Muj12W28 NGNlands

Text Box: Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 17 Year 17 ISSUE 28, July 13~ July 19, 2011. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9838577815 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj12W28NGNlands     Text Box: मुजहना-MUJAHANA weekly 77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT) R.N.I. REGISTRATION No.68496/97 Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.                                                                                           



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जमीन कब्जाने में भाजपा विधायक के खिलाफ आरोपपत्र

विषय: मेरी भूमियों खसरा संख्या ८८६ रकबा .६८, ९२७/ .२० एकड़, मौजा तुर्कमान पुर४६७मि मौजा लच्छीपुर २१० वर्ग मीटर तप्पा कस्बा, परगना हवेली, तहसील सदर, जिला गोरखपुर, की भारतीय संविधान से अधिकार प्राप्त कर सोनिया द्वारा लूट|

संदर्भ: दीवानी याचिका संख्या ९६७२/१९८८ रिट सी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक २८.०७.१९८९, ०९.०८.१९८९. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा ४८२ के अधीन प्रार्थना पत्र संख्या १९७३/२०१२ में पारित आदेश दिनांक १७.०१.२०१२

एवं

सैकड़ों पत्र जिनमे मुझे कुछ का ही उत्तर मिला है, जो निम्न लिखित हैं,

मुख्य सचिव का पत्र संख्या २६२१/एमएस/पी/२००९; दिनांकित १७.१२.२००९; ४९३ व ४९४/एमएस/पी/२००९ दिनांकित २७.०४.२०१०; राज्यपाल सचिवालय का पत्र संख्या पीआईओ ५७४१/जीएस दिनांकित २९.०४.२०१०; ६६९/एमएस/पी/२००९ दिनांकित ०७.०६.२०१०; ७४१/एमएस/पी/२०१० दिनांकित २५.०६.२०१०; न्याय मंत्रालय का पत्र संख्या  एल. १५०१२/१०/२०११-जेयूएस दिनांकित २२.०३.२०११; ६५४/एमएस/पी/२०११ दिनांकित २१.०६.२०११; १४६५/एमएस/पी/२०११ दिनांकित १०.१०.२०११; ५१७०/एमएस/पी/२०११ दिनांकित १४.०७.२०११; अभी तमाम पत्र और भी हैं|

मानव जाति सोनिया के ईसा, भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) व दं०प्र०सं०कीधारा१९६व१९७' से पीड़ित है| मनुस्मृति के अनुसार,

दण्डः शास्ति प्रजाः सर्वा दण्ड एवाभिरक्षति ।

दण्डः सुप्तेषु जागर्र्ति दण्डं धर्म विदुर्बुधाः ॥2

भावार्थः (अपराधियों को नियंत्रण में रखने के लिए दण्ड की व्यवस्था हर प्रभावी एवं सफल शासकीय तंत्र का आवश्यक अंग होती है ।) यही दण्ड है जो प्रजा को शासित-अनुशासित रखता है और यही उन सबकी रक्षा करता है । यही दण्ड रात्रिकाल में जगा रहता है और इसी को विद्वज्जन धर्म के तौर पर देखते हैं । १९९० से आज तक राष्ट्रीय न्याय आयोग लागू न हो सका| इसके कारण जज सोनिया के कठपुतली बन कर वादकारियों को लूटने में लगे हुए हैं|

जागरण समाचार ने प्रकाशित किया है, लोकायुक्त पुलिस ... डीएसपी मंजूनाथ के मुताबिक मुनिराजू पर केस चलाने के लिए स्पीकर से मंजूरी मिल गई है।  देखें नीचे लिंक पर,

http://in.jagran.yahoo.com/news/national/crime/BJP-MLA-chargesheeted-land-grab-case_5_18_9464906.html

मैं जानना चाहता हूँ कि सोनिया और भारतीय संविधान के विरुद्ध केस चलाने के लिए मंजूरी कौन देगा?

भारतीय संविधान ने राज्यपालों, जजों व लोकसेवकों की पद, प्रभुता और पेट को वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश से जोड़ दिया है|

जज न्याय करने का अधिकार उसी क्षण खो देते हैं, जिस क्षण वे भारतीय संविधान व विधियों की मर्यादा बनाये रखने की शपथ लेते हैं. {भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) व भारतीय संविधान, तीसरी अनुसूची, प्रारूप ४ व ८}. क्यों कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) हर मुसलमान और ईसाई को जजों सहित जनसेवकों व मानव मात्र के नारियों के बलात्कार, लूट, हत्या और वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश का ईसाइयत और इस्लाम को असीमित मौलिक अधिकार देता है. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ व १९७ के अधीन जज, जनसेवक और जनता राज्यपालों के आज्ञाकारी नौकर हैं. जजों को वैसे ही नाचना है, जैसे सोनिया की पुलिस नचाये| जजों को नाबदान के चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए.

राज्यपाल भूमाफिया, भ्रष्ट और आतंकवादी हैं. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल टीवी राजेश्वर ने गोरखपुर स्थित हुतात्मा रामप्रसाद बिस्मिल के स्मारक की ३.३ एकड़ भूमि ३३ करोड़ रुपयों में व्यापारियों के हाथ बेच दी. जिसके बलिदान के कारण राज्यपाल बना, जब उसे ही नहीं छोड़ा, तो किसे छोडेगा? अब राज्यपाल बनवारी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के अंतर्गत मुख्यमंत्री मायावती को संरक्षण दे रहा है. मायावती इंजीनियरों को कत्ल करवा रही है और जन्मदिन पर नोटों की माला पहन रही है. प्रदेश को लूट रही है, हिस्सा राज्यपाल बनवारी और सोनिया को दे रही है.  जज न्याय के नाम पर अन्याय करते हैं. ‘सत्यमेव जयते’ को पीछे धकेल कर, काला लबादा पहन कर, जिस पर कोई दाग नहीं लग सकता, विजय को जजों ने गले में उल्टा लटका रखा है. यानी जज तो न्याय कर ही नहीं सकते!

जजों ने अपने जहरीले दांत तो उसी दिन दिखा दिए थे, जिस दिन जजों ने नागरिकों को प्राप्त संपत्ति के मौलिक अधिकार को लूटा जाना न्याय माना था. भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३१ प्रदत्त सम्पत्ति के जिस अधिकार को अँगरेज़ और संविधान सभा के लोग न छीन पाए, उसे भ्रष्ट सांसदों और जजों ने मिल कर लूट लिया और अब तो इस अनुच्छेद को भारतीय संविधान से ही मिटा दिया गया है. इसे कोई भ्रष्टाचार नहीं मानता! (ए आई आर १९५१ एस सी ४५८).

न्यायपालिका भ्रष्टाचार, ठगी, शोषण, उत्पीड़न, कानूनी छल, जालसाजी, बेईमानी आदि का संगठित तंत्र है. जजों को न्याय के लिए नहीं, अपितु जनसेवकों द्वारा एन केन प्रकारेण जनता से लूटी गई सम्पत्तियों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३००(अ) के अधीन बचाने के लिए नियुक्त किया जाता है. बदले में जजों को वादकारियों को लूटने की पूरी छूट मिली हुई है| प्रमाण के लिए निम्नलिखित लिंक पढ़ें:-

http://www.aryavrt.com/muj11w15c-jan-lokpal

http://www.aryavrt.com/bhrshtachar-kab

भारत में कोई लोकतंत्र नहीं है. भारत में सोनिया के लिए, सोनिया द्वारा चुना गया सोनिया तंत्र है. सर्व विदित है कि प्रेसिडेंट प्रतिभा का मनोनयन सोनिया ने किया. प्रधानमंत्री का मनोनयन सोनिया ने ही किया है. सभी राज्यपालों का मनोनयन सोनिया ही करती है और सभी कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्य मंत्री सोनिया द्वारा मनोनीत हैं. सभी जज दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ व १९७ के द्वारा शासित हैं व सोनिया के कठपुतली हैं. यदि सोनिया को ही देश का सुपर प्रधानमंत्री बनना था तो विक्टोरिया में क्या बुराई थी? एलिजाबेथ में क्या बुराई है? क्यों बहाए हमारे पूर्वजों ने रक्त?

भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ ने हमे प्राण रक्षा का अधिकार दिया है. हम इसलिए लड़ रहे हैं कि आप धूर्त पुरोहितों और शासकों के दास न बनें. मुसलमान और ईसाई आप की आँखों के सामने आप की नारियों का बलात्कार न करने पायें. आप के घर न लूट लिए जाएँ और आप कत्ल न कर दिए जाएँ. हम आतताई अल्लाह व जेहोवा को भगवान मानने के लिए तैयार नहीं हैं और न कुरान व बाइबल को धर्म पुस्तक स्वीकार करते हैं. हम भारतीय संविधान, कुरान व बाइबल को मानवता का शत्रु मानते हैं. जो नहीं मानता, वह दया का पात्र है.

जब हमने बाबरी ढांचा गिराया था तो मात्र कश्मीर में १०८ मंदिर तोड़े गए, जिनमे से ३८ की विधिवत प्राथमिकियां पंजीकृत हैं. जिसका विवरण हमारी पुस्तक 'अजान' के १० वें संलग्नक में उपलब्ध है. इन्हें आप हमारी वेब साईट http://www.aryavrt.com/azaan पर निः शुल्क पढ़ सकते हैं. लेकिन सोनिया के रोम राज्य में मंदिर तोड़ना अपराध नहीं माना जाता! बाबरी विध्वंस के ४९ अभियुक्त बने और १७ वर्षों तक लिब्रहान आयोग जाँच की नौटंकी करता रहा. हमने १५ जनवरी २००१ को शपथपत्र दिया कि ढांचा हमने गिराया है, उसे चुरा लिया. जनता का करोड़ रुपया डकार गया. लेकिन हमारे मंदिरों को तोड़ने वाला कोई अभियुक्त नहीं और कोई जाँच आयोग| मंदिर तोड़ने वालों के विरुद्ध क्या कार्यवाही होगी? क्या सोनिया बताएगी?

हमने कुरान के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका स० १५|१९९३ प्रस्तुत की थी, जो निरस्त कर दी गई. मैंने पत्रक मुसलमानों भारत छोड़ोऔर ईश्वर अल्लाह कैसे बना?’ प्रकाशित किया और बांटा था. जिनके आधार पर मेरे विरुद्ध थाना रूपनगर, दिल्ली से दो अभियोग क्रमशः ७८/१९९३ व १३७/१९९३ चले थे, जिनमे मुझे ३ जुलाई, १९९७ को दोषमुक्त कर दिया गया. बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान का विरोध करने के कारण प्रेस परिषद में अभियोग चला, जिसमें मै दिनांक २५-०२-२००२ को दोषमुक्त हुआ. अभी मेरे विरुद्ध रूपनगर थाने से अभियोग ४४०/१९९६ व ४८४/१९९६ चल रहे हैं. मैंने कानपूर में पाकपिता गाँधी की प्रतिमा तोड़वा कर हुतात्मा श्री नथूराम गोडसे की प्रतिमा लगवाई थी. वह अभियोग १२७/१९९७ थाना रूपनगर, दिल्ली से चल रहा है. इसके अतिरिक्त थाना नरेला दिल्ली से प्राथमिकी स० ४०६/२००३ व १६६/२००६ ईसाइयत और इस्लाम का विरोध करने के कारण अभियोग चल रहा है. मैं अजान के विरोध के कारण चले अभियोग प्राथमिकी स० ११०/२००१ से दिनांक २६ फरवरी, २००५ को और आई एस आई एजेंट बुखारी को बंदी बनाये जाने की मांग के कारण चले अभियोग १०/२००१ से दिनांक ०४-०२-२०१० को आरोप मुक्त हो चुका हूँ.

मानवता को मिटाने की व्यवस्था तो भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) का संकलन करके २६ नवम्बर, १९४९ को ही पूरी कर ली गई है. आप लोगों की समझ में आये तो ईसाइयत और इस्लाम मिटाने में हमारा सहयोग कीजिए| देश में जिसके अंदर लेशमात्र स्वाभिमान बचा हो, हमसे जुड़े़| आप सहयोग दें तो हम ईसाइयत और इस्लाम को मिटायेंगे.

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी. सूचना सचिव. आर्यावर्त सरकार| भारत

 

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AyodhyaP Tripathi,
Jul 14, 2012, 11:14 AM
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