते हैं और संसद में डाकू|

जी हाँ! इन डाकुओं ने अनुच्छेद ३१ से प्राप्त सम्पत्ति के मौलिक अधिकार को, कुटरचित परभक्षी भारतीय संविधान का पहला संशोधन कर और जजों से मिल कर, नागरिकों से लूट लिया|

कुटरचित परभक्षी भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३१ प्रदत्त सम्पत्ति के जिस मौलिक अधिकार को अँगरेज़ और संविधान सभा के लोग छीन पाए, उसे भ्रष्ट सांसदों और जजों ने मिल कर लूट लिया| ( आई आर १९५१ एस सी ४५८). अब तो इस अनुच्छेद को भारतीय संविधान से ही मिटा दिया गया है| इसे कोई भ्रष्टाचार नहीं मानता! समाजवाद की आड़ में अंग्रेजों की कांग्रेस ने सबकी सम्पत्ति और उत्पादन के साधन लूट लिए| भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग). अब लूटी हुई सम्पत्तियां विदेशियों के हाथों बिक रही हैं| कोई विरोधी नहीं! लेकिन अभी भी उद्योगपतियों और व्यापारियों के पास सम्पत्ति है| उसे सोनिया की रोम सरकार एफडीआई लाकर लूट लेगी और विदेशियों के हाथों बेच देगी| बेचारे जज भी कुछ न कर पाएंगे|

सांसद आप को फिर धोखा दे रहे हैं| लूट और भ्रष्टाचार की जड़ भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३१ व ३९(ग) हैं| अनुच्छेद ३१ का पुनर्जीवन व ३९(ग) का उन्मूलन एफडीआई को अप्रासंगिक कर देंगे| बचना चाहें तो आर्यावर्त सरकार को सहयोग दीजिए|

काल्पनिक जेहोवा और अल्लाह, ईश्वर या सर्वज्ञ अथवा सर्वसमर्थ नहीं हैं| पूरा विवरण जानने के लिए नीचे की लिंक को क्लिक करें,

http://www.answering-christianity.com/earth_flat.htm

धूर्त मुहम्मद रचित लुटेरों, हत्यारों और बलात्कारियों की संहिता कुरान के महामूर्ख अल्लाह का कथन है कि सूर्य कीचड़ युक्त जलस्रोत में डूब रहा था| (कुरान १८:८६). इसके अतिरिक्त ७३:१४ व १८ के कथन भी पढ़ें| अल्लाह महान व सर्वज्ञ कैसे है? मुसलमान बताएं|

भारतीय संविधान से पोषित इन यानी ईसाइयत, इस्लाम, समाजवाद व लोक लूट तंत्र ने मानव मूल्यों व चरित्र की परिभाषाएं बदल दी हैं। आज विश्व की कोई नारी सुरक्षित नहीं है (बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६) न किसी का जीवन सुरक्षित है। (बाइबललूका १९:२७) व (कुरान, सूरह  अल अनफाल ८:३९). सम्पति पर व्यक्ति का अधिकार नहीं रहा।  (बाइबल ब्यवस्था विवरण २०:१३-१४), (कुरान ८:१, ४१ व ६९) व (भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३१ (अब २०.६.१९७९ से लुप्त) व ३९(ग). किसी का उपासना गृह सुरक्षित नहीं। (बाइबलव्यवस्था विवरण १२:१-३) (अजान व कुरआन १७:८१). आजादी नहीं भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७ व {भारतीय संविधान, अनुच्छेद ६ (ब)(।।)} आस्था की आजादी नहीं। (व्यवस्था विवरण, १३:६-११) व (कुरान ४:८९). यहाँ तक कि मानव की आस्थाएं और उनके देवता भी अपमान की सीमा में आ गए हैं। मूसा ने बताया कि काल्पनिक जेहोवा ज्वलनशील देवता है (बाइबल, निर्गमन २०:३)। जेहोवा के अतिरिक्त अन्य देवता की पूजा नहीं हो सकती। ईसा ने स्वयं को मानव मात्र का राजा घोषित कर रखा है। जो ईसा को राजा स्वीकार न करे उसे कत्ल करने का प्रत्येक ईसाई को ईश्वरीय आदेश है| (बाइबललूका १९:२७). काल्पनिक अल्लाह खूनी व आतंकवादी है| आप हिंदू, मुसलमान या ईसाई जो भी हों; भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) के अधीन आप को दास बनाना और लूटना शासक का असीमित मौलिक अधिकार है। यही गंगा-यमुनी संस्कृति कही जा रही है। राज्यपालों की एक विशेषता और है। यह लोग जनता के चुने प्रतिनिधि नहीं होते हैं। आज कल यह लोग सुपर प्रधानमंत्री एंटोनिया माइनो उर्फ सोनिया गांधी द्वारा मनोनीत किए जा रहे हैं|

आप विकल्पहीन व दया के पात्र हैं| या तो स्वयं अपनी मौत स्वीकार करें, अपनी नारियों का अपनी आखों के सामने बलात्कार कराएँ, शासकों (सोनिया) की दासता स्वीकार करें अपनी संस्कृति मिटायें अथवा जेल जाएँ| आप के अपराध परिस्थितिजन्य हैं, जिनके लिए भारतीय संविधान उत्तरदायी है| आप संविधान के दास हैं| कुछ नहीं कर सकते| आप सहयोग दें तो ऐसे भारतीय संविधान को आर्यावर्त सरकार रद्द करेगी|

इससे भी अहम है भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३१ प्रदत्त सम्पत्ति के मौलिक अधिकार का विलुप्तिकरण! जिस अधिकार को अँगरेज़ और संविधान सभा के लोग छीन पाए, उसे भ्रष्ट सांसदों और जजों ने मिल कर लूट लिया ( आई आर १९५१ एस सी ४५८) और अब तो इस अनुच्छेद को भारतीय संविधान से ही २०--१९७९ से मिटा दिया गया है|

फिर भी अम्बानियों, टाटा, बिड़ला, आदि के पास अकूत सम्पत्ति, कारखाने और महल हैं| सोनिया किसानों की जमीनें और गरीब लोगों की झोपडियां और झुग्गियां तक लूट रही है| भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) के अधिकार से कांग्रेस ने लोगों की जमीनें लूटीं, जमींदारी लूटी, राजाओं को लूटा, प्रिवीपर्स लूटा, बैंक लूटा, सोना लूटा, खाने लूटीं, कारखाने लूटे, किसने क्या बिगाड़ लिया? और तो और सोनिया हुतात्माओं के स्मारक की भूमि तक लूट रही है|

जब तक भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ अस्तित्व में रहेंगे, सोनिया को अम्बानियों आदि को लूटने से कोई नहीं रोक सकता|

वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाना, ईसाइयत और इस्लाम का संरक्षण, लूट, हत्या और नारी बलात्कार संसद और विधायिका का विशेषाधिकार है| कार्टूनिस्ट श्री असीम त्रिवेदी पर अभियोग और अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के अधिकारियों का सन २००८ से बंदी रहना इसका प्रमाण है|

http://www.aryavrt.com/muj11w15c-jan-lokpal

http://www.aryavrt.com/ahc-rg-12806y

http://www.aryavrt.com/pension

सोनिया जिसकी चाहे सम्पत्ति लूट रही है| जिसे चाहे अभयदान दे रही है और जिसे चाहे जेल भेज रही है| मधु कोड़ा, येदियुरप्पा, मुलायम और मायावती सोनिया के स्वछन्द लूट के प्रमाण हैं| राजस्व अभिलेखों में जालसाजी कराकर सोनिया ने सत्ता में आते ही गोरखपुर स्थित हुतात्मा रामप्रसाद बिस्मिल के स्मारक की ३.३ एकड भूमि लूट कर ३३ करोड रुपयों में ब्यवसायिकों को बेंच दिया और अब वहाँ होटल और माल बन गए हैं| हम लोग मामला कलाम के यहाँ भी ले गए और लखनऊ और इलाहाबाद उच्च न्यायालय में भी| लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय के शमित मुखर्जी कांड के बाद जज इतने भयभीत हैं कि किसी जज को साहस नहीं हुआ कि मामले की सुनवाई करे| जब सोनिया के मातहत मुलायम और तत्कालीन राज्यपाल टी.वी. राजेश्वर ने हुतात्मा की भूमि ही न छोड़ी, जिनके बलिदान के कारण यह लोग सत्ता में आये, तो और किसे छोड़ेंगे?

भारतीय संविधान को कोई खूनियों का परिरक्षक, प्रतिरक्षक,  संरक्षक और भ्रष्टाचारी नहीं मानता| प्रेसिडेंट, प्रधानमंत्री और राज्यपाल सोनिया द्वारा मनोनीत मातहत व उपकरण है| जज व नागरिक दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं १९६ व १९७ के अधीन, सोनिया के मनोनीत, राज्यपालों द्वारा शासित हैं| अहिंसा, सांप्रदायिक एकता और शांति प्रक्रिया की आड़ में ईसाइयत व इस्लाम मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर वैदिक संस्कृति को मिटा रहे हैं| वे हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो|" (बाइबल, लूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना) बाकी न रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये|" (कुरान, सूरह अल अनफाल ८:३९). स्पष्टतः वैदिक सनातन धर्म मिटाना दोनों का घोषित कार्यक्रम है|

सांसद व मीडियाकर्मी एफडीआई पर नौटंकी बंद करें| देश की जनता लुप्त अनुच्छेद ३१ (संपत्ति का मौलिक अधिकार} का पुनर्जीवन और भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) का उन्मूलन चाहती है| दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ व १९७ का भी उन्मूलन चाहती है| जिस समाजवाद की आड़ में जनता को लूटा गया था, वह चीन में भी दफन हो चुका है|

सम्पादक|

Comments