Muj12W03 Chunav DhokhaHai

eRegistration Number is : PRSEC/E/2012/00888

Dated: Thursday, January 19, 2012

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word.

काबा मूर्तिपूजकों की है| कुरान लूट संहिता है||अजान 

गैर-मुसलमानों के आस्था का अपमान है|||

श्री सुरोलिया जी को प्रणाम|

न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध श्री रमेश उपाध्याय व अन्य वैदिक 

सनातन धर्म के योद्धाओं को प्रत्याशी बनाने का प्रयास वन्दनीय है| 

लेकिन हमारे प्रत्याशियों को भारतीय संविधान में आस्था व निष्ठा 

की शपथ लेने से स्पष्ट रूप से अस्वीकार करना है, क्यों कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) ईसाइयत और इस्लाम 

को वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए संरक्षण देता है  और सर्वोच्च न्यायालय भी जाना है, क्यों कि शपथ न लेने 

की दशा में उन्हें प्रत्याशी बनाने से चुनाव आयोग मना कर देगा| अनुच्छेद नीचे उद्धृत है,

अल्पसंख्यक-वर्गों के हितों का संरक्षण- "२९(१)- इंडिया के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी 

नागरिकों के किसी अनुभाग को, जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाये रखने का 

अधिकार होगा." भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) भाग ३ मौलिक अधिकार.

आतंक या जिहाद और मिशन

मुसलमान और ईसाई अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि क्रमशः विश्व की द्वितीय व प्रथम आबादी हैं. अल्पसंख्यक तो हम वैदिक सनातन

 धर्म के अनुयायी हैं. भारतीय संविधान के अधिकार से सोनिया हमे मिटा रही है. जिन मुसलमानों व ईसाइयों को पाकपिता गाँधी 

ने रोका है वे उपरोक्त असीमित मौलिक अधिकार और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन सरकार से प्रायोजित संरक्षण मे 

इंडिया को दार उल इस्लाम व ईसा का राज्य बनाना चाहते हैं. हम ऐसा नहीं होने दे रहे हैं| इसीलिए हम सोनिया द्वारा पीड़ित हैं|

अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन वैदिक सनातन धर्म और उसके अनुयायियों को मिटाने के लिए किया है.

अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन कर जिन ईसाइयत और इस्लाम को इंडिया में रोका है, उन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया. लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए. भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से संरक्षित ईसाइयत व इस्लाम मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर वैदिक संस्कृति को मिटा रहे हैं. वे हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो." (बाइबल, लूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना)  बाकी न रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये." (कुरान, सूरह  अल अनफाल ८:३९). स्पष्टतः वैदिक सनातन धर्म मिटाना दोनों का घोषित कार्यक्रम है| अतएव वैदिक सनातन धर्म की रक्षा के लिए संविधान के अनुच्छेद २९(१) का उन्मूलन व ईसाइयत और इस्लाम का धरती से सफाया आवश्यक है. क्यों कि भारतीय संविधान ने राज्यपालों, जजों व लोकसेवकों की पद, प्रभुता और पेट को वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश से जोड़ दिया है.

दया के पात्र मीडिया कर्मियों, विधायकों, सांसदों, जजों, राज्यपालों और लोक सेवकों के पास कोई विकल्प नहीं है. या तो वे स्वयं अपनी मौत स्वीकार करें, अपनी नारियों का अपनी आखों के सामने बलात्कार कराएँ, शासकों (सोनिया) की दासता स्वीकार करें व अपनी संस्कृति मिटायें अथवा नौकरी न करें. इनके अपराध परिस्थितिजन्य हैं, जिनके लिए भारतीय संविधान उत्तरदायी है. ऐसे भारतीय संविधान को रद्दी की टोकरी में डालना अपरिहार्य है| हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग ईसाइयत और इस्लाम को इंडिया में रखने वाले भारतीय संविधान को रद्द करने की मुहिम में लगे हैं| सोनिया के देश पर आधिपत्य को स्वीकार करते ही आप ईसा की भेंड़ हैं. आइये मानव बनें|

नेताओं, सुधारकों, संतों, मीडिया, इस्लामी मौलवियों, मिशनरी और जजों सहित लोकसेवकों द्वारा जानबूझ कर मानवता को धोखा दिया जा रहा हैं. सच छुपा नहीं है, न ही इसे जानना मुश्किल है.  मानव उन्मूलन की कीमत पर  आतंकित और असहाय मीडिया जानबूझकर अनभिज्ञ  बनी हुई है. मुसलमानों और ईसाइयों द्वारा तब तक जिहाद और मिशन जारी रहेगा, जब तक हम उनके साधन और प्रेरणा स्रोत को नष्ट न कर दें. उनके साधन पेट्रो डालर और मिशनरी फंड और प्रेरणा स्रोत कुरान (कुरान ८:३९) और बाइबल (बाइबल, लूका १९:२७) हैक्या अपने बचाव हेतु आप आर्यावर्त सरकार की सहायता करेंगे?

आप अकेले यह युद्ध नहीं लड़ सकते. धरती पर एक से बढ़ कर एक त्रिकालदर्शी, योद्धा, चिन्तक, समाज सुधारक और बुद्धिमान पैदा हुए, लेकिन, मालेगांव व अन्य मस्जिदों पर विष्फोट, जिसका आप के पास भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ के अधीन कानूनी अधिकार है, के अभियुक्त और जेल में निरुद्ध, जगतगुरु श्री अमृतानंद के अतिरिक्त किसी ने भी ईसाइयत और इस्लाम का विरोध नहीं किया. उनके आशीर्वाद से हम आप के लिए लड़ रहे हैं. क्या आप हम लोगों की सहायता करेंगे, ताकि सोनिया आप की आँखों के सामने आप की सम्पत्ति और घर न लूट ले, आप के दुधमुंहे को आप की आँखों के सामने पटक कर न मरवा डाले, नारियों का बलात्कार न करा पाए और आप कत्ल न हों? (बाइबल, याशयाह १३:१६). और यदि आप हमें सहयोग नहीं देंगे तो मानव जाति ही मिट जायेगी. 

संविधान के अनुच्छेद ३१ के संशोधन को मान्यता, कुरान व बाइबल को संरक्षण (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४) समलैंगिक सम्बन्ध, सहजीवन, कन्याओं को पब में शराब पीने और नंगे नाचने का अधिकार, सगोत्रीय विवाह के कानून तो जजों ने ही पास किये हैं. बचना हो तो सोनिया को जेल भेजने में हमें सहयोग दीजिए.

आत्मघाती और धर्मद्रोही जजों सहित चुनाव आयोग को ज्ञात होना चाहिए कि यह संस्कृतियों का युद्ध है. ईसाइयत और इस्लाम आतताई और दास बनाने वाली संस्कृतियां हैं. भारतीय संविधान, ईसाइयत और इस्लाम है तो मानव जाति बच नहीं सकती| इस सत्य को छिपाने के लिए दंप्रसं की धारा १९६ का संकलन किया गया है| जो भी सच लिखता है, मिटा दिया जाता है|

हमने बाबरी ढांचा गिराया है. क्यों कि विवाद का मूल बिंदु है कि अपराध स्थल मस्जिद धरती पर क्यों रहें? मस्जिद बचाने वाले अपराधी हैं. स्वयं मैकाले के कथनानुसार १८३५ ई० तक मैकाले को पूरे इंडिया में एक भी भिखारी या चोर नहीं मिला क्यों कि तब वैदिक सनातन धर्म आधारित राजतंत्र था. पढ़ें मेरी पुस्तक ‘अजान’. हमारे १२ अधिकारी मक्कामालेगांव आदि के विष्फोट में बंद हैं. मनुष्य के पुत्र का मांस खाने वाली और लहू पीने वाली सोनिया (बाइबल, यूहन्ना ६:५३) द्वारा हम इसलिए सताए जा रहे हैं कि हम जानना चाहते हैं कि नारियों की लूट व उनके बलात्कार को निंदनीय न मानने वाला अल्लाह ईश्वर कैसे है? (कुरान ४:२४; २३:६; ३३:५० व ७०:३०). मुहम्मद की अपनी ही पुत्रवधू जैनब के साथ मुहम्मद का निकाह कराने वाला अल्लाह ईश्वर कैसे है? (कुरान, ३३:३७-३८). लुटेरा व हत्यारा अल्लाह ईश्वर कैसे है? मूर्ति भंजन कराने वाला अल्लाह ईश्वर कैसे है? (कुरान, बनी इस्राएल १७:८१ व कुरान, सूरह अल-अम्बिया २१:५८). बेटी से विवाह कराने वाला ईसा (बाइबल, , कोरिन्थिंस ७:३६), तलवार चलवाने वाला (बाइबल, मत्ती १०:३४), धरती पर आग लगाने वाला (बाइबल, लूका १२:४९), हत्या, लूट, बलात्कार, धर्मान्तरण और राष्ट्रांतरण की संहिताएं बाइबल व कुरान धर्मपुस्तक कैसे है?

जब हमने बाबरी ढांचा गिराया था तो मात्र कश्मीर में १०८ मंदिर तोड़े गए, जिनमे से ३८ की विधिवत प्राथमिकियां पंजीकृत हैं. जिसका विवरण हमारी पुस्तक 'अजान' के १० वें संलग्नक में उपलब्ध है. इन्हें आप वेब साईट http://www.aryavrt.com/azaan पर निः शुल्क पढ़ सकते हैं.

बाबरी विध्वंस के ४९ अभियुक्त बने और १७ वर्षों तक लिब्रहान आयोग जाँच की नौटंकी करता रहा. हमने १५ जनवरी २००१ को शपथपत्र दिया कि ढांचा हमने गिराया है, उसे चुरा लिया. जनता का ८ करोड़ रुपया डकार गया. लेकिन हमारे मंदिरों को तोड़ने वाला कोई अभियुक्त नहीं और न कोई जाँच आयोग. ४ मस्जिदों के विष्फोट के लिए हम भगवा आतंकवादी हैं! हम जानना चाहते हैं कि १०८ मंदिर तोड्वाने वाली सोनिया सरकार कौन है? शपथपत्र तो लिब्रहान ने चुरा लिया लेकिन प्रेस वार्ता की विडिओ क्लिप क्लिक करें:-

http://www.youtube.com/watch?v=yutaowqMtd8

आतंकवादी भगवा धारी हैं या सरकार? हमारे मंदिरों पर सोनिया सरकार का कब्जा है, क्या किसी मस्जिद या चर्च पर भी सोनिया सरकार का कब्जा है?

हमने कुरान के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका स० १५/१९९३ प्रस्तुत की थी, जो निरस्त कर दी गई. मैंने पत्रक ‘मुसलमानों भारत छोड़ो’ और ‘ईश्वर अल्लाह कैसे बना?’ प्रकाशित किया और बांटा था. जिनके आधार पर मेरे विरुद्ध थाना रूपनगर, दिल्ली से दो अभियोग क्रमशः ७८/१९९३ व १३७/१९९३ चले थे, जिनमे मुझे ३ जुलाई, १९९७ को दोषमुक्त कर दिया गया. बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान का विरोध करने के कारण प्रेस परिषद में अभियोग चला, जिसमें मै दिनांक २५-०२-२००२ को दोषमुक्त हुआ. अभी मेरे विरुद्ध रूपनगर थाने से अभियोग ४४०/१९९६ व ४८४/१९९६ चल रहे हैं. मैंने कानपूर में पाकपिता गाँधी की प्रतिमा तोड़वा कर हुतात्मा श्री नथूराम गोडसे की प्रतिमा लगवाई थी. वह अभियोग १२७/१९९७ थाना रूपनगर, दिल्ली से चल रहा है. इसके अतिरिक्त थाना नरेला दिल्ली से प्राथमिकी स० ४०६/२००३ व १६६/२००६ ईसाइयत और इस्लाम का विरोध करने के कारण अभियोग चल रहा है. मैं अजान के विरोध के कारण चले अभियोग प्राथमिकी स० ११०/२००१ से दिनांक २६ फरवरी, २००५ को और आई एस आई एजेंट बुखारी को बंदी बनाये जाने की मांग के कारण चले अभियोग १०/२००१ से दिनांक ०४-०२-२०१० को आरोप मुक्त हो चुका हूँ.

हम मानव जाति की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं| यदि आप ससम्मान जीवन और सम्पत्ति चाहें तो हमारा सहयोग करें.

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी,

फोन: ९८६८३२४०२५ (9868324025)

७७ खेड़़ाखुर्द, दिल्ली – ११००८२.(भारत)


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AyodhyaP Tripathi,
Jan 19, 2012, 5:38 AM
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AyodhyaP Tripathi,
Jan 19, 2012, 5:33 AM
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