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माननीय अखिलेश जी को बधाई

आर्यावर्त सरकार के कुलपति जगत गुरु स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ (मालेगांव के अभियुक्त) और उनके मंत्रिमंडल की ओर से मै अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, सूचना सचिव, आप के मुख्य मंत्री चुने जाने पर आप को बधाई देता हूँ|

मुझे आप को श्राप या आशिर्वाद देने की कोई आवश्यकता नहीं है| भारतीय संविधान, जिसमे आप ने आस्था व निष्ठा की शपथ ली है, (भारतीय संविधान, तीसरी अनुसूची, प्रारूप ५व६) कुटरचित परभक्षी अभिलेख है| संविधान ने आप की पद, प्रभुता और पेट को वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश से जोड़ दिया है| आप दया के पात्र हैं| आप के पास भारतीय संविधान ने नागरिकों को लूटने व दास बनाने के अतिरिक्त {भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) और अनुच्छेद ३९(ग)} कोई विकल्प नहीं छोड़ा है| वर्तमान परिस्थितियों में दंप्रसंकीधारा१९७ के अधीन सोनिया द्वारा सबका भयादोहन हो रहा है| आप लूटें तो जेल जाएँ और न लूटें तो जेल जाएँ| या तो आप स्वयं अपनी मौत स्वीकार करें, अपनी नारियों का अपनी आखों के सामने बलात्कार कराएँ, शासकों (सोनिया) की दासता स्वीकार करें व अपनी संस्कृति मिटायें अथवा मुख्य मंत्री न रहें| आप के अपराध परिस्थितिजन्य हैं, जिनके लिए भारतीय संविधान उत्तरदायी है|

अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन अमेरिका के लाल भारतीयों व उनकी माया संस्कृति की भांति, इंडिया के काले भारतीयों और उनकी वैदिक सनातन धर्म को समूल नष्ट करने के लिए किया है| मुख्य मंत्री अखिलेश जी! अमेरिकी, अफ़्रीकी, आष्ट्रेलियाई आदि धरतियां आज भी हैं| अंतर पड़ा है वहाँ के आदिवासियों के स्वतंत्रता और संस्कृतियों के विनाश का| इंडिया भी रहेगा, लेकिन आप का वैदिक सनातन धर्म नहीं रहेगा| आप की आने वाली संततियां यादव नहीं रह जाएँगी| या तो वे ईसा की भेंड़ बन जाएँगी अथवा कत्ल कर दी जाएँगी| एक अंतर और भी है, जहां उपरोक्त संस्कृतियों को मिटाने के लिए ईसाइयत और इस्लाम को परिश्रम करना पड़ा था; वहीं भारतीय संविधान का संकलन कर वैदिक सनातन धर्म और राज्य प्रणाली को बिना श्रम मात्र शब्दों की बाजीगरी से समाप्त कर दिया गया है| आप का वैदिक सनातन धर्म पूरे विश्व में था; आप के पास उपासना की आजादी थी (गीता ७:२१), जीने का अधिकार था और सम्पत्ति व पूँजी रखने का भी| (मनुस्मृति ८:३०८).

हमारे पूर्वजों ने ईसा को अपना राजा स्वीकार नहीं किया. उलटे १८५७ से ही ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया. हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग भी जारज व प्रेत ईसा को अपना राजा स्वीकार नहीं करते (बाइबल, लूका १९:२७) और लुटेरे, (कुरान ८:१, ४१ व ६९), हत्यारे (कुरआन ८:१७) और बलात्कार कराने वाले अल्लाह की पूजा (कुरान २:१९१) नहीं करते| इसी अपराध के लिए हमें दंडित किया जा रहा है| हमारे ९ अधिकारी, जो ईसाइयत, चर्च, इस्लाम, अजान और मस्जिद विरोधी हैं, मालेगांव बम कांड में जेलों में हैं| धरती पर एक से बढ़ कर एक त्रिकालदर्शी, योद्धा, चिन्तक, समाज सुधारक और बुद्धिमान पैदा हुए, लेकिन, मालेगांव व अन्य मस्जिदों पर विष्फोट के अभियुक्त और जेल में निरुद्ध, जगतगुरु श्री अमृतानंद के अतिरिक्त किसी ने भी ईसाइयत और इस्लाम का विरोध नहीं किया. उनके आशीर्वाद से हम आप के लिए लड़ रहे हैं. क्या आप हम लोगों की सहायता करेंगे, ताकि सोनिया आप की आँखों के सामने आप की सम्पत्ति और घर न लूट ले| आप धूर्त पुरोहितों और शासकों के दास न बनें| आप के दुधमुंहे आप की आँखों के सामने पटक कर न मार डाले जाएँ, नारियों का सोनिया बलात्कार न करा पाए और आप कत्ल न हों? (बाइबल, याशयाह १३:१६).

दास बनाने के लिए किसान सांड को वीर्यहीन कर बैल बनाता है| शासक यहूदी और मुसलमान का खतना कर, हिन्दुओं की नसबंदी कर दास बनाते हैं ईसाई को भेंड़ बनाते हैं| हम वीर्यहीन बनने के लिए तैयार नहीं हैं| स्वतंत्रता और विवेक के लिए इन मजहबों में कोई स्थान नहीं है| कुरान २:३५ व बाइबल, उत्पत्ति २:१७. हम गायत्री मंत्र द्वारा ईश्वर से बुद्धि को सन्मार्ग पर ले जाने की प्रार्थना करते हैं| हमारी गीता मानव मात्र को उपासना की आजादी देती है| (गीता ७:२१), हम जेहोवा और अल्लाह के उपासना की दासता स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं| अजान व नमाज को पूजा मानने के लिए तैयार नहीं हैं| मैं आतताई अल्लाह व जेहोवा को भगवान मानने के लिए तैयार नहीं हूँ और न अजान व नमाज को पूजा मानता हूँ| हम बेटी (बाइबल, , कोरिन्थिंस ७:३६) से विवाह कराने वाले ईसा व पुत्रवधू (कुरान, ३३:३७-३८) से निकाह कराने वाले अल्लाह और धरती के किसी नारी के बलात्कार के बदले स्वर्ग देने वाले (बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६) जेहोवा और अल्लाह को ईश्वर मामने के लिए तैयार नहीं हैं| हम भारतीय संविधान, कुरान व बाइबल को मानवता का शत्रु मानते हैं और मस्जिद, जहां से हमारे ईश्वर की निंदा की जाती है, को नष्ट कर रहे हैं| हम जानना चाहते हैं कि अजान का विरोध और मस्जिद का विष्फोट अपराध कैसे है? जो भी ईसाइयत और इस्लाम का समर्थक है, मानव जाति का शत्रु है| वह जीवित नहीं बचेगा!

हमारे जगत गुरु स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ इसलिए जेल में हैं और आज हम इस लिए प्रताड़ित हो रहे हैं, कि हम अपना देश और वैदिक सनातन धर्म वापस चाहते हैं| निःशुल्क ब्रह्मचर्य और ब्रह्मज्ञान की शिक्षा के केन्द्र गुरुकुलों को पुनर्स्थापित करना चाहते हैं| हम दासता की बेड़ियों से मानव जाति को मुक्त कराना चाहते हैं|

क्या आप को लज्जा नहीं आती? आप के देश से कटे दो भूभाग पर दो इस्लामी राज्य हैं| नागालैंड में संघ सरकार के समानांतर दो ईसाई राज्य चल रहे है| एक करोड़ से कम आबादी वाले यहूदियों का अपना देश इजराइल है| लेकिन आप के हिंदू धर्म, जिसके एक अरब अनुयायी हैं, का संसार में कोई राज्य नहीं! एकमात्र हिंदू राष्ट्र नेपाल भी समाप्त हो गया!! जानते हैं क्यों? क्यों कि वैदिक सनातन धर्म किसी को दास नहीं बनाता|

२६ नवम्बर १९४९ को हमारे साथ छल हुआ था. संविधान सभा के लोग अंग्रेजों के सत्ता हस्तांतरण के बाद जनता के चुने प्रतिनिधि नहीं थे. क्यों कि पहला चुनाव ही १९५२ में हुआ. संविधान का संकलन कर उसे जनता के सामने नहीं रखा गया और न जनमत संग्रह हुआ. फिर हम इंडिया के लोगों ने संविधान को आत्मार्पित कैसे किया? हम अभिनव भारत और आर्यावर्त के लोगों ने यही पूछने का दुस्साहस किया है. इससे बड़ा दुस्साहस यह किया है कि हमने आर्यावर्त सरकार का गठन कर लिया है| इस प्रकार हमने सोनिया के रोम राज्य को चुनौती दी है| बंदा बैरागी, सिक्खों के दसो गुरुओं, गुरु गोविन्द सिंह के पुत्रों, भाई सती और मती दास की भांति हम सोनिया द्वारा सताए जा रहे हैं. (बाइबल, लूका १९:२७). इससे भी भयानक बात यह है कि आज हमें तब की भांति मुसलमान नहीं सता रहे, बल्कि वे सता रहे हैं, जिनकी जान, संस्कृति, सम्पत्ति और नारियों की रक्षा के लिए हम लड़ रहे हैं| आप यह युद्ध नहीं लड़ सकते| लेकिन हमारी सहायता कर सकते हैं|

इंडिया में भारतीय संविधान का शासन नहीं चलता और न देश में लोकतंत्र ही है| इंडिया में जनतंत्र नहीं सोनिया केलिए, सोनिया द्वारा चुनागया सोनियातंत्र है. सर्वविदित है कि प्रेसिडेंट प्रतिभा का मनोनयन सोनिया ने किया| प्रधानमंत्री, सभी राज्यपाल व सभी कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्य मंत्री सोनिया द्वारा मनोनीत हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) के बल पर और दंप्रसंकीधारा१९७ के संरक्षण में लोकसेवक नागरिकों को लूट रहे हैं| नागरिक, पुलिस अथवा जज लोकसेवक पर तभी कार्यवाही कर सकते हैं, जब सोनिया या उसके मनोनीत प्रेसिडेंट या राज्यपाल अनुमति दें| यानी आज जनता को लूटने का व कत्ल कराने का एकाधिकार सोनिया के पास है| मीडियाकर्मी जनताको इनकालेकानूनों के बारे में नहीं ताते| यदि सोनिया को ही देश का सुपर प्रधानमंत्री बनना था तो विक्टोरिया में क्या बुराई थी? एलिजाबेथ में क्या बुराई है? क्यों बहाए हमारे पूर्वजों ने रक्त? निर्णय करें|

राज्यपाल की विशेषता यह है कि वह जनता का चुना प्रतिनिधि नहीं होता, बल्कि सोनिया का मनोनीत प्रदेश का शासक होता है, जिसे सोनिया जब चाहे उसके पद से हटा सकती है| यद्यपि राज्यपाल जनता का प्रतिनिधि नहीं होता, फिर भी जनता द्वारा चुनी हुई किसी भी सरकार को हटा कर राष्ट्रपति शासन लागू कर सकता है|

यह कैसा लोकतंत्र व चुनाव है, जिसमे सोनिया द्वारा मनोनीत राज्यपाल प्रदेश की जनता द्वारा चुने हुए सरकार को मिनटों में हटा देता है? येदियुरप्पा तो जेल जा सकते हैं; लेकिन मुख्य मंत्री मायावती व आप के पिता श्री जेल नहीं जा सकते! चुनाव द्वारा मतदाता भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) व ३९(ग) में कोई परिवर्तन नहीं कर सकते| ज्ञातव्य है कि अनुच्छेद २९(१) किसी को जीने का अधिकार नहीं देता और ३९(ग) किसी नागरिक को सम्पत्ति व पूँजी रखने का अधिकार नहीं देता| मुख्य मंत्री अखिलेश जी! यह अधिकार आप के पास भी नहीं है! यहाँ तक कि मुसलमानों और ईसाइयों के पास भी नहीं| इंडिया आज भी ब्रिटिश उपनिवेश [भारतीय संविधान का अनुच्छेद ६(ब)(||)] और राष्ट्रकुल का सदस्य है|

इंडिया के नागरिकों के स्व (अपने) तन्त्र की सीमायें हैं| मत लेकर आप ने हमें इन सीमाओं के अंदर रना स्वीकार किया है| इंडिया के नागरिक इन सीमाओं से बाहर नहीं जा सकते. जिनमें से मुख्य निम्नलिखित हैं,

नागरिक के पास सम्पत्ति नहीं रहने दी जायेगी. [भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) और लुप्त अनुच्छेद ३१]. सम्पत्ति समाज की ही रहेगी| लूट का माल अल्लाह (कुरान ८:१; ४१ व ६९) और ईसाई (बाइबल, व्यवस्था विवरण २०:१४) का बना रहेगा| इसे भ्रष्टाचार भी नहीं माना जायेगा| दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के अधीन जनता के सम्पत्ति के लुटेरे लोकसेवकों का नियंत्रण राज्यपालों के हाथ में बना रहेगा| जब तक सोनिया को हिस्सा मिलेगा, आप की व लोक सेवकों की नौकरी पक्की रहेगी| लूट शिष्टाचार बना रहेगा| जब सोनिया को हिस्सा नहीं मिलेगा, लूट भ्रष्टाचार बन जायेगा|

भारतीय संविधान का संकलन इस प्रकार हुआ है कि आप तभी तक पद पर रहेंगे, जब तक प्रदेश को लूटेंगे और सोनिया तक हिस्सा पहुंचाएंगे| अन्यथा आप जेल भेज दिए जायेंगे| आप के पिता श्री भी जेल इसलिए नहीं गए कि उन्होंने सोनिया को हिस्सा दिया| अन्यथा मधु कोड़ा व येदियुरप्पा को देखें|

राजा धर्म का रक्षक होता है| जब कि गणतन्त्र पंथनिरपेक्ष है|                       सम्पादक.

 

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AyodhyaP Tripathi,
Mar 11, 2012, 8:54 PM
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AyodhyaP Tripathi,
Mar 11, 2012, 8:55 PM
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